लोकसभा स्पीकर के OSD को दी थी धमकी, अब कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल को पुलिस का नोटिस
सीआई महेश कुमार के मुताबिक रानपुर थाने में गुंजल पर आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज है। इसमें गुंजल आरोपी हैं। इसी मामले में सीआई अपनी टीम के साथ गुंजल के आवास पर पहुंचे और उन्हें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत नोटिस देकर 7 दिन के भीतर थाने में उपस्थित होने के निर्देश दिए।
21 अक्टूबर को दी थी धमकी
एक वीडियो कोलाना गांव की 21 अक्टूबर की सभा का है। वीडियो 1 मिनट 17 सेकंड का है और शाम करीब 7 बजे का बताया गया है। इस वीडियो में प्रहलाद गुंजल ने लोकसभा अध्यक्ष के ओएसडी राजीव दत्ता (Rajeev Dutta) को खुली धमकियां दी थीं। उन्होंने कहा था कि सारे राजस्थान में थू-थू हुई। दत्ता जी हमारे गुरु, क्या है दत्ता? जितनी गुंडागर्दी कर रहा है, इतने लोगों के सामने कह रहा हूं, राज बदलने दो।
गुंजल ने यह भी कहा था कि दत्ता की यह हालत बिगाड़ूंगा कि घर में बैठे-बैठे यह सोचेगा कि मैं आत्महत्या करूं या गोली लेकर किसी को मारूं। यह पूरा वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
कांस्टेबल ने दर्ज कराया मामला
गुंजल की सरेआम धमकियों का वीडियो सामने आने के बाद कॉन्स्टेबल पुष्पेंद्र चौधरी ने मामला दर्ज करवाया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार मंदिर में बिना अनुमति सभा करने का आरोप है। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने का भी आरोप है। इसके अलावा लोगों को उकसाने और धमकी देने के आरोप भी हैं।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
वीडियो की जांच में पाया गया कि प्रहलाद गुंजल सभा में लोगों को उकसा रहे हैं। वे लोकसभा स्पीकर के ओएसडी राजीव दत्ता को धमकियां भी दे रहे हैं। इस पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223(a), 132 और 308(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इसके अलावा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 के तहत भी मामला दर्ज हुआ है। पुलिस ने सबूत के तौर पर सभा के वीडियो वाली पेन ड्राइव को रिकॉर्ड पर लिया है। यह मामला अब जांच के दायरे में है।
गुंजल ने क्या कहा?
प्रहलाद गुंजल (Prahlad Gunjal) ने कहा कि धारा 35 पुलिस की प्रक्रिया है। उसकी सूचना का नोटिस देने पुलिस अधिकारी उनके घर आए थे। उन्हें 10 नवंबर को थाने बुलाया गया है, लेकिन उन्होंने मना कर दिया।
गुंजल ने कहा कि अगली तारीख होगी तो देखेंगे। गिरफ्तारी से कौन डरता है। उन्होंने कहा कि जो राजनीतिक दुर्भावना से काम करेगा सबका हिसाब होगा। कोई बचेगा नहीं। उन्होंने कहा कि पुलिस को यह गलतफहमी कहां से हो गई कि वे गिरफ्तारी का नोटिस देकर उनका आवास बंद करा देंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने जिन धाराओं में मामला दर्ज किया है, वे धाराएं बनती नहीं हैं। राजीव दत्ता तो संविदा कर्मचारी हैं। वे सरकारी सेवा से रिटायर हो चुके हैं। गुंजल ने कहा कि पुलिस को मुखबिर से वीडियो मिला है। यह वीडियो 2 साल पुराना भी हो सकता है।
FAQs
- प्रहलाद गुंजल पर कौन से आरोप लगाए गए हैं?
प्रहलाद गुंजल पर धारा 223(a), 132 और 308(2) के तहत लोकसभा के ओएसडी राजीव दत्ता को धमकियां देने, लोगों को उकसाने और आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप लगाए गए हैं। - प्रहलाद गुंजल को पुलिस ने कब और क्यों नोटिस दिया?
गुंजल को 21 अक्टूबर को उनके आवास पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत नोटिस दिया गया था, जिसमें उन्हें 7 दिन के भीतर थाने में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे। - प्रहलाद गुंजल ने अपनी गिरफ्तारी के बारे में क्या कहा है?
गुंजल ने कहा है कि वे गिरफ्तारी से नहीं डरते और पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों को गलतफहमी मानते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगली तारीख पर वे देखेंगे कि क्या करना है।