राजस्थान में पुलिसकर्मी के रिश्तेदारों के खेत में मिला 8 किलो RDX, पाकिस्तान से भेजी गई थी खेप
पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आए थे दो पैकेट
श्रीगंगानगर जिले के रावला मंडी इलाके का है। यहां 12 और 13 अक्टूबर की रात पाकिस्तान की ओर से एक ड्रोन आया था। इस ड्रोन के जरिए चक 2-3 केएनएम की रोही में दो पैकेट गिराए गए थे।
खास बात यह है कि इन पैकेटों की जानकारी एक पुलिसकर्मी ने दी थी। उसकी सूचना पर ही टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। जांच के दौरान पता चला कि जिस खेत में पैकेट मिले, वह उसी पुलिसकर्मी के रिश्तेदारों का है। पुलिसकर्मी श्रीगंगानगर के 365 हेड इलाके का रहने वाला है। अब जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि पैकेट इसी खेत में कैसे पहुंचे।
पैकेट खोले तो मिला 8 किलो RDX और हथियार
मौके से मिले पैकेटों की जांच की गई तो सुरक्षा एजेंसियां भी हैरान रह गईं। इनमें भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार रखे हुए थे। एक पैकेट से 8 किलो RDX, दो बैटरियां, एक रिमोट और वायर बरामद किए गए। इसके अलावा तुर्की में बनी एक पिस्टल, दो मैगजीन और 782 कारतूस भी मिले।
इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक और हथियार मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। अब यह पता लगाया जा रहा है कि इस खेप को भारत में किसके पास पहुंचाया जाना था। जांच एजेंसियां इस ड्रोन स्मगलिंग के पीछे शामिल लोगों की पहचान करने में भी जुटी हैं।
8 किलो RDX में विस्फोट होने पर क्या हो सकता है?
RDX बेहद खतरनाक विस्फोटक है। इसके 8 किलो की मात्रा में धमाका होने पर आसपास भारी नुकसान हो सकता है। लोगों की जान जाने और इमारतों के क्षतिग्रस्त होने का खतरा रहता है। यही वजह है कि पाकिस्तान से इतनी बड़ी मात्रा में RDX मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। फिलहाल जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि विस्फोटक किस मकसद से और किसके लिए भेजा गया था।
पंजाब के दो तस्कर गिरफ्तार, पूछताछ जारी
इस मामले में एएनटीएफ की श्रीगंगानगर चौकी की टीम ने कार्रवाई की है। कार्रवाई के दौरान बीकानेर से एक इंस्पेक्टर को भी मौके पर बुलाया गया था। इसके बाद टीम ने पंजाब के रहने वाले दो संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में सुखविंद्र सिंह और लखविंद्र शामिल हैं।
सुखविंद्र सिंह पंजाब के जालंधर जिले के महतपुर इलाके के गांव धर्मसिंह दी छन्ना का रहने वाला है। वहीं, लखविंद्र फिरोजपुर जिले के थाना सदर क्षेत्र के गांव अलीके का निवासी है। दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए बीएसएफ बटालियन मुख्यालय में रखा गया है। यहां अलग-अलग एजेंसियां उनसे संयुक्त रूप से सवाल कर रही हैं। जांच टीम यह जानना चाहती है कि पाकिस्तान से विस्फोटक और हथियार किसने भेजे थे। भारत में इन्हें कौन लेने वाला था और आगे कहां पहुंचाया जाना था।
पुलिसकर्मी के रिश्तेदारों का खेत ही क्यों चुना गया?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल उस खेत को लेकर उठ रहा है, जहां विस्फोटक और हथियार मिले थे। दरअसल, जिस पुलिसकर्मी ने पैकेटों की जानकारी दी थी, खेत उसके रिश्तेदारों का बताया जा रहा है। ऐसे में जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि ड्रोन से पैकेट गिराने के लिए यही जगह क्यों चुनी गई।
क्या तस्करों को पहले से खेत की जानकारी थी? क्या पैकेट किसी तय जगह पर गिराए जाने थे या यह महज संयोग था? फिलहाल इन सवालों के जवाब नहीं मिले हैं। पुलिसकर्मी की भूमिका भी जांच का हिस्सा है। अभी तक उसके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। किसी पुलिसकर्मी की मिलीभगत साबित होने की जानकारी भी सामने नहीं आई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
एडीजी बीजू जॉर्ज जोसेफ पहुंचे रावला मंडी
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी जांच की निगरानी कर रहे हैं। एडीजी (कार्मिक) और बीकानेर रेंज के निगरानी प्रभारी अधिकारी बीजू जॉर्ज जोसेफ रावला मंडी इलाके में कैंप कर रहे हैं। उन्होंने चक 2-3 केएनएम की रोही में उस जगह का निरीक्षण किया, जहां पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पैकेट गिराए गए थे। अधिकारी पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रहे हैं। खास तौर पर 12 और 13 अक्टूबर की रात की गतिविधियों की जांच की जा रही है।सुरक्षा एजेंसियां इस क्रॉस बॉर्डर स्मगलिंग के पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं।
हथियार और विस्फोटक किसे पहुंचाने थे?
जांच एजेंसियों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इस खेप के पीछे शामिल लोगों तक पहुंचना है। आखिर पाकिस्तान से इतनी बड़ी मात्रा में RDX और कारतूस भारत क्यों भेजे गए थे? इन्हें मंगवाने वाला कौन था और इसका इस्तेमाल कहां होना था? इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही सिक्योरिटी एजेंसीज यह भी पता लगा रही हैं कि विस्फोटक और हथियार भेजने वाले लोगों का संपर्क भारत में किन लोगों से था। फिलहाल दो तस्कर गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिसकर्मी और उसके रिश्तेदारों के खेत से जुड़े सवालों की जांच जारी है।
अभी यह साफ नहीं हुआ है कि पैकेट उस खेत में गिरना संयोग था या किसी योजना का हिस्सा। जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।