मंत्री का नाम लेकर उगाही, सीकर में कृषि विभाग के दो कर्मचारियों पर FIR
समझें क्या है पूरा मामला
- कृषि मंत्री के नाम पर 20 लाख की उगाही, दो पर मुकदमा दर्ज।
- सीकर में पकड़े दोनों आरोपियों ने बताया खुद को मंत्री का OSD।
- दोनों आरोपी संदीप और रजनीश कृषि पर्यवेक्षक हैं।
- FIR में देरी हुई, पुलिस ने जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया।
- कांग्रेस ने कृषि मंत्री पर निशाना साधते हुए इस्तीफे की मांग की।
राजस्थान के सीकर जिले में बीज विक्रेता से 20 लाख रुपए की रिश्वत मांगने के आरोप में दो कृषि पर्यवेक्षकों संदीप विश्नोई और रजनीश विश्नोई पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। दोनों ने खुद को कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा का करीबी बताते हुए रकम की मांग की थी।
इस मामले में बीज निगम के निदेशक जुगलकिशोर विश्नोई को भी एसीबी ने 2.59 करोड़ रुपए के साथ पकड़ा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कृषि मंत्री पर निशाना साधते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर में आंदोलन होगा।
मंत्री का OSD बताकर मांगे 20 लाख रुपए
यह मामला शुरू हुआ 2 जून को। सीकर के गोकुलपुरा तिराहे पर विकास सीड्स नाम की दुकान चलाने वाले रामलाल के पास एक फोन आया।फोन करने वाले ने अपना नाम सुमित कुमार बताया।
उसने खुद को कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा का ओएसडी (OSD – Officer on Special Duty) बताया और 20 लाख रुपए की मांग की। अगले दिन फिर फोन आया। इसी तरह की धमकी भरी मांग दोहराई गई।
होटल में पकड़े गए दोनों आरोपी
4 जून को बीज विक्रेता के बेटे विकास को सांवली सर्किल स्थित एक होटल में बुलाया गया। रामलाल खुद वहां पहुंचे। जब उन्होंने संबंधित व्यक्ति से पहचान पत्र मांगा तो वह ढंग से जवाब नहीं दे सका। इससे शक हुआ।
रामलाल ने तुरंत संदीप और रजनीश को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। उनका एक साथी मौके से भाग निकला।
शिकायत के चार दिन बाद दर्ज हुई FIR
5 जून को रामलाल ने सदर थाने में शिकायत दी। लेकिन उसी दिन संदीप की ओर से मारपीट का मामला भी दर्ज कर लिया गया। बीज विक्रेता की शिकायत पर तत्काल एफआईआर नहीं हुई। करीब चार दिन की जांच के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
सदर थानाधिकारी इंद्राज मरोड़िया ने कहा कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच होगी।
बीज निगम निदेशक भी हुए गिरफ्तार
इस मामले ने तब और बड़ा रूप ले लिया जब आरोपियों को छुड़ाने पहुंचे राजस्थान राज्य बीज निगम (RSSL - Rajasthan State Seeds Corporation Limited) के निदेशक जुगलकिशोर विश्नोई को बाद में बीकानेर में एसीबी (ACB - Anti Corruption Bureau) ने 2.59 करोड़ रुपए के साथ गिरफ्तार किया।
अदालत ने जुगल किशोर विश्नोई समेत कुल छह आरोपियों को एसीबी की पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया है। राजस्थान सरकार ने उन्हें निदेशक पद से हटा दिया है।
डोटासरा बोले, किरोड़ी नैतिक अधिकार खो चुके
इस पूरे प्रकरण पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पर सीधा हमला बोला। डोटासरा ने सोशल मीडिया पर एफआईआर की प्रति साझा करते हुए कहा कि मंत्री के नाम पर उगाही करने वालों को बचाने की कोशिश हुई।
उनका कहना था कि किरोड़ी लाल मीणा कृषि मंत्री बने रहने का नैतिक अधिकार खो चुके हैं और उन्हें तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से भी किरोड़ी लाल को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की।
कांग्रेस का आंदोलन की चेतावनी
सीकर जिला कांग्रेस ने प्रेस क्लब में पत्रकारों से बात की। जिला कांग्रेस कमेटीअध्यक्ष सुनीता गठाला और फतेहपुर विधायक हाकम अली खां ने कहा कि मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। अगर मुख्यमंत्री कार्रवाई नहीं करते तो प्रदेशभर में सड़क से सदन तक विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
FAQ
- सीकर बीज रिश्वत कांड क्या है?
सीकर के बीज विक्रेता रामलाल से दो कृषि पर्यवेक्षकों ने खुद को कृषि मंत्री का करीबी बताकर 20 लाख रुपए की रिश्वत मांगी। आरोपियों को होटल में पकड़कर पुलिस को सौंपा गया। जांच के बाद दोनों पर FIR दर्ज हुई और इस मामले से जुड़े बीज निगम निदेशक को ACB ने 2.59 करोड़ रुपए के साथ गिरफ्तार किया। - सीकर बीज रिश्वत मामले में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पर क्या आरोप हैं?
विपक्षी कांग्रेस का आरोप है कि आरोपी खुद को मंत्री का करीबी बताते थे और पकड़े जाने के बाद उन्हें छुड़ाने की कोशिश की गई। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने कहा है कि मंत्री नैतिक अधिकार खो चुके हैं। हालांकि मंत्री का पक्ष अभी आना बाकी है। - ACB ने बीज निगम निदेशक को क्यों गिरफ्तार किया?
राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक जुगलकिशोर विश्नोई सीकर बीज रिश्वत मामले के आरोपियों को छुड़ाने पहुंचे थे। बाद में ACB ने उन्हें बीकानेर में 2.59 करोड़ रुपए की नकदी के साथ गिरफ्तार किया। अदालत ने उन्हें पांच दिन की रिमांड पर भेजा है।
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