RCA चुनाव के रिजल्ट पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, लेकिन वोटिंग होगी
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को RCA चुनाव पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। लेकिन कोर्ट ने नतीजे सीलबंद लिफाफे में रखने का आदेश दिया। याचिका में चुनाव प्रक्रिया से महिलाओं को पूरी तरह बाहर रखने का आरोप है। वोटिंग तय कार्यक्रम के मुताबिक होगी। अब हाईकोर्ट से इस मामले में जल्द फैसला करने को कहा गया है।
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन यानी RCA के चुनाव में मंगलवार को नया मोड़ आ गया। वोटिंग तो होगी, लेकिन नतीजे अभी सामने नहीं आएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने रिजल्ट घोषित करने पर रोक लगा दी है। इससे मैदान में उतरे सभी उम्मीदवारों का इंतजार लंबा हो गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा
सुप्रीम कोर्ट ने सुबह 11.30 बजे होने वाले चुनाव को रोकने से मना कर दिया। कोर्ट ने कहा कि आगे के फैसले तक नतीजे सीलबंद लिफाफे में रहेंगे।
यह आदेश मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने दिया। बेंच में तीन जज शामिल थे।
किसने दायर की याचिका
यह याचिका मेघा गौड़ ने दायर की है। मामले का नाम मेघा गौड़ बनाम राजस्थान सरकार है। याचिका में RCA चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
महिलाओं को बाहर रखने का आरोप
याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी ने पैरवी की। उन्होंने दलील दी कि वोटर लिस्ट में एक भी महिला वोटर नहीं है। कोई महिला उम्मीदवार भी मैदान में नहीं है।
गुरुस्वामी के मुताबिक यह RCA के 2022 के नियमों के आर्टिकल 17 के खिलाफ है। उन्होंने इसे एसोसिएशन के संविधान और नेशनल स्पोर्ट्स कोड के भी खिलाफ बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि एसोसिएशन चला रहे लोग जल्दबाजी में चुनाव करा रहे हैं। गुरुस्वामी ने भारतीय महिला टीम की सफलता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देशभर में लड़कियां क्रिकेट खेल रही हैं। उनकी दलील थी कि वोटर लिस्ट में महिलाएं न होने से महिला उम्मीदवार अपने आप बाहर हो जाती हैं।
कोर्ट ने चुनाव क्यों नहीं रोका
बेंच इस स्तर पर चुनाव प्रक्रिया रोकने के पक्ष में नहीं थी। जस्टिस बागची ने कहा कि वोटिंग होने दी जाए। उन्होंने साफ किया कि सभी मुद्दों पर फैसले तक नतीजे घोषित नहीं होंगे।
इसका मतलब है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होगी। लेकिन जीत-हार का फैसला फिलहाल कोर्ट की सुनवाई पर टिका रहेगा।
RCA और सरकार का पक्ष
RCA और राज्य सरकार के वकीलों ने कोर्ट को जानकारी दी कि चुनाव कराने के लिए हाईकोर्ट ने प्रशासक नियुक्त किया है। उन्होंने बताया कि इससे जुड़ी एक विशेष अनुमति याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है। यह मुद्दा अभी हाईकोर्ट में लंबित है।
1 जुलाई 2026 को राजस्थान हाईकोर्ट ने एडहॉक कमेटी को निलंबित किया था। तब अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर ए सावंत को RCA का प्रशासक बनाया गया। उन्हें तीन महीने में चुनाव प्रक्रिया पूरी कराने की जिम्मेदारी मिली थी। जुलाई में सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के उस आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया था।
हाईकोर्ट से जल्द फैसले की अपील
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से कहा है कि अगली तारीख पर केस और अंतरिम आवेदन सुना जाए। साथ ही मामले का जल्द निपटारा किया जाए।
याचिकाकर्ता को एक और छूट दी गई है। वे सुप्रीम कोर्ट में लंबित बीसीसीआई (BCCI – Board of Control for Cricket in India) मामले में भी अर्जी लगा सकती हैं।
पहले से विवादों में चुनाव
RCA चुनाव इससे पहले भी विवादों में रहा है। तीन क्रिकेट संघों की मान्यता रद्द होने के बावजूद उन्हें वोटर लिस्ट में शामिल करने पर सवाल उठे थे। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में एक एसएलपी पहले से लगी है।
एडहॉक कमेटी के पूर्व कन्वीनर दीनदयाल कुमावत ने भी चुनाव अधिकारी पर गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। उन्होंने चुनाव रद्द कराने तक कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही थी।
नेता पुत्रों की किस्मत लिफाफे में
यह चुनाव नेता पुत्रों की वजह से भी चर्चा में है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह नाम वापस ले चुके हैं। उन्होंने बृजकिशोर उपाध्याय को समर्थन दिया था।
चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह मैदान में हैं। सांसद घनश्याम तिवाड़ी के बेटे आशीष तिवाड़ी और विधायक जसवंत यादव के बेटे मोहित यादव भी उम्मीदवार हैं। अब इन सभी की किस्मत सीलबंद लिफाफे में बंद रहेगी।