सीनियर टीचर के 51 हजार और प्रिंसिपल के 6400 से ज्यादा पद खाली, प्रमोशन का इंतजार कर रहे शिक्षक

Jageshwar Prasad | Nov 06, 2026, 12:13 IST
स्कूल शिक्षा विभाग में 1.08 लाख पद खाली, पदोन्नति प्रक्रिया अटकी
राजस्थान के स्कूल शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं। शाला दर्पण के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में 44 हजार 892 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। 19 हजार 807 उच्च माध्यमिक विद्यालय भी हैं। विभाग में कुल 4 लाख 54 हजार 22 स्वीकृत पद हैं। इनमें से 3 लाख 45 हजार 67 पर कार्मिक कार्यरत हैं, जबकि 1 लाख 8 हजार 955 पद रिक्त हैं।

किस संवर्ग में कितने पद खाली

सबसे ज्यादा रिक्तियां वरिष्ठ अध्यापक संवर्ग में हैं, जहां 51 हजार 191 पद खाली हैं। अध्यापक लेवल-1 में 20 हजार 758 और लेवल-2 में 15 हजार 896 पद रिक्त हैं। व्याख्याता के 14 हजार 674 और प्राचार्य के 6 हजार 436 पद भी खाली हैं।



  • शिक्षा विभाग में कुल स्वीकृत पद: 4 लाख 54 हजार 22
  • कार्यरत कार्मिक: 3 लाख 45 हजार 67
  • कुल रिक्त पद: 1 लाख 8 हजार 955

प्रमुख संवर्गवार रिक्त पदों की स्थिति

  • वरिष्ठ अध्यापक: 51 हजार 191 पद रिक्त (सबसे ज्यादा)
  • अध्यापक लेवल-1: 20 हजार 758 पद रिक्त
  • अध्यापक लेवल-2: 15 हजार 896 पद रिक्त
  • व्याख्याता: 14 हजार 674 पद रिक्त
  • प्राचार्य: 6 हजार 436 पद रिक्त

दो साल की छूट के बाद भी डीपीसी नहीं

सरकार ने बजट वर्ष 2026-27 में सेवा अनुभव में दो वर्ष तक की छूट देने की घोषणा की थी। इसकी अधिसूचना 17 अगस्त को जारी हुई। लेकिन पात्र कार्मिकों को इसका लाभ अब तक नहीं मिला है। वरिष्ठ अध्यापक से लेकर प्राचार्य तक कई संवर्गों में डीपीसी की बैठकें नहीं हुई हैं, इसलिए प्रक्रिया अटकी है।



कार्मिक विभाग ने दिए 15 नवंबर तक के निर्देश

कार्मिक विभाग की शासन सचिव अर्चना सिंह ने 28 अक्टूबर को परिपत्र जारी किया। इसमें सभी प्रशासनिक विभागों, विभागाध्यक्षों और जिला कलेक्टरों को 15 नवंबर तक नियमित डीपीसी और पदोन्नति की कार्रवाई पूरी करने को कहा गया है।



कार्मिक विभाग ने 26 अगस्त 2023 के परिपत्र का हवाला भी दिया है। इसमें वरिष्ठता सूची और पदोन्नति की सालाना समय-सारणी का पालन करने को कहा गया है। इस समय-सारणी के मुताबिक 31 मई तक पदोन्नति पूरी होनी थी।



किन पदों पर पदोन्नति का इंतजार

शिक्षा विभाग में वरिष्ठ अध्यापक, व्याख्याता, प्राचार्य, जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ), उप निदेशक और संयुक्त निदेशक संवर्गों में पदोन्नति का इंतजार है। कुछ मामलों में न्यायालय में चल रहे प्रकरण और कॉमन सीनियॉरिटी से जुड़ी जटिलताएं भी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं।



शिक्षक संगठन की मांग

राजस्थान पंचायती राज एंड सेकेंडरी टीचर्स एसोसिएशन (रेसटा) के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने पदोन्नति में देरी पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि जब छूट की अधिसूचना जारी हो चुकी है और इतने पद खाली हैं, तो पात्र शिक्षकों को अनावश्यक इंतजार करवाना ठीक नहीं है। उन्होंने 15 नवंबर की समय-सीमा सख्ती से लागू करवाने की मांग की है।



15 नवंबर की डेडलाइन, सरकार के सामने चुनौती

वरिष्ठता सूची, रिक्तियों और पात्रता से जुड़े रिकॉर्ड का मिलान करना होगा। अलग-अलग संवर्गों में पात्र कार्मिकों की संख्या और उपलब्ध पदों का आकलन भी जरूरी है। सीमित समय में यह काम पूरा करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी। अब देखना होगा कि पात्र शिक्षकों को राहत मिलती है या प्रक्रिया फिर आगे खिसकती है।



FAQs

  1. राजस्थान में टीचर प्रमोशन के लिए डीपीसी की प्रक्रिया कब पूरी होगी?
    राजस्थान के कार्मिक विभाग ने सभी प्रशासनिक विभागों को निर्देशित किया है कि वे 15 नवंबर 2023 तक सभी संवर्गों की नियमित डीपीसी आयोजित कर टीचर प्रमोशन प्रक्रिया पूरी करें।
  2. राजस्थान में रिक्त शिक्षकीय पदों की संख्या क्या है?
    राजस्थान में शिक्षा विभाग में कुल 1 लाख 8 हजार 955 पद रिक्त हैं, जिसमें वरिष्ठ अध्यापकों के 51 हजार 191, अध्यापक लेवल-1 के 20 हजार 758, अध्यापक लेवल-2 के 15 हजार 896, व्याख्याता के 14 हजार 674 और प्राचार्य के 6 हजार 436 पद शामिल हैं।
  3. सरकार द्वारा अनुभव में छूट की घोषणा कब हुई थी?
    राज्य सरकार ने बजट वर्ष 2026-27 के दौरान सेवा अनुभव में दो वर्ष तक की छूट देने की घोषणा 17 अगस्त 2023 को की थी।
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