रिश्तों में होगा वोटों का बंटवारा, कहीं चाचा को वोट ना देने की अपील, कहीं कहा जा रहा जीजाजी से बेहतर मैं

Pratibha Rana | Nov 16, 2023, 24:00 IST
रिश्तों में होगा वोटों का बंटवारा, कहीं चाचा को वोट ना देने की अपील, कहीं कहा जा रहा जीजाजी से बेहतर मैं
Rajasthan Assembly Elections में इस बार परिवारों के लोगों ने ही एक दूसरे के सामने उतकर मुकाबला रोचक बना दिया है।

JAIPUR. राजस्थान में 25 नवंबर को विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग होनी है। प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। ऐसे में दोनों ही पार्टियां जीत के लिए पूरी ताकत झोंक रही हैं। वहीं कांग्रेस दोबारा सत्ता पाने की हर मुमकिन कोशिश कर रही है। चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर है। चुनाव में कई सियासी परिवार मैदान में हैं। इनमें से चाचा और भतीजी तो एक दूसरे के खिलाफ ताल ठोक रहे हैं। कई सीटें ऐसी हैं जहां पर पति-पत्नी, भाभी-देवर, चाचा-भतीजे, चाचा-भतीजी आमने-सामने चुनाव लड़ेंगे।



रिश्तेदार बने एक-दूसरे के लिए चुनौती

दांतारामगढ़ में पति-पत्नी आमने-सामने

राजस्थान विधानसभा चुनाव इस बार एक मुकाबला बेहद रोचक होने वाला है। यह मुकाबला दांतारामगढ़ विधानसभा सीट पर होगा। यहां चुनावी मैदान में पति और पत्नी दोनों आमने-सामने हैं। वीरेंद्र सिंह के खिलाफ उनकी पत्नी डॉ. रीटा चुनाव मैदान में उतरी है। रीटा को जन नायक जनता पार्टी (जेजेपी) ने टिकट दिया है। रीटा करीब एक महीने पहले जेजेपी में शामिल हुई है। जबकि वीरेंद्र सिंह को कांग्रेस ने टिकट दिया है। खबरें है कि वीरेंद्र और रीटा के बीच करीब एक साल से मन-मुटाव चल रहा है।



चाचा-भतीजा बने एक दूसरे के लिए चुनौती

भादरा से चाचा-भतीजा आमने-सामने हैं। चाचा संजीव बेनीवाल को बीजेपी ने टिकट दिया है तो उनके भतीजे अजीत बेनीवाल पर कांग्रेस ने दांव खेला है। संजीव बेनीवाल दो बार विधायक रह चुके हैं।



भाई-भाई हैं आमने-सामने

लक्ष्मणगढ़ में सुभाष महरिया और उनके भाई नंदकिशोर महरिया आमने-सामने हैं। सुभाष महरिया का मुकाबला कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासारा से है। वहीं टिकट नहीं मिलने से नाराज सुभाष महरिया के भाई नंदकिशोर महरिया ने भी फतेहपुर में जेजेपी से टिकट लेकर ताल ठोक रखी है। लक्ष्मणगढ़ में सुभाष महरिया बीजेपी से चुनाव लड़ रहे हैं तो वहीं उनके भाई नंदकिशोर महरिया फतेहपुर से चुनाव लड़ रहे हैं।



भाभी-देवर में कड़ी टक्कर

धौलपुर में भाभी-देवर के अलग-अलग पार्टियों से चुनाव लड़ रहे है। हालांकि दोनों आमने-सामने नहीं लड़ रहे है। भाभी बीजेपी की टिकट पर राजाखेड़ा से तो देवर बसपा के टिकट पर धौलपुर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। राजाखेड़ा सीट पर बीजेपी ने नीरजा अशोक शर्मा टिकट दिया है। जबकि नीरजा के देवर रोहित शर्मा बसपा के टिकट पर धौलपुर से चुनाव लड़ रहे हैं।



जीजा-साली के बीच होगा मुकाबला

धौलपुर विधान सभा क्षेत्र में कांग्रेस और बीजेपी के प्रत्याशी के जीजा साली का है। डॉ. शिवचरण कुशवाह को बीजेपी ने टिकट दिया है, जबकि कांग्रेस से शोभारानी कुशवाह चुनाव लड़ रही है।



चाचा-भतीजी में आमने-सामने की टक्कर

नागौर में एक ही परिवार के दो सदस्य आमने-सामने हैं। पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा बीजेपी की टिकट पर नागौर से चुनाव लड़ रही हैं। ज्योति मिर्धा के सामने कांग्रेस ने उनके चाचा हरेंद्र मिर्धा को टिकट दिया है। हरेंद्र मिर्धा इसी सीट पर 5 बार चुनाव लड़ चुके हैं।



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