मंत्री संजय शर्मा को रास नहीं आ रहा सीकर, बैठक से मीडियाकर्मियों को किया बाहर
News In Short
- वन मंत्री संजय शर्मा ने सीकर में सरकारी बैठक से मीडिया को बाहर निकाला।
- सीकर में प्रेस को देख भड़के वन मंत्री संजय शर्मा, फिर बैठक से किया बाहर।
- बीजेपी पदाधिकारियों को बिठाया साथ, पत्रकारों ने किया प्रेस वार्ता का बहिष्कार।
- सीकर में पुराना है मंत्री जी का रिकॉर्ड, पहले कलेक्टर से भी उलझ चुके हैं शर्मा।
- डोटासरा का तीखा हमला, कहा सच और सवालों से डर रही है अहंकारी सरकार।
News In Detail
राजस्थान के वन मंत्री संजय शर्मा को सीकर जिला रास नहीं आ रहा है। पांच महीने पहले तत्कालीन कलेक्टर से उलझने वाले मंत्री बुधवार को सीकर में मीडियाकर्मियों से उलझ पड़े।
दरअसल वन मंत्री संजय शर्मा बुधवार को सीकर में बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन और वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान की समीक्षा बैठक में भाग ले रहे थे। संजय शर्मा सीकर के प्रभारी मंत्री हैं।
भाजपा सरकारों में तो यह चलता ही है
कलेक्ट्रट सभागार में चल रही बैठक का कवरेज करने स्थानीय मीडियाकर्मी पहुंचे थे। बैठक में भाजपा के पूर्व पदाधिकारी भी शामिल थे। लेकिन, मंत्री मीडिया को देखकर भड़क गए और उन्हें बाहर जाने को कहा।
मंत्री ने कहा कि मीडिया नेगेटिव खबरें चलाता है इसलिए बैठक के बाद आएं और वैसे भी यह सरकारी बैठक है। मीडियाकर्मियों ने कहा कि जब भाजपा के पूर्व पदाधिकारी बैठक में हो सकते हैं तो मीडिया से क्या परेशानी है। इस पर मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि यह तो भाजपा सरकारों में चलता ही आ रहा है।
इसके बाद मीडियाकर्मियों ने पीआरओ की ओर से आयोजित प्रेस कांफ्रेंस का बहिष्कार कर दिया। मामले को लेकर विपक्ष ने भी वन मंत्री और प्रशासन पर निशाना साधा है।
कलक्टर से उलझे थे संजय शर्मा
गौरतलब है कि वन मंत्री संजय शर्मा की 23 दिसंबर,2025 को नगर परिषद में तत्कालीन कलक्टर आईएएस मुकुल शर्मा से झड़प हो गई थी। इसके बाद विपक्ष ने सरकार व प्रशासन के बीच तालमेल नहीं होने को लेकर जमकर निशाना साधा था।
मंत्री संजय शर्मा ने मुकुल शर्मा के साथ सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होने से मना कर दिया था। लेकिन, प्रमोशन होने पर मुकुल शर्मा को जयपुर में मुख्यमंत्री का विशिष्ट सचिव लगाया गया।
सीकर से मुकुल शर्मा की विदाई के करीब डेढ़ महीने बाद संजय शर्मा बुधवार को सीकर पहुंचे थे। इस बार वे मीडिया से उलझ गए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने साधा निशाना
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर लिखा है कि आज सीकर जिला कलेक्ट्रेट में प्रभारी मंत्री संजय शर्मा के द्वारा ली गई। बैठक में जिस तरह से नियम-कानूनों एवं प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ, वो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। यह कोई भाजपा कार्यालय की बंद कमरे वाली बैठक नहीं थी।
डोटासरा के अनुसार यह जिला प्रशासन की सरकारी बैठक थी, जो संविधान, नियमों और पारदर्शिता की भावना से संचालित होनी चाहिए थी। एक तरफ बैठक में मीडिया को कवरेज से रोककर पारदर्शिता का गला घोंटा और दूसरी ओर बैठक में भाजपा पदाधिकारियों व अवांछित लोगों की मौजूदगी होना साफ बताता है कि भाजपा सरकार प्रशासनिक संस्थाओं को भी पार्टी कार्यालय की तरह चलाना चाहती है।
डोटासरा ने लिखा है कि सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर सरकारी बैठक में अवांछित राजनीतिक दखल किस नियम के तहत स्वीकार किया गया।
बैठक में पत्रकारों के साथ किया गया व्यवहार न केवल निंदनीय है, बल्कि बताता है कि सच और सवालों से वही सरकार डरती हैं, जिसके पास जवाब नहीं होते। जिस बैठक में जनता के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, वहां सत्ता का अहंकार और पक्षपात होना बेहद चिंताजनक है।
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