सोशल मीडिया पर ट्रेडिंग की क्लास लेना पड़ा भारी, जालसाजों ने लगाया 72 लाख 55 हजार का चूना, कोर्ट के आदेश पर FIR दर्ज
News In Short
- चित्तौड़गढ़ में सोशल मीडिया के जरिए ठगों ने 72 लाख 55 हजार रुपए ठगे।
- फर्जी ट्रेडिंग क्लास देकर लिया भरोसे में, फिर दिया ठगी को अंजाम।
- पीड़ित ने 23 जून से 8 अगस्त 2024 के बीच कुल 72,55,000 रुपए कराए जमा।
- ठगों ने निवेश के बाद विड्रॉल देने से मना किया, तब जाकर खुला मामला।
- कोर्ट के आदेश के बाद साइबर ठगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज।
News In Detail
Chittorgarh: निवेश के जरिए रातों-रात अमीर बनने का सपना एक व्यक्ति के लिए तब भारी पड़ गया, जब उसे पता चला कि वह साइबर ठगों के जाल में फंस चुका है। राजस्थान में चित्तौड़गढ़ के पंचवटी क्षेत्र में रहने वाले निखिल जैन से फर्जी ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर 72 लाख 55 हजार रुपए की बड़ी ठगी की गई है। इस मामले में साइबर थाना पुलिस ने कोर्ट के आदेश के बाद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ऐड से शुरू हुआ ठगी का खेल
ठगी की पटकथा 22 जून 2024 को शुरू हुई, जब प्रार्थी निखिल ने सोशल मीडिया पर फीडालिटी (Fidelity) नामक कंपनी का एक विज्ञापन देखा। लिंक पर क्लिक करते ही वह 'Fidelity Investments A009' नामक एक व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल हो गया। ग्रुप में शामिल करने के बाद प्रार्थी को भरोसे में लेने के लिए भावतोष वाजपेई नामक व्यक्ति प्रतिदिन रात 8 से 9 बजे तक ऑनलाइन ट्रेडिंग क्लास लेता था। प्रार्थी ने करीब दो महीने तक लगातार क्लास ली, जिससे उसे लगा कि यह एक वास्तविक निवेश मंच है।
ट्रेनिंग पूरी होते ही ठगों की दूसरी टीम सक्रिय हुई। किरण शर्मा नाम की असिस्टेंट ने प्रार्थी से संपर्क किया और फोन में एक ऐप इंस्टॉल करवाया। प्रार्थी को लालच दिया गया कि मुनाफे का 90% हिस्सा उसका होगा और केवल 10% कंपनी लेगी। इसके बाद कस्टमर सर्विस मैनेजर अमित सिंह ने प्रार्थी को अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा कराने के लिए निर्देशित किया। निखिल ने अपनी पत्नी के खाते से 23 जून से 8 अगस्त 2024 के बीच किश्तों में कुल 72,55,000 रुपए ट्रांसफर कर दिए।
विड्रॉ करने पर खुला राज
कुछ दिनों बाद निखिल ने सोचा अब पैसे निकालते हैं। उन्होंने ऐप पर विड्रॉल का रिक्वेस्ट डाला। लेकिन पैसा नहीं आया। उन्होंने अमित सिंह से बात की तो जवाब मिला कि सर, आपको और निवेश करना होगा। 43 लाख 50 हज़ार रुपए और डालिए, फिर पूरा पैसा आपको एक साथ मिल जाएगा।
निखिल को यह बात अजीब लगी। बार-बार मना करने पर भी अमित ने कम से कम 20 लाख रुपए और डालने का दबाव डाला। तब निखिल की आंखें खुलीं और उन्हें एहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो गए हैं।
पुलिस की सुस्ती के बाद कोर्ट की शरण
प्रार्थी का आरोप है कि उन्होंने तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल किया और साइबर थाने में शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार उन्हें न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। अब मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) के आदेश पर साइबर थानाधिकारी मधु कंवर ने प्रकरण दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
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