राजस्थान बॉर्डर पर ड्रोन से हथियारों की खेप बरामद, 650 कारतूस के साथ पंजाब के 2 युवक पकड़े गए
समझें क्या है पूरा मामला
- कार्रवाई श्रीगंगानगर के रावला मंडी क्षेत्र के 12 KND में हुई।
- BSF और ANTF ने संयुक्त अभियान चलाया।
- शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दो पिस्टल, चार मैगजीन और करीब 650 कारतूस मिले।
- चार जोड़ी बैटरियां और दो रिमोट मिलने की भी सूचना है।
- संदिग्ध विस्फोटक में RDX होने की आशंका है, जिसकी पुष्टि बाकी है।
- पंजाब के दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर हथियारों और संदिग्ध सामग्री की खेप बरामद की है। यह कार्रवाई रावला मंडी के 12 KND क्षेत्र में की गई। अभियान में सीमा सुरक्षा बल (BSF) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) शामिल रहे।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बरामद सामग्री में दो पिस्टल, चार मैगजीन और करीब 650 कारतूस हैं। इसके अलावा चार जोड़ी बैटरियां और दो रिमोट मिलने की भी सूचना है। संदिग्ध विस्फोटक सामग्री में RDX होने की आशंका जताई गई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
इस मामले में पंजाब के दो युवकों को हिरासत में लिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां उनसे पूछताछ कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि खेप किसने भेजी थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था।
ड्रोन से खेप गिराए जाने की आशंका
रावला क्षेत्र के 12 KND में संदिग्ध पैकेट मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तलाशी अभियान चलाया। शुरुआती जांच में आशंका है कि हथियारों और अन्य सामग्री को ड्रोन के जरिए सीमा पार से गिराया गया था।
ANTF के महानिरीक्षक विकास कुमार के अनुसार, सीमा क्षेत्र में इस तरह हथियार और गोला-बारूद पहुंचने का मामला गंभीर है। जांच में यह पता लगाना अहम है कि सीमा पार से खेप किस हैंडलर ने भेजी और भारत में इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। फिलहाल बरामद सामग्री की प्रकृति, उसके इस्तेमाल और इससे जुड़े नेटवर्क की जांच की जा रही है।
पंजाब के दो युवकों से पूछताछ
इस मामले में हिरासत में लिए गए दोनों युवक पंजाब के रहने वाले बताए जा रहे हैं। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वे सीमावर्ती इलाके में किसके कहने पर पहुंचे थे और उन्हें खेप की लोकेशन किसने दी थी। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि बरामद हथियार और कारतूस राजस्थान में ही इस्तेमाल होने थे या इन्हें पंजाब अथवा किसी दूसरे राज्य में पहुंचाया जाना था।
सीमा पर सुरक्षा बढ़ाई
घटना के बाद श्रीगंगानगर, अनूपगढ़ और रावला मंडी से लगे सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाए जाने की जानकारी है। BSF की पेट्रोलिंग और तलाशी गतिविधियां तेज की गई हैं। सीमावर्ती गांवों के लोगों से भी संदिग्ध आवाज, ड्रोन की गतिविधि या अनजान व्यक्तियों के बारे में तुरंत सूचना देने की अपील की गई है।
सुरक्षा एजेंसियां अब तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। बरामद सामग्री में RDX होने और किसी बड़े नेटवर्क से संबंध होने की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।