8 देशों की वायुसेनाओं ने जोधपुर में दिखाएंगे ताकत, राफेल, एफ-35 एक साथ भरेंगे उड़ान

Ashish Bhardwaj | Sept 27, 2026, 15:47 IST
तरंग शक्ति 2026
जोधपुर एयरबेस पर 12 अक्टूबर तक चल रहे युद्धाभ्यास तरंग शक्ति 2026 में भारत समेत 8 देशों की वायुसेनाएं शामिल हैं। अमेरिका का 5वीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर एफ-35 पहली बार इसका हिस्सा बना है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • जोधपुर में शुरू हुआ बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास तरंग शक्ति 2026।
  • भारत समेत 8 देशों की वायुसेनाएं अभ्यास में ले रही हिस्सा।
  • अमेरिका का एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट पहली बार शामिल।
  • 12 अक्टूबर तक चलेगा युद्धाभ्यास, दुनिया की नजरें टिकीं।
  • सर्जियो गोर समेत कई विदेशी प्रतिनिधि पहुंचे जोधपुर एयरबेस।

जोधपुर एयरबेस पर बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास तरंग शक्ति 2026 चल रहा है। इसमें भारत समेत 8 देशों की वायुसेनाएं हिस्सा ले रही हैं। अमेरिका का स्टील्थ फाइटर जेट एफ-35 पहली बार इस अभ्यास में शामिल हुआ है। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी जोधपुर पहुंचे हैं। यह युद्धाभ्यास 12 अक्टूबर तक चलेगा।



26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक

यह तरंग शक्ति का दूसरा संस्करण है, जो वायुसेना स्टेशन जोधपुर और राजस्थान के आसपास के एयरबेस पर हो रहा है। अभ्यास 26 सितंबर से शुरू हुआ है और 12 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। पहला संस्करण 2024 में हुआ था, जो तमिलनाडु के सुलूर और जोधपुर में दो चरणों में आयोजित किया गया।



किन देशों की वायुसेनाएं शामिल

इस अभ्यास में भारत के साथ 7 विदेशी देश अपने विमान लेकर उतरे हैं। ये देश हैं ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका, जबकि 32 देश पर्यवेक्षक के तौर पर शामिल हैं।



फ्रांस राफेल फाइटर, ट्रांसपोर्ट और टैंकर विमानों के साथ पहुंचा है। यूएई (UAE – United Arab Emirates) ने एफ-16 भेजे हैं। बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया ने सी-130 श्रेणी के मालवाहक विमान भेजे हैं।



भारत के कौन से विमान

भारतीय वायुसेना की ओर से सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, तेजस और जगुआर जैसे लड़ाकू विमान उड़ान भर रहे हैं। वायुसेना मिराज-2000 और मिग-29 जैसे विमान भी प्रदर्शित कर रही है।



अभ्यास में एयरबॉर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम यानी अवाक्स (AWACS – Airborne Warning and Control System) विमान भी शामिल हैं। हवा में ईंधन भरने वाले रिफ्यूलर विमान भी इसका हिस्सा हैं।



अमेरिकी राजदूत पहुंचे जोधपुर

भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर भी जोधपुर पहुंचे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर खुशी जताई।



गोर ने बताया कि अमेरिका के 6 एफ-35 लाइटनिंग फाइटर जेट जोधपुर पहुंचे हैं। इनके साथ 200 से ज्यादा अमेरिकी एयरसैनिक भी आए हैं। उन्होंने कहा कि वे इन विमानों को भारतीय वायुसेना के साथ उड़ते देखने को लेकर उत्साहित हैं।



क्यों खास है एफ-35

एफ-35 अमेरिका का 5वीं पीढ़ी का स्टील्थ लड़ाकू विमान है। स्टील्थ तकनीक की वजह से यह दुश्मन के रडार की पकड़ में आसानी से नहीं आता।



एफ-35 इससे पहले एयरो इंडिया 2025 में दिख चुका है, लेकिन तरंग शक्ति में यह पहली बार शामिल हुआ है। पाकिस्तान सीमा के अपेक्षाकृत करीब होने के कारण जोधपुर में इसकी तैनाती को खास माना जा रहा है।



आसमान में क्या हो रहा अभ्यास

अलग-अलग देशों के विमान एक साथ उड़ान भर रहे हैं। पायलट हवाई युद्ध की जटिल तकनीकों का अभ्यास कर रहे हैं। रात में उड़ान यानी नाइट फ्लाइंग ऑपरेशन भी अभ्यास का हिस्सा हैं।



संयुक्त युद्ध रणनीतियों पर भी काम हो रहा है। इसका मकसद अलग-अलग देशों की वायुसेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना है।



अलग विमान, एक तालमेल

इस अभ्यास में पश्चिमी और रूसी मूल के विमान एक साथ उड़ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक भारतीय वायुसेना इन दोनों तरह के विमानों को जोड़ने के लिए अपने स्वदेशी डेटा लिंक नेटवर्क और टैक्टिकल सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करती है।



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