सोने और चांदी से सजी बाइक, कबाड़ से बनी धरोहर, उदयपुर के रवि कंधार की अनोखी विरासत

Jageshwar Prasad | Nov 06, 2026, 13:40 IST
108 पुरानी बाइक, खास नंबरों का शौक: उदयपुर के रवि कंधार की अनोखी विरासत
धनतेरस पर ज्यादातर लोग सोना या चांदी खरीदते हैं। लेकिन उदयपुर के रवि कंधार ने इस परंपरा को अपने अंदाज में आगे बढ़ाया है। उनके पास 108 पुरानी ब्रिटिशकालीन बाइक का अनोखा संग्रह है। इनमें तीन बाइक 24 कैरेट सोने से तैयार करवाई गई हैं और एक 999 शुद्ध चांदी से। यह शौक दिखावे से नहीं, बल्कि बचपन के जुनून से शुरू हुआ।

बचपन का जुनून, 15 की उम्र से शुरुआत

रवि कंधार को बचपन से मोटरसाइकिल का शौक था। करीब 15 साल की उम्र में उन्होंने पुरानी बाइक जुटाना शुरू किया। देश के अलग-अलग शहरों से पुरानी ब्रिटिशकालीन बाइक खरीदी गईं।



इनमें से कई बाइक लगभग कबाड़ हो चुकी थीं। ज्यादातर लोग ऐसी बाइक को बेकार समझकर फेंक देते, लेकिन रवि ने उन्हें दोबारा तैयार कराने का फैसला किया। बाइक को उसके पुराने रूप में लौटाना उनकी सबसे बड़ी पहचान बन गई।




हर बाइक अलग, हर नंबर खास

108 बाइक के इस संग्रह में हर बुलेट का रंग और डिजाइन अलग है। संग्रह में द्वितीय विश्वयुद्ध के समय के मॉडल भी शामिल हैं। साथ ही हेलिकॉप्टर के साथ इस्तेमाल होने वाली मोटरसाइकिल का जिक्र भी मिलता है।



शौक सिर्फ बाइक तक सीमित नहीं है। कई बाइक के लिए नीलामी से खास नंबर लिए गए हैं, जिनमें 555, 111, 777, 666 और 1009 शामिल हैं।




परिवार का भरपूर मिला साथ

इस संग्रह को सहेजने में रवि कंधार की पत्नी रश्मि कंधार और तीन बच्चों का सहयोग रहा है। बच्चों में डॉ. श्वेतल कंधार, दिव्या और शिवांश शामिल हैं। बाइक जुटाने, संभालने और दोबारा तैयार कराने का काम परिवार के साथ मिलकर हुआ। यह संग्रह अब सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे परिवार की मेहनत का नतीजा है।




सोने और चांदी वाली बाइक

सोने और चांदी से तैयार बाइक इस संग्रह का सबसे चर्चित हिस्सा हैं। तीन बाइक 24 कैरेट सोने से और एक 999 शुद्ध चांदी से तैयार करवाई गई है। लेख में यह स्पष्ट नहीं है कि ये पूरी तरह धातु से बनी हैं या सिर्फ धातु से सजी हैं। इसलिए इस विवरण को सही संदर्भ में ही पेश करना जरूरी है।




धरोहर को सहेजने का संदेश

पुरानी धरोहर को सहेजना इतिहास को जिंदा रखने जैसा है। कबाड़ बन चुकी बाइक को दोबारा खड़ा करना धैर्य और कारीगरी दोनों की मांग करता है। रवि कंधार का यह सफर बताता है कि शौक को सही दिशा मिले तो वह पहचान बन सकता है। उदयपुर के इस संग्रह की कहानी नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने का संदेश भी देती है।



FAQs

  1. रवि कंधार का मोटरसाइकिल संग्रह कैसे शुरू हुआ?
    रवि कंधार का मोटरसाइकिल संग्रह बचपन के जुनून से शुरू हुआ, जब उन्होंने 15 साल की उम्र में पुरानी बाइक्स जुटाना शुरू किया।
  2. रवि कंधार के मोटरसाइकिल संग्रह में कौन-कौन सी खास बाइक्स शामिल हैं?
    रवि कंधार के संग्रह में कई पुरानी ब्रिटिशकालीन बाइक्स शामिल हैं, जिनमें द्वितीय विश्वयुद्ध के समय के मॉडल और हेलिकॉप्टर के लिए इस्तेमाल होने वाली मोटरसाइकिल भी शामिल हैं।
  3. क्या रवि कंधार के मोटरसाइकिल संग्रह में सोने और चांदी से बनी बाइक्स शामिल हैं?
    हाँ, रवि कंधार के संग्रह में तीन बाइक्स 24 कैरेट सोने से और एक बाइक 999 शुद्ध चांदी से तैयार की गई है, हालाँकि यह स्पष्ट नहीं है कि ये बाइक्स पूरी तरह धातु से बनी हैं या सिर्फ धातु से सजी हैं।
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