पुलिस केस छिपाकर करवाया सत्यापन, ज्वाइनिंग लेने के बाद SOG ने दबोचा
समझें क्या है पूरा मामला
- डमी कैंडिडेट बैठाकर वनरक्षक बनी युवती, SOG ने किया गिरफ्तार।
- REET परीक्षा में भी डमी कैंडिडेट से एग्जाम दिलवाते हुए पकड़ी गई थी।
- पुलिस केस होने के बाद भी छिपाकर करवाया सत्यापन, जॉब ज्वाइन की।
- 2020 की वनरक्षक भर्ती में डमी बैठाकर पास हुई, 2025 में खुलासा।
- एसओजी की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ जारी, जालोर की है आरोपी।
राजस्थान एसओजी (Special Operations Group) ने वनरक्षक भर्ती परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाकर नौकरी पाने वाली एक युवती को गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रमिला (29) जालौर जिले के सरनाऊ सांचौर की निवासी है और सिरोही जिले में वनरक्षक के पद पर तैनात थी।
वह पहले रीट (REET) भर्ती परीक्षा में भी डमी कैंडिडेट बैठाने की कोशिश में पकड़ी जा चुकी थी। उस समय उस पर मामला भी दर्ज हुआ था। इसके बावजूद उसने वह केस छिपाकर फर्जी पुलिस सत्यापन बनवाया और नौकरी ज्वाइन कर ली।
2022 में डमी कैंडिडेट से दी परीक्षा
एडीजी (Additional Director General) एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि वनरक्षक भर्ती परीक्षा 2020 का आयोजन राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) ने 2022 में किया था।
13 नवंबर 2022 को प्रमिला का परीक्षा केंद्र राजसमंद के कांकरोली में था। उसने खुद परीक्षा देने की बजाय अपनी जगह डमी कैंडिडेट को बैठाया। डमी कैंडिडेट के जरिए परीक्षा पास होने पर वनरक्षक भर्ती में उसका चयन हो गया।
रीट में भी पकड़ी जा चुकी थी
एसओजी जांच में सामने आया कि प्रमिला ने इससे पहले रीट भर्ती परीक्षा 2021 में भी यही तरकीब अपनाने की कोशिश की थी। उसने अपनी जगह डमी कैंडिडेट की फोटो लगाकर परीक्षा दिलवाने की योजना बनाई थी।
लेकिन परीक्षा शुरू होने से पहले ही जयपुर के सिंधीकैंप थाना पुलिस ने मेन और डमी दोनों कैंडिडेट को रंगे हाथ पकड़ लिया था। 2021 में ही सिंधीकैंप थाने में उन दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
फर्जी सत्यापन बनवाया, नौकरी ज्वाइन की
वनरक्षक पद की ज्वाइनिंग के समय प्रमिला ने सिंधीकैंप थाने में दर्ज मुकदमे की जानकारी छिपा ली। उसने अपने गृह जिले सांचौर थाना पुलिस से फर्जी तरीके से पुलिस सत्यापन बनवाया, जिसमें कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं बताया गया।
इस फर्जी सत्यापन के आधार पर उसने वनरक्षक पद की नौकरी ज्वाइन कर ली और सिरोही के वनपाल नाका जीरावल रेवदर में तैनात हो गई।
2025 में दर्ज हुआ एसओजी केस, जांच में खुला राज
एसओजी में 2025 में दर्ज प्रकरण में जांच के दौरान जब प्रमिला के वनरक्षक भर्ती के रिकॉर्ड खंगाले गए तो धांधली का पूरा सच सामने आ गया। इसके बाद एसओजी ने उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल उससे पूरे नेटवर्क के बारे में पूछताछ जारी है।
कैसे होता है डमी कैंडिडेट का खेल?
डमी कैंडिडेट यानी किसी और की जगह परीक्षा देने वाला व्यक्ति। मेन कैंडिडेट की पहचान से असल उम्मीदवार की जगह कोई ज्यादा पढ़ा-लिखा व्यक्ति बैठकर परीक्षा देता है। इसके लिए मोटी रकम ली जाती है और सरकारी भर्ती व्यवस्था को धोखा दिया जाता है।
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