ओम बिरला के OSD को धमकी मामले में हाई कोर्ट सख्त, कोर्ट ने पुलिस से केस डायरी और रिपोर्ट मांगी

Mukesh Sharma | Nov 06, 2026, 20:50 IST
प्रह्लाद गुंजल की याचिका पर हाईकोर्ट सख्त, 17 नवंबर को सुनवाई
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के ओएसडी राजीव दत्ता को धमकी देने के मामले में राजस्थान हाई कोर्ट ने पुलिस से केस डायरी और तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है। जस्टिस उमाशंकर व्यास की एकलपीठ ने यह आदेश पूर्व विधायक प्रह्लाद गुंजल की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। अदालत ने मामले को 17 नवंबर को सुनवाई के लिए रखा है।

गुंजल की याचिका और वकील की दलील

गुंजल ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग की है। उनकी ओर से अधिवक्ता डॉ. महेश शर्मा ने दलील दी कि जिस वीडियो के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया, उसका सत्यापन तक नहीं हुआ। वीडियो कहां से आया और किसने बनाया, इसकी जानकारी भी साफ नहीं है।



वकील के अनुसार वीडियो के आधार पर धमकी देने की धाराएं जोड़ी गई हैं, जबकि जिस व्यक्ति को धमकी देने की बात कही गई, उसने कोई शिकायत नहीं की। इसी आधार पर उन्होंने मामले में रोक लगाने की मांग की है।




पुलिस की रिपोर्ट में क्या है?

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर में बिना अनुमति सभा करने, निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने, लोगों को उकसाने और धमकी देने के आरोप हैं।



दूसरा-वीडियो की जांच में पाया गया कि प्रहलाद गुंजल सभा में लोगों को उकसा रहे हैं और वे लोकसभा स्पीकर के ओएसडी राजीव दत्ता को लेकर भी धमकियां दे रहे हैं। इस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 223(a), 132, 308(2) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने सबूत के तौर पर सभा के वीडियो वाली पेन ड्राइव को रिकॉर्ड पर लिया है।




राज बदलने दो सबका हिसाब होगा

दरअसल, प्रहलाद गुंजल का 21 अक्टूबर को कोलाना गांव का एक वीडियो सामने आया था। जिसमें उन्होने कहा था कि सारे राजस्थान में थू-थू हुई, दत्ता जी हमारे गुरु, क्या है दत्ता? जितनी गुंडागर्दी कर रहा है, इतने लोगों के सामने कह रहा हूं, राज बदलने दो।



उन्होंने कहा था कि दत्ता की यह हालत बिगाड़ूंगा कि घर में बैठे-बैठे यह सोचेगा कि मैं आत्महत्या करूं या गोली लेकर किसी को मारूं। मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने मंगलवार को प्रहलाद गुंजल को नोटिस दिया था।




गुंजल का राजनीतिक सफर

प्रह्लाद गुंजल कोटा के पूर्व भाजपा विधायक हैं। 2024 में वे कांग्रेस में शामिल हुए और कोटा सीट पर ओम बिरला के खिलाफ चुनाव लड़े। यह पृष्ठभूमि मामले को समझने में मदद करती है, लेकिन इसे आरोपों का आधार बताना सही नहीं होगा।




17 नवंबर की सुनवाई पर नजर

अदालत ने पुलिस से केस डायरी और रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद ही अदालत यह तय करेगी कि एफआईआर में आगे की कार्रवाई कैसी होगी। सुनवाई 17 नवंबर को है, और उसी दिन अदालत की प्रारंभिक टिप्पणी सामने आ सकती है।



FAQs

  1. प्रह्लाद गुंजल ने हाई कोर्ट में क्या याचिका दायर की है?
    प्रह्लाद गुंजल ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग की है।
  2. पुलिस रिपोर्ट में प्रह्लाद गुंजल पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
    पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, प्रह्लाद गुंजल पर मंदिर में बिना अनुमति सभा करने, निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने, लोगों को उकसाने और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं।
  3. प्रह्लाद गुंजल मामले में 17 नवंबर को होने वाली सुनवाई का महत्व क्या है?
    17 नवंबर को होने वाली सुनवाई में अदालत पुलिस से केस डायरी और रिपोर्ट मांगेगी, जिसके बाद अदालत तय करेगी कि एफआईआर में आगे की कार्रवाई कैसी होगी।
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