सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स, लेकिन मिले केवल 458 वोट, मठ के महंत और छात्रनेता बने सरपंच
राजस्थान में दूसरे चरण की चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस चरण कई रोचक मुकाबले देखने को मिले। सोशल मीडिया की लोकप्रियता वोटों में नहीं बदल सकी। कहीं मठ के महंत और छात्र राजनीति से जुड़े उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। वहीं बिलाड़ा की भावी ग्राम पंचायत में मतदान के दौरान मतपत्र चोरी होने के मामले के बाद दोबारा चुनाव कराने का आदेश जारी किया गया है।
एक मिलियन फॉलोअर्स, लेकिन चुनाव में तीसरा स्थान
बावड़ी पंचायत समिति की लवेरा कलां ग्राम पंचायत से सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर हिम्मताराम खदाव चुनाव मैदान में थे। वे सोशल मीडिया पर ‘हिम्मता बा’ के नाम से मशहूर हैं। उनके एक मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। इसके बावजूद वे अपने गांव में सरपंच का चुनाव नहीं जीत सके।
मतगणना में उन्हें 458 वोट मिले और वे तीसरे स्थान पर रहे। यहां गणपत राम ने 1,264 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। दूसरे स्थान पर रहे सुरेंद्र पाल सिंह को 1,155 वोट मिले। दोनों उम्मीदवारों के बीच मुकाबला भी काफी करीबी रहा। सोशल मीडिया पर बड़ी फैन फॉलोइंग रखने वाले हिम्मताराम को मिले वोटों ने यह दिखाया कि ऑनलाइन लोकप्रियता का असर गांव के चुनाव में अलग हो सकता है।
महंत संत गिरी बने सरपंच
उम्मेद नगर के खारड़ा मेवासा ग्राम पंचायत में मेवासा मठ के महंत संत गिरी ने जीत दर्ज की। उन्हें 1,580 वोट मिले। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी रामदेव को 1,070 वोट मिले। इस तरह संत गिरी ने 510 वोटों के अंतर से चुनाव जीता।
ओसियां पंचायत समिति की नेवरा रोड ग्राम पंचायत में छात्र नेता जगदीश जाखड़ सरपंच चुने गए। वे NSUI से जुड़े रहे हैं और वर्ष 2016 में छात्रसंघ चुनाव भी लड़ चुके हैं। वहीं बनाड़ ग्राम पंचायत से RLP के जिला मीडिया प्रभारी राजेंद्र चौधरी ने भी जीत दर्ज की।
खेतासर में हीरा देवी की जीत
ओसियां पंचायत समिति की खेतासर ग्राम पंचायत में सरपंच पद पर हीरा देवी प्रजापत ने जीत हासिल की। उन्हें 885 वोट मिले। उन्होंने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी बदन कंवर को 173 वोटों से हराया। बदन कंवर पूर्व प्रधान रह चुकी हैं। उन्हें 712 वोट मिले, जबकि नेम कंवर को 313 मत प्राप्त हुए।
इस मुकाबले में हीरा देवी की जीत की चर्चा रही। चुनाव परिणाम ने साफ कर दिया कि स्थानीय स्तर पर उम्मीदवार की पकड़ और मतदाताओं का भरोसा ही जीत का बड़ा आधार रहा।
भावी पंचायत के सात बूथों पर फिर मतदान
दूसरे चरण में बिलाड़ा पंचायत समिति की भावी ग्राम पंचायत का चुनाव विवाद के कारण फिर से कराया जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर आलोक रंजन ने 2 नवंबर को पुनर्मतदान के आदेश जारी किए हैं।
30 अक्टूबर को मतदान के दौरान मतदान केंद्र संख्या 12 पर मतपत्र चोरी होने और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति बनी थी। बाद में बरामद मतपत्रों पर एक ही प्रत्याशी के पक्ष में निशान लगे होने की बात सामने आई। प्रशासन ने इस घटना को गंभीर मानते हुए भावी ग्राम पंचायत में पहले हुए मतदान को निरस्त कर दिया।
अब 2 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक सभी सात मतदान केंद्रों, यानी केंद्र संख्या 9 से 15 तक, सरपंच पद के लिए दोबारा वोट डाले जाएंगे। वार्ड पंच के 11 पदों के लिए भी मतदान होगा। आठ वार्डों में उम्मीदवार निर्विरोध चुने जा चुके हैं, इसलिए वहां फिर से मतदान नहीं होगा। मतदान खत्म होने के बाद उसी दिन मतगणना की जाएगी।
भावी ग्राम पंचायत में उपसरपंच का चुनाव भी अब 31 अक्टूबर के बजाय 3 नवंबर को होगा। इस तरह जोधपुर के पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में कई रोचक जीत के साथ एक ग्राम पंचायत का चुनावी कार्यक्रम भी दोबारा तय करना पड़ा है।