टाइगर रिजर्व में नियमों का उल्लंघन, रणथंभौर में 80 गाड़ियों की एंट्री बैन, सरिस्का में श्रद्धालुओं पर जुर्माना
News In Short
- रणथंभौर टाइगर रिजर्व में 80 गाड़ियों की एंट्री बैन, सुरक्षा के लिए उठाए सख्त कदम।
- रणथंभौर में 40 किमी/घंटा की गति सीमा उल्लंघन कर रहे थे सफारी वाहन।
- वन विभाग ने नियम तोड़ने वाले वाहनों के रजिस्ट्रेशन रद्द व ब्लैकलिस्ट की चेतावनी दी।
- सरिस्का टाइगर रिजर्व में भी नियमों के उल्लंघन पर श्रद्धालुओं से जुर्माना वसूला।
- श्रद्धालु वाहनों से नीचे उतर रहे थे और वन्यजीवों को खाद्य सामग्री खिला रहे थे।
News In Detail
सुनील जैन@अलवर
राजस्थान के मशहूर बाघ अभयारण्यों में इंसानी दखल और नियमों के उल्लंघन को लेकर वन विभाग ने अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपना ली है। रणथंभौर टाइगर रिजर्व में तेज रफ्तार गाड़ियों पर एक्शन हुआ है, वहीं सरिस्का में नियमों को ताक पर रखने वाले श्रद्धालुओं से जुर्माना वसूला गया है। विभाग की इस कड़ी कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि वन्यजीवों और पर्यटकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
रणथंभौर में गति सीमा का उल्लंघन करने पर 80 गाड़ियां बाहर
सवाई माधोपुर के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में सफारी कराने वाली जिप्सी और कैंटर गाड़ियों द्वारा पर्यटकों और जानवरों की जान जोखिम में डालने के मामले सामने आने के बाद वन विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। विभाग ने निर्धारित 40 किमी प्रति घंटे की गति सीमा का उल्लंघन करने पर 80 सफारी वाहनों की पार्क में एंट्री अग्रिम आदेशों तक बैन कर दी है।
जांच में 15 वाहनों के जीपीएस (GPS) सिस्टम बंद पाए गए, जिन्हें ठीक होने तक पार्क में घुसने की अनुमति नहीं मिलने का आदेश है। 21 अन्य गाड़ियों को पहली चेतावनी दी गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में गलती दोहराने पर रजिस्ट्रेशन रद्द कर वाहन को हमेशा के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।
सरिस्का में भी नियमों का उल्लंघन
अलवर के सरिस्का टाइगर रिजर्व में भी वन विभाग के फ्लाइंग स्क्वाड ने वन्यजीव संरक्षण नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। पांडुपोल मंदिर मार्ग और बांदीपूल मंदिर के पास श्रद्धालुओं द्वारा की जा रही लापरवाही सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
वन विभाग के निर्देशों के बावजूद श्रद्धालु वाहनों से नीचे उतर रहे थे, मुख्य मार्ग छोड़कर कच्चे रास्तों पर गाड़ियां ले जा रहे थे और सबसे खतरनाक-वन्यजीवों को खाद्य सामग्री (खाना) खिला रहे थे। विभाग ने इन नियमों को तोड़ने पर 5 वाहनों से ₹5000 का जुर्माना वसूला गया।
खतरनाक है जानवरों को खाना खिलाना
वन विभाग ने चेतावनी दी है कि वन्यजीवों को इंसानी खाना खिलाने से उनके प्राकृतिक आहार और व्यवहार पर बुरा असर पड़ता है। इससे जानवर इंसानों के करीब आने लगते हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही, वाहन से नीचे उतरना पर्यटकों की जान के लिए भी बड़ा खतरा है।
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