फर्जी दिव्यांग बनकर ली सरकारी नौकरी, मेडिकल जांच के लिए भेजा डमी अभ्यर्थी

Ashish Bhardwaj | May 20, 2026, 20:00 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान की राजधानी जयपुर में फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी पाने वाले संदीप सैनी को SOG ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने मेडिकल टेस्ट में भी डमी कैंडिडेट को भेज दिया था।

News In Short

  • SOG ने फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र से नौकरी पाने वाले संदीप सैनी को किया गिरफ्तार ।
  • आरोपी ने मेडिकल टेस्ट में डमी उम्मीदवार भेजकर धोखाधड़ी की।
  • संदीप JVVNL में टेक्निकल हेल्पर-III के पद पर कर रहा था काम।
  • आरोपी ने अपने प्रमाण पत्र में श्रवण दोष का फर्जी रिकॉर्ड तैयार किया।
  • SOG अन्य संदिग्ध और विभागीय मिलीभगत की गहन जांच कर रही है।

News In Detail

राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने जयपुर फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी पाने वाले संदीप सैनी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने मेडिकल परीक्षण के दौरान डमी उम्मीदवार भेजा था। वह जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVNL) में टेक्निकल हेल्पर-III के पद पर कार्यरत था।



जांच में हुआ संदेह

एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि 6 मार्च को एसएमएस अस्पताल जयपुर के ईएनटी विभाग के नर्सिंग प्रभारी और विभागाध्यक्ष ने रिपोर्ट भेजी।



रिपोर्ट में कहा गया कि संदीप सैनी की BERA और PTA जांच (Hearing Tests) निर्धारित थी, लेकिन आधार और जनाधार कार्ड की जांच में संदेह हुआ।



डमी कैंडिडेट को किया गिरफ्तार

जांच में पाया गया कि संदीप सैनी के स्थान पर अशोक कुमार जाट डमी कैंडिडेट बनकर मेडिकल टेस्ट कराने पहुंचा। 6 मार्च को एसएमएस अस्पताल में यह प्रयास किया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार किया। अशोक कुमार को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया।



मुख्य आरोपी की तलाश

एडीजी बंसल ने बताया कि संदीप सैनी घटना के बाद फरार हो गया था। एसओजी की टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। 18 मई, मंगलवार की रात को संदीप सैनी को गिरफ्तार किया गया। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर अन्य संदिग्धों और विभागीय मिलीभगत की जांच कर रही है।



दिव्यांगता प्रमाण पत्र में हेरफेर

आरोपी संदीप सैनी झुंझुनूं का निवासी है। आरोपी ने मूल शारीरिक अक्षमता प्रमाण पत्र में हेरफेर कर श्रवण दोष (Hearing Impairment) का फर्जी प्रमाण पत्र बनाया। इस फर्जी दस्तावेज के आधार पर उसने JVVNL में टेक्निकल हेल्पर के पद पर नौकरी हासिल की।



दे रहा था मोटी रकम

जब संदीप सैनी को दोबारा मेडिकल परीक्षण के लिए बुलाया गया, उसने अशोक कुमार जाट के साथ मिलकर योजना बनाई। उसे 10 हजार रुपए एडवांस और काम पूरा होने पर मोटी रकम का वादा किया गया। अस्पताल और डॉक्टरों की सतर्कता के कारण फर्जीवाड़ा पकड़ा गया।



ये भी पढे़:-

जगदीश विश्नोई का मामला, जेल के गेट से गिरफ्तारी पर हाई कोर्ट सख्त, SOG से पूछा- सवा दो साल से क्यों सोई थी एजेंसी?



खेलते-खेलते कार में बंद हो गई दो मासूम बहनें, दम घुटने से हुई मौत



चहेती फर्म को फायदा पहुंचाने के लिए बीच खेल में बदले टेंडर के नियम, संवाद का नया कारनामा



मत्स्य मेवात संस्थान में 22 लाख की हेराफेरी, पदाधिकारियों पर लगे आरोप, पुलिस ने दर्ज की FIR



Tags:
  • SOG
  • एसओजी
  • जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड
  • फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र
  • JVVNL