उदयपुर में गांजे की खेती का बड़ा खेल बेनकाब, 100 बीघा में लहलहा रही थी 300 करोड़ की फसल
राजस्थान में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत उदयपुर जिले के मांडवा इलाके में बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की संयुक्त टीम ने करीब 100 बीघा जमीन पर गांजे की अवैध खेती का पता लगाया है।
पुलिस के अनुसार, खेतों में खड़ी गांजे की फसल की अनुमानित कीमत 300 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है। इतनी बड़े क्षेत्र में खेती सामने आने के बाद संबंधित एजेंसियां जांच में जुट गई हैं। हालांकि, फसल की वास्तविक मात्रा और कीमत का अंतिम आकलन जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
मांडवा में 100 बीघा जमीन पर गांजे की खेती
मांडवा क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान सामने आया कि कुछ खेतों में दूसरी फसलों के साथ गांजा उगाया जा रहा था। वहीं, कई खेतों में मक्का, कपास और अरंडी जैसी फसलों के बजाय केवल गांजे की खेती की जा रही थी। इस तरह अलग-अलग खेतों में बड़े क्षेत्र में अवैध खेती का खुलासा हुआ।
मक्का, कपास और अरंडी के बीच उगा रहे थे गांजा
जांच में पता चला कि कुछ खेतों में गांजे के पौधों को दूसरी फसलों के बीच लगाया गया था। इससे खेती के वास्तविक स्वरूप का पता लगाने के लिए एजेंसियों को खेतों की जांच करनी पड़ी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में खेतों की कुल संख्या, गांजे के पौधों की संख्या और जब्त फसल के वजन का ब्योरा नहीं दिया गया है।
कार्रवाई की भनक लगते ही खेत मालिक फरार
संयुक्त टीम की कार्रवाई के दौरान खेत मालिक मौके पर नहीं मिले। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कार्रवाई की भनक लगने के बाद वे वहां से फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान और तलाश शुरू की।
NDPS एक्ट में मामला दर्ज, आरोपियों की तलाश
पुलिस ने मामले में NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। अब जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि जमीन का इस्तेमाल कौन कर रहा था और गांजे की खेती किन लोगों की देखरेख में हो रही थी। आरोपियों की पहचान, जमीन से जुड़े दस्तावेज और खेती में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
300 करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत का अनुमान
पुलिस के अनुसार, खेतों में खड़ी गांजे की फसल की अनुमानित कीमत 300 करोड़ रुपए से अधिक है। यह शुरुआती अनुमान है। अंतिम कीमत का आकलन फसल की वास्तविक मात्रा और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर स्पष्ट होगा।
तैयार फसल कहां खपाने की थी योजना?
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर सकती हैं कि गांजे की फसल कहां भेजी जानी थी और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में किसी सप्लाई नेटवर्क, खरीदार या तस्करी के रास्ते की पुष्टि नहीं हुई है। आरोपियों की गिरफ्तारी और आगे की जांच के बाद ही इस बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
यह खबर क्यों जरूरी है?
करीब 100 बीघा जमीन पर गांजे की खेती का खुलासा अवैध नशे के कारोबार की जांच के लिहाज से अहम है। पुलिस, NCB और ANTF की संयुक्त कार्रवाई के बाद अब यह पता लगाना जरूरी होगा कि खेती किसके इशारे पर की जा रही थी और फसल का इस्तेमाल कहां होना था। इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच के नतीजों पर नजर रहेगी।