Rajasthan Bureaucracy: वन विभाग प्रमुख की नियुक्ति पर संशय, बनर्जी के सेवा विस्तार पर सवाल
तीन नामों पर सबकी नजर
अगर वरिष्ठता को आधार मानें तो तीन PCCF (Principal Chief Conservator of Forest) होड़ में हैं। इनमें पवन कुमार उपाध्याय, शिखा मेहरा और अनुराग भारद्वाज के नाम प्रमुख हैं। वरिष्ठता के हिसाब से देखें तो पवन कुमार उपाध्याय सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
अब यह फैसला मुख्यमंत्री स्तर पर होना है कि वन विभाग की कमान किसे सौंपी जाए। हाल ही में HoFF (Head of the Forest Force) पद को लेकर स्क्रीनिंग बैठक भी हो चुकी है। बताया जा रहा है कि स्क्रीनिंग की तारीख पहले टाली गई थी और फिर शुक्रवार को इसे पूरा किया गया। हालांकि अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है।
अरिजीत बनर्जी का विस्तार टलने की वजह
मौजूदा HoFF अरिजीत बनर्जी लगातार इस कोशिश में थे कि उन्हें सेवा विस्तार मिल जाए। इसके लिए उन्होंने केंद्रीय स्तर से लेकर सीएमओ और पूर्व सीएम से भी मुलाकात की। लेकिन खबर है कि HoFF की रेस में शामिल कुछ अन्य अधिकारियों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
सेवानिवृत्ति से करीब 15 दिन पहले ही उनके खिलाफ दो आरोप पत्र तैयार कर भेजे गए। इस वजह से उनका विस्तार टलता दिख रहा है। हालांकि बनर्जी खुद अभी भी आश्वस्त हैं कि उन्हें विस्तार मिल जाएगा।
उपाध्याय और मेहरा पर आरोप
वरिष्ठता सूची में बनर्जी के बाद पहले नंबर पर पवन कुमार उपाध्याय हैं। लेकिन उन पर भ्रष्टाचार की विजिलेंस जांच को प्रभावित करने के आरोप लग चुके हैं। वन विभाग में चल रहे घोटाले की जांच विजिलेंस कर रही है।
वहीं शिखा मेहरा वन मंत्री संजय शर्मा के निशाने पर आ गई हैं। करीब एक साल पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वन विभाग के सभी गेस्ट हाउस पर्यटकों के लिए खोलने और ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल शुरू करने के निर्देश दिए थे। लेकिन ऐसा नहीं होने पर वन मंत्री नाराज हो गए थे। उन्होंने मेहरा सहित एक अन्य अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए थे।
अनुराग भारद्वाज के लिए मौका
वरिष्ठता में तीसरे नंबर पर अनुराग भारद्वाज हैं। कहा जा रहा है कि अगर सरकार उपाध्याय और मेहरा पर लगे आरोपों को गंभीरता से देखती है, तो इसका फायदा भारद्वाज को मिल सकता है। वे आम तौर पर किसी विवाद में नहीं रहते हैं।
भारद्वाज भी HoFF बनने की पूरी कोशिश में जुटे हैं। इसके लिए उन्होंने एक केंद्रीय मंत्री से भी मुलाकात की है। अब देखना यह है कि सरकार वरिष्ठता को तरजीह देती है या आरोपों और विवादों को ध्यान में रखती है।
सबकी नजर सीएम पर
वन विभाग की कमान को लेकर सभी की नजरें अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर टिकी हैं। यह फैसला विभाग की कार्यप्रणाली और आने वाले समय की रणनीति तय करेगा। फिलहाल वन विभाग में इस पद को लेकर तनाव का माहौल बना हुआ है।