श्रीगंगानगर रेलवे ट्रैक धमाका: आतंकी साजिश, RDX कनेक्शन और ट्रायल ब्लास्ट की आशंका; जांच जारी
50 जीबी गांव के पास रेलवे ट्रैक पर हुआ था धमाका
3 नवंबर की रात करीब 9:45 बजे श्रीविजयनगर तहसील के 50 जीबी गांव के पास रेलवे ट्रैक पर विस्फोट हुआ था। धमाके से पटरियों के नीचे लगे सीमेंट ब्लॉक क्षतिग्रस्त हो गए और करीब 2 फीट का गड्ढा बन गया था।
जांच में सामने आया कि धमाके से लगभग 40 मिनट से एक घंटे पहले इस ट्रैक से आखिरी ट्रेन गुजरी थी। इसके बाद अगली ट्रेन सुबह निर्धारित थी। इसी वजह से जांच एजेंसियां विस्फोट के समय और स्थान को लेकर अलग-अलग पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
जांच एजेंसियों के सामने 3 संभावित थ्योरी
1. पंचायत चुनाव से कनेक्शन की आशंका
3 नवंबर को श्रीविजयनगर पंचायत समिति क्षेत्र में पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव हुए थे। 5 नवंबर को ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव भी हुए।
ऐसे में एजेंसियां जांच कर रही हैं कि कहीं धमाके के जरिए सीमावर्ती इलाके में दहशत फैलाने या चुनावी माहौल प्रभावित करने की कोशिश तो नहीं की गई। हालांकि, चुनाव को निशाना बनाए जाने का अभी कोई प्रत्यक्ष प्रमाण सामने नहीं आया है।
2. सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान भटकाने की संभावना
12 अक्टूबर को श्रीगंगानगर जिले में खानूवाली चेक पोस्ट के पास पाकिस्तान से आए 7.5 किलो ब्लैक RDX की खेप मिलने की जानकारी सामने आई थी। इसके साथ हथियार, बैटरियां और रिमोट कंट्रोल डिवाइस भी बरामद किए गए थे।
इसके बाद बॉर्डर क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी बढ़ाई गई थी। जांच एजेंसियां इस संभावना की भी पड़ताल कर रही हैं कि रेलवे ट्रैक पर विस्फोट कहीं सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान भटकाने के उद्देश्य से तो नहीं किया गया, ताकि सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार या विस्फोटक भेजने की कोशिश की जा सके।
यह फिलहाल जांच का एक संभावित पहलू है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
3. किसी बड़े हमले से पहले ट्रायल विस्फोट?
विस्फोट की लोकेशन भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। रेलवे ट्रैक का बड़ा हिस्सा खेतों और सुनसान इलाकों से गुजरता है, लेकिन धमाके के लिए 50 जीबी गांव के पास आबादी से करीब 100 मीटर दूर का स्थान चुना गया।
एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या विस्फोट का मकसद रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाना था या किसी बड़े हमले से पहले विस्फोटक का परीक्षण करना। ट्रेन के गुजरने के समय से अलग धमाके की टाइमिंग भी जांच में अहम मानी जा रही है।
FSL जांच में RDX का स्पष्ट सुराग नहीं
फॉरेंसिक टीमों ने घटनास्थल से सबूत जुटाए हैं। जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, अब तक ऐसी कोई स्पष्ट फाइंडिंग सामने नहीं आई है जिससे यह पुष्टि हो सके कि विस्फोट में RDX या किसी अन्य घातक विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ था।
मौके से जुटाए गए साक्ष्यों की अलग-अलग तरीकों से जांच की जा रही है। विस्फोटक की प्रकृति और इस्तेमाल किए गए पदार्थ की पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
अब तक किसी आतंकी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली
घटना के बाद अभी तक किसी आतंकी संगठन ने विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली है। पुलिस की साइबर टीमें सोशल मीडिया पर नजर रख रही हैं। स्थानीय स्तर पर भी संदिग्ध गतिविधियों और संभावित कनेक्शन की जांच की जा रही है।
यह खबर क्यों जरूरी है
श्रीगंगानगर सीमावर्ती जिला होने के कारण यहां रेलवे और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े घटनाक्रम महत्वपूर्ण हैं। रेलवे ट्रैक पर विस्फोट से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ी है। हालांकि, आतंकी साजिश, RDX कनेक्शन या किसी बड़े हमले की तैयारी को लेकर अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है।
आगे क्या?
जांच एजेंसियां घटनास्थल से मिले सबूतों, विस्फोटक की प्रकृति और संभावित संदिग्धों के कनेक्शन की पड़ताल जारी रखेंगी। FSL रिपोर्ट और जांच के अगले निष्कर्षों से विस्फोट के कारण और इसके पीछे की मंशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।