कौन है विनायक प्रताप सिंह, जिनकी पीएम मोदी के साथ तस्वीर ने बढ़ाई सियासी हलचल
News In Short
- वसुंधरा राजे ने पीएम नरेंद्र मोदी से दिल्ली में की मुलाकात।
- मुलाकात में वसुंधरा राजे का पूरा परिवार भी था शामिल।
- मुलाकात में सबसे अधिक ध्यान वसुंधरा के पोते विनायक प्रताप ने खींचा।
- सोशल मीडिया पर आई तस्वीरों में मोदी आत्मीयता से विनायक से मिलते दिखे।
- मुलाकात के बाद चर्चा कि क्या विनायक प्रताप राजनीति में लॉन्च होने वाले हैं।
News In Detail
Jaipur: पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पीएम नरेंद्र मोदी से मुलकात के बाद राजस्थान की राजनीति में हलचल शुरू हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने पूरे परिवार के साथ सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाकात की। इस मुलाकात में वसुंधरा राजे के पोते विनायक प्रताप सिंह भी थे।
विनायक से आत्मीयता से मिले पीएम
हालांकि, पीएम से इस मुलाकात को एक शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों ने सियासी पंडितों को चर्चा का नया मुद्दा दे दिया है। तस्वीर में वसुंधरा राजे के साथ उनके बेटे दुष्यंत सिंह, बहू निहारिका सिंह और उनके पोते-पोती नजर आ रहे हैं।
सबसे ज्यादा ध्यान खींचा वसुंधरा के पोते विनायक प्रताप सिंह ने, जिनसे प्रधानमंत्री मोदी काफी आत्मीयता से बातचीत करते दिखे। इस मुलाकात के बाद अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या राजस्थान की राजनीति में 'धौलपुर घराने' की तीसरी पीढ़ी की एंट्री होने वाली है?
कौन हैं विनायक प्रताप सिंह?
करीब 22 वर्षीय विनायक प्रताप सिंह झालावाड़-बारां से सांसद दुष्यंत सिंह के बेटे और वसुंधरा राजे के पोते हैं। वह सार्वजनिक जीवन और मीडिया की चकाचौंध से अक्सर दूर ही रहते हैं, लेकिन जब भी सामने आते हैं, अपनी एक अलग छाप छोड़ते हैं।
विनायक फिलहाल देश की राजधानी दिल्ली से कानून की पढ़ाई कर रहे हैं। कानूनी बारीकियों को समझने के साथ-साथ उनका झुकाव सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों की ओर भी दिखने लगा है।
फिटनेस फ्रीक और यूट्यूबर हैं विनायक
विनायक की पहचान केवल एक राजनीतिक परिवार के वारिस के रूप में नहीं है। वह अपनी फिजिकल फिटनेस के लिए युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। वह जिमिंग के बजाय ओपन एक्सरसाइज और नेचुरल फिटनेस पर ज्यादा भरोसा करते हैं। इतना ही नहीं, वह अपना एक यूट्यूब चैनल भी चलाते हैं, जिसके माध्यम से वह युवाओं को हेल्थ और वर्कआउट के प्रति जागरूक करते हैं।
चुनाव में दिखे पहली बार विनायक
विनायक पहली बार 2023 के विधानसभा चुनावों के दौरान चर्चा में आए थे। यह वही समय था जब उन्होंने अपने जीवन का पहला मतदान किया था। चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें अपनी दादी वसुंधरा राजे के साथ कुछ चुनावी रैलियों और कैंपेन में भी देखा गया था, जिससे उनके राजनीति में आने के संकेत तभी मिलने लगे थे।
पीएम से मुलाकात के क्या हैं मायने?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विनायक प्रताप सिंह की बातचीत करती हुई तस्वीर इस समय इंटरनेट पर छाई हुई है। सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी ने विनायक की फिटनेस और उनकी पढ़ाई को लेकर काफी देर चर्चा की। सियासी गलियारों में यह माना जा रहा है कि वसुंधरा राजे ने इस मुलाकात के जरिए अपने पोते का परिचय सीधे शीर्ष नेतृत्व से करवा दिया है।
जानकारों का कहना है कि जिस तरह से पीएम मोदी युवाओं को राजनीति में आगे लाने की बात करते हैं, उसे देखते हुए विनायक प्रताप सिंह एक फिट और शिक्षित युवा चेहरे के तौर पर फिट बैठते हैं। यह मुलाकात संकेत दे रही है कि आने वाले समय में विनायक अपनी दादी और पिता की राजनीतिक विरासत को संभालते हुए चुनावी मैदान में नजर आ सकते हैं।
क्या विरासत को आगे बढ़ाने की तैयारी
राजस्थान की राजनीति में वसुंधरा राजे का कद किसी से छिपा नहीं है। उनके बेटे दुष्यंत सिंह लगातार संसद में झालावाड़ का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। अब विनायक प्रताप सिंह के रूप में तीसरी पीढ़ी का सार्वजनिक रूप से दिखना यह दर्शाता है कि परिवार अपनी पकड़ को और मजबूत करना चाहता है।
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