SMS में कितना ब्लड? ई-रक्तकोष पर अपडेट नहीं दिखा, डॉक्टर बोले- मौसम के साथ बढ़ी डिमांड
समझें क्या है पूरा मामला
- SMS में कितना ब्लड? पोर्टल पर नहीं दिखा स्टॉक
- डेंगू सीजन में बढ़ी प्लेटलेट्स की मांग, डॉक्टर सतर्क
- कैंसर मरीजों को हर महीने चाहिए 1500 से ज्यादा SDP
- गर्भवती महिलाओं को बिना रिप्लेसमेंट मिल रहा ब्लड
- ई-रक्तकोष पर अपडेट तो हुआ, स्टॉक फिर भी गायब
राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में ब्लड और उसके अलग-अलग कंपोनेंट की मांग बढ़ रही है। बारिश के मौसम में डेंगू और दूसरी मौसमी बीमारियों के कारण प्लेटलेट्स की जरूरत बढ़ती है।
गर्भवती महिलाओं को बिना रिप्लेसमेंट ब्लड उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, एसएमएस से जुड़े स्टेट कैंसर सेंटर में अकेले कैंसर मरीजों के लिए हर महीने 1,500 से ज्यादा सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (एसडीपी) की जरूरत पड़ रही है।
इस बीच द सूत्र ने एसएमएस ब्लड बैंक और केंद्र सरकार के ई-रक्तकोष पोर्टल का रियलिटी चेक किया। पोर्टल पर एसएमएस हॉस्पिटल ब्लड सेंटर की एंट्री 18 सितंबर को दोपहर 12:26 बजे अपडेट दिखाई दी, लेकिन होल ब्लड से लेकर पीआरबीसी, प्लेटलेट्स और प्लाज्मा समेत अलग-अलग कंपोनेंट की जांच करने पर उपलब्ध स्टॉक दिखाई नहीं दिया। जबकि स्वास्थ्य विभाग ने ब्लड कलेक्शन सेंटर्स को ई-रक्तकोष पर रियल-टाइम डेटा अपडेट करने के निर्देश दिए हैं।
हर महीने 1500 से ज्यादा एसडीपी की जरूरत
द सूत्र ने एसएमएस ब्लड बैंक के प्रोफेसर डॉ. अनुज शर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंकित शर्मा और स्टेट कैंसर सेंटर के इंचार्ज डॉ. लोकेश शर्मा से ब्लड की उपलब्धता और मांग को लेकर बात की।
डॉ. लोकेश शर्मा के मुताबिक स्टेट कैंसर सेंटर में कैंसर मरीजों के लिए हर महीने 1,500 से ज्यादा एसडीपी की जरूरत रहती है। यानी औसतन रोजाना 50 से ज्यादा एसडीपी की आवश्यकता बैठती है।
एसडीपी यानी सिंगल डोनर प्लेटलेट्स में एक ही डोनर से प्लेटलेट्स लिए जाते हैं। कैंसर के इलाज के दौरान मरीजों में प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में कैंसर सेंटर की नियमित मांग ही काफी बड़ी है।
डेंगू का सीजन बढ़ाता है प्लेटलेट्स की मांग
डॉक्टरों के मुताबिक ब्लड की मांग पूरे साल एक जैसी नहीं रहती। मौसम बदलने के साथ जरूरत भी बदलती है। बारिश के दौरान डेंगू और दूसरी मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ने पर प्लेटलेट्स की मांग बढ़ जाती है।
डॉक्टरों ने बताया कि एबी नेगेटिव जैसे रेयर ब्लड ग्रुप में डोनर और रिसीवर दोनों कम होते हैं। इसलिए इसकी उपलब्धता सीमित रह सकती है। ऐसे रेयर ग्रुप्स के लिए नियमित वॉलंटरी डोनर्स महत्वपूर्ण होते हैं।
गर्भवती महिलाओं को बिना रिप्लेसमेंट ब्लड
एसएमएस के डॉक्टरों के मुताबिक जरूरतमंद गर्भवती महिलाओं को नियमित रूप से बिना रिप्लेसमेंट डोनर की बाध्यता के ब्लड उपलब्ध कराया जाता है। यानी मरीज के परिजन पहले रक्तदाता लेकर आएं, तभी ब्लड दिया जाएगा ऐसी शर्त नहीं रखी जाती।
ई-रक्तकोष पर अपडेट आज का, फिर भी स्टॉक नहीं दिखा
इस पूरी व्यवस्था के बीच ई-रक्तकोष को लेकर द सूत्र के रियलिटी चेक में अहम स्थिति सामने आई। 18 सितंबर को एसएमएस हॉस्पिटल ब्लड सेंटर की एंट्री 12:26:20 बजे अपडेट दिखाई दे रही थी। इसके बावजूद होल ब्लड में ग्रुप-वाइज स्टॉक नहीं दिखा।
इसके बाद पीआरबीसी, प्लेटलेट्स, प्लाज्मा समेत दूसरे कंपोनेंट्स की भी जांच की गई, लेकिन एसएमएस का उपलब्ध स्टॉक प्रदर्शित नहीं हुआ।
ई-रक्तकोष की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक पोर्टल पर राज्य, जिला, ब्लड ग्रुप और कंपोनेंट चुनकर रजिस्टर्ड ब्लड सेंटर्स में उपलब्ध स्टॉक खोजा जा सकता है। एफएक्यू में भी बताया गया है कि वर्तमान उपलब्धता जांचने के लिए “लास्ट अपडेटेड” या “लाइव” स्टेटस देखा जा सकता है।
एक महीने का अभियान, युवाओं पर फोकस
ब्लड की बढ़ती जरूरत के बीच राजस्थान में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक वॉलंटरी ब्लड डोनेशन कैंपेन चलाया जा रहा है। इसमें कॉलेजों, एनसीसी, माय भारत वॉलंटियर्स और युवा संगठनों को जोड़ने पर विशेष जोर है। साथ ही ब्लड कलेक्शन सेंटर्स को ब्लड सेंटर्स मैनेजमेंट सिस्टम और ई-रक्तकोष पर रियल-टाइम डेटा अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं।
17 सितंबर को विकसित भारत-जन सेवा अभियान के तहत प्रदेश में 203 रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। इनमें 5,850 से ज्यादा लोगों ने रक्तदान किया और 5,921 यूनिट रक्त एकत्र करने की जानकारी सामने आई।
एसएमएस में हर महीने कैंसर मरीजों के लिए 1,500 से ज्यादा एसडीपी की जरूरत और डेंगू के सीजन में बढ़ती प्लेटलेट्स की मांग बताती है कि चुनौती केवल अधिक रक्त एकत्र करने की नहीं है। जरूरत के समय सही ब्लड ग्रुप और सही कंपोनेंट उपलब्ध होना और उसका रियल-टाइम स्टॉक मरीजों व परिजनों को ई-रक्तकोष पर स्पष्ट दिखाई देना भी उतना ही जरूरी है।
ये भी पढ़े :-
राजस्थान के जालोर जिले की आहोर नगर पालिका में अध्यक्ष पद का चुनाव हुआ पूरा
कुचेरा में चेयरमैन की कुर्सी पर संग्राम, डोटासरा बोले- पुलिस के दम पर जनादेश लूट रही बीजेपी
राजस्थान पंचायत चुनाव की आरक्षण लॉटरी टली, डोटासरा ने पूछा- BJP को किस बात का डर?
जोधपुर निगम चुनाव: 51 के जादुई आंकड़े की रसाकशी में पार्षद का अपहरण, FIR से गरमाई सियासत