एक साल में 54 विधायकों के शहरों का मास्टर प्लान फाइनल, UDH मंत्री झाबर सिंह खर्रा के शहर का दूसरी बार रद्द

Jageshwar Prasad | Oct 24, 2026, 11:24 IST
शहरी विकास मंत्री झाबरसिंह खर्रा के गृह नगर सीकर का मास्टर प्लान 8 महीने में दूसरी बार रद्द कर दिया गया।
शहरी विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा के गृह नगर सीकर का मास्टर प्लान एक बार फिर रद्द कर दिया गया है। यह पिछले 8 महीनों में दूसरी बार है जब सीकर का मास्टर प्लान 2041 रद्द हुआ है। अब इसकी जगह सीकर का नया मास्टर प्लान 2047 तैयार किया जाएगा।

इसमें पहले के करीब 50 गांवों की जगह 88 गांवों को शामिल किया जाएगा। यह प्रदेश का सबसे विवादित मास्टर प्लान बन गया है, क्योंकि एक साल में 54 विधायक अपने शहरों के मास्टर प्लान फाइनल करा चुके हैं, जबकि सीकर का प्लान तीसरी बार बनाया जा रहा है।



पहले भी रद्द हुआ था सीकर का मास्टर प्लान

एक साल पहले यह कहकर मास्टर प्लान रद्द किया गया था कि सीकर शहरी सीमा में शामिल किए गए 38 गांवों की आपत्तियां ज्यादा थीं, इसलिए रद्द किया।



अब दोबारा भी किसान, मजदूर और संगठनों की भावनाओं को देखते हुए रद्द करने की बात कही गई है। लेकिन अब मास्टर प्लान का नया नाम दिया है। पहले दो बार मास्टर प्लान 2041 बनाया गया था।




अब बनेगा सीकर का 2047 का प्लान

यूडीएच (UDH – Urban Development and Housing) मंत्री झाबर सिंह खर्रा के गृह नगर सीकर का मास्टर प्लान-2041 निरस्त होने के बाद अब इसकी जगह सीकर का नया मास्टर प्लान-2047 तैयार किया जाएगा। यूआईटी (UIT – Urban Improvement Trust) वाले शहर के नए मास्टर प्लान से पहले सीकर की सीमा का विस्तार किया जाएगा।



इस विस्तार में आसपास के कई नए गांवों और ढाणियों को जोड़ा जाएगा। पहले करीब 50 गांव शामिल थे, जिन्हें बढ़ाकर 88 गांवों तक करने की योजना है। यूडीएच मंत्री खर्रा के अनुसार, नए मास्टर प्लान में सीकर की जनता की आपत्तियों और सुझावों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।




सबसे विवादित मास्टर प्लान

सीकर का मास्टर प्लान कांग्रेस राज में बना था। भाजपा सरकार ने आते ही पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा पर खुद और चहेतों का मार्केट तैयार करने के लिए रोड़ की चौड़ाई बदलने और मास्टर प्लान को तोड़-मरोड़ने का आरोप लगाया था।



इसी कारण साल 2024 में इसे रद्द कर दिया गया था। इस वजह से यह प्रदेश का सबसे विवादित मास्टर प्लान बन गया है। इस प्लान पर राजनीति भी खूब हुई है। विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों इसे लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं।




किसान आंदोलन के बाद रद्द हुआ था

सीकर मास्टर प्लान-2041 (Sikar Master Plan-2041) को साल 2025 में सितंबर में अखिल भारतीय किसान सभा के लंबे आंदोलन के बाद रद्द किया गया था। सभा के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व विधायक पेमाराम ने इसे 50 गांवों की जीत बताया था।



लेकिन अब रद्द करने का कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर 8 महीने में दूसरी बार मास्टर प्लान क्यों रद्द किया गया। इससे प्रशासनिक तंत्र पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।



FAQs



  1. सीकर का नया मास्टर प्लान-2047 क्यों बनाया जा रहा है?
    सीकर का नया मास्टर प्लान-2047 बनाया जा रहा है क्योंकि पूर्व का मास्टर प्लान-2041 रद्द कर दिया गया किया गया है। इसमें पहले शामिल किए गए 38 गांवों की आपत्तियों के कारण यह रद्द किया गया।
  2. सीकर के मास्टर प्लान में कितने गांव शामिल किए जाएंगे?
    सीकर के नए मास्टर प्लान में 88 गांवों को शामिल करने की योजना है, जबकि पहले लगभग 50 गांव शामिल थे।
  3. सीकर के मास्टर प्लान-2041 को रद्द करने का कारण क्या था?
    सीकर का मास्टर प्लान-2041 के रद्द होने के संभावित कारण किसान आंदोलन और उस पर हुई आपत्तियां हैं, अब तक 54 विधायक अपने शहरों के मास्टर प्लान को फाइनल करा चुके।
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