दस हजार सैलरी वाले युवक के खाते में दिखे एक लाख करोड़, बैंकिंग सिस्टम पर उठे सवाल
मोबाइल रिचार्ज करने गया तो सामने आया मामला
सीकर शहर के सालासर बस स्टैंड पर निर्मल मेडिकल पॉइंट नाम से मेडिकल स्टोर है। यहां देव गैस गोदाम के पास रहने वाला 22 साल का समीर खान पिछले करीब 10 महीने से काम कर रहा है।
समीर के मुताबिक, बुधवार 28 अक्टूबर को वह मोबाइल रिचार्ज करवाने की कोशिश कर रहा था। इसके लिए उसने कोटक महिंद्रा बैंक का मोबाइल ऐप खोला और पेमेंट करने की प्रक्रिया शुरू की।
जब उसने अपना बैंक बैलेंस चेक किया तो खाते में जीरो रुपये दिखाई दिए। यह देखकर वह हैरान रह गया। उसे पता चला कि उसके खाते में 1 लाख करोड़ रुपये ब्लॉक दिखाए जा रहे हैं।
समीर के खाते में पहले करीब 55 हजार रुपये जमा थे। लेकिन अब वह अपनी ही जमा रकम नहीं निकाल पा रहा है। इतनी बड़ी रकम ब्लॉक होने और बैलेंस जीरो दिखने से वह परेशान हो गया।
खाते में 1 लाख करोड़ ब्लॉक, 55 हजार रुपये भी अटके
समीर ने बताया कि बुधवार सुबह तक उसके बैंक खाते में करीब 55 हजार रुपये मौजूद थे। दोपहर में मोबाइल रिचार्ज कराने के लिए उसने बैंक ऐप खोली थी।पेमेंट के दौरान जब बैलेंस चेक किया तो खाते में जीरो रुपये दिखे। ऐप में नीचे खाते से 1 लाख करोड़ रुपये ब्लॉक होने की जानकारी भी दिखाई दी।
समीर के लिए यह समझना मुश्किल हो गया कि उसके खाते में इतनी बड़ी रकम आखिर कहां से आई और उसे ब्लॉक क्यों किया गया। उसकी परेशानी यह भी है कि खाते में पहले से जमा 55 हजार रुपये भी इस्तेमाल नहीं कर पा रहा है। एक मेडिकल स्टोर पर नौकरी करने वाले युवक के लिए यह रकम काफी अहम है। ऐसे में बैंक खाते में अचानक आई इस समस्या ने उसकी चिंता बढ़ा दी है।
मेडिकल स्टोर पर मिलती है 10 हजार रुपये सैलरी
समीर निर्मल मेडिकल पॉइंट पर काम करता है। मेडिकल स्टोर के मालिक धीरज शर्मा के मुताबिक, समीर जनवरी महीने से उनके यहां काम कर रहा है। उसे हर महीने 10 हजार रुपये वेतन दिया जाता है।
धीरज शर्मा ने बताया कि जब समीर ने खाते में 1 लाख करोड़ रुपये ब्लॉक होने की बात बताई तो वह भी हैरान रह गए। इतनी बड़ी रकम ब्लॉक होने की जानकारी सुनकर उन्हें भी भरोसा नहीं हुआ। इसके बाद समीर ने दुकान मालिक और दूसरे कर्मचारियों को पूरी बात बताई। दुकान मालिक के साथ वह साइबर पुलिस थाने पहुंचा और शिकायत दी।
साइबर पुलिस ने बैंक से संपर्क करने को कहा
समीर ने साइबर पुलिस थाने में शिकायत दी है। वहां पुलिसकर्मियों ने उसे बैंक से संपर्क करने की सलाह दी। साइबर पुलिस थाने के एएसआई दीनदयाल का कहना है कि यह बैंक की ओर से हुआ कोई तकनीकी गड़बड़झाला हो सकता है।
फिलहाल खाते में इतनी बड़ी रकम ब्लॉक दिखने की असली वजह सामने नहीं आई है। यह बैंकिंग सिस्टम की तकनीकी समस्या है या किसी अन्य वजह से ऐसा हुआ है, इसकी पुष्टि बैंक की जांच के बाद ही हो सकेगी। समीर के लिए फिलहाल सबसे बड़ी परेशानी यह है कि उसका अपना पैसा खाते में होने के बावजूद वह उसका इस्तेमाल नहीं कर पा रहा है।
बैंक मैनेजर ने खाताधारक को बुलाया
सीकर में कोटक महिंद्रा बैंक के मैनेजर नितेश कुमार पारीक ने कहा है कि इस संबंध में खाताधारक बैंक आकर संपर्क कर सकता है। बैंक की ओर से खाते में 1 लाख करोड़ रुपये ब्लॉक दिखने के कारणों को लेकर अभी कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में समीर को बैंक जाकर अपने खाते का स्टेटमेंट और ऐप में दिख रही जानकारी दिखानी होगी।
बैंक की जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि इतनी बड़ी रकम खाते में किस वजह से ब्लॉक दिखाई दे रही है। साथ ही यह भी पता चलेगा कि समीर के 55 हजार रुपये कब तक निकालने लायक होंगे।
एक लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा क्यों चौंका रहा है?
समीर की मासिक सैलरी 10 हजार रुपये है और उसके खाते में करीब 55 हजार रुपये जमा थे। ऐसे में एक लाख करोड़ रुपये ब्लॉक दिखना अपने आप में हैरान करने वाला है।
ऐप पर दिखाई दे रही रकम को वास्तविक जमा राशि नहीं माना जा सकता। यह बैंकिंग सिस्टम में दर्ज किसी तकनीकी गड़बड़ी या ब्लॉक एंट्री का मामला भी हो सकता है। इसकी पुष्टि बैंक की जांच के बाद ही होगी।
इस मामले में सबसे जरूरी बात यह है कि खाते में मौजूद समीर की अपनी रकम फिलहाल उसके इस्तेमाल में नहीं है। इसलिए बैंक को पहले खाते की स्थिति स्पष्ट करनी होगी और यह बताना होगा कि रकम पर रोक किस वजह से लगी है।
आगे क्या?
अब समीर की नजर बैंक की जांच पर है। उसे बैंक शाखा में जाकर खाते की पूरी जानकारी और मोबाइल ऐप पर दिख रहे 1 लाख करोड़ रुपये के ब्लॉक अमाउंट की जांच करवानी होगी।
बैंक की ओर से तकनीकी गड़बड़ी की पुष्टि होने पर खाते का बैलेंस ठीक करने और समीर की जमा रकम उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। फिलहाल इस मामले में न तो बैंक ने तकनीकी गड़बड़ी की आधिकारिक पुष्टि की है और न ही रकम ब्लॉक होने की वजह स्पष्ट की है। समीर के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि उसके खाते में 55 हजार रुपये होने के बावजूद बैलेंस जीरो क्यों दिख रहा है और वह अपनी रकम कब निकाल पाएगा।