राजस्थान में गरबा एंट्री पर VHP की नजर, ID जांच की तैयारी; तिलक-कलावा भी होगा जरुरी
राजस्थान में नवरात्रि से पहले गरबा आयोजनों को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने अपना रुख साफ किया है। संगठन का कहना है कि गरबा पंडालों में प्रवेश से पहले लोगों की पहचान की जांच की जाएगी क्योकि गरबा एक धार्मिक आयोजन है। इसलिए आने वालों की पहचान और आस्था को लेकर सावधानी जरूरी है।
नवरात्रि 2026 गरबा की तैयारियां
शारदीय नवरात्रि इस साल 11 अक्टूबर से शुरू हो रही है। जयपुर समेत राजस्थान के कई शहरों में गरबा और डांडिया की तैयारियां चल रही हैं। नवरात्री (Navratri) 2026 से ठीक पहले वीएचपी का यह बयान चर्चा में है।
आईडी देखकर एंट्री की बात
वीएचपी (VHP – Vishva Hindu Parishad) के प्रांत अध्यक्ष सुभद्र पापड़ीवाल ने संगठन का पक्ष रखा। उनके मुताबिक गरबा पंडालों में प्रवेश से पहले आईडी (ID – Identity Document) प्रूफ देखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि जिनकी हिंदू देवी-देवताओं और परंपराओं में आस्था नहीं है, उन्हें पंडाल से दूर रहना चाहिए।
डीजीपी को दी सूचना
वीएचपी ने इस मुद्दे पर राजस्थान के डीजीपी (DGP – Director General of Police) को सूचना दी है। संगठन का दावा है कि पिछले कुछ सालों से गरबा पंडालों से शिकायतें आती रही हैं। संगठन के मुताबिक कुछ लोगों पर माहौल खराब करने की नीयत से आने का आरोप लगता रहा है।
तिलक और कलावा अनिवार्य नहीं
पहचान के लिए वीएचपी ने अलग-अलग तरीकों की बात कही है। पापड़ीवाल के मुताबिक कुछ आयोजक प्रवेश से पहले तिलक लगाने की व्यवस्था कर सकते हैं। कुछ हाथ में कलावा बांधने का तरीका अपना सकते हैं।
उन्होंने साफ किया कि यह हर आयोजक पर निर्भर करेगा। यानी तिलक और कलावा पूरे राजस्थान के लिए अनिवार्य नियम नहीं है। अगर आप गरबा में जाने की योजना बना रहे हैं, तो पहले अपने आयोजक के प्रवेश नियम जान लें।
दूसरे धर्म के लोगों पर क्या कहा
वीएचपी का कहना है कि दूसरे धर्म का कोई व्यक्ति आस्था के साथ परिवार संग आए, तो उसका अपमान नहीं होगा। संगठन के मुताबिक आपत्ति सिर्फ उन लोगों से है, जिनकी नीयत आयोजकों को गलत लगे। लेकिन किसकी नीयत गलत है, यह कैसे तय होगा? इस पर अभी कोई स्पष्ट पैमाना सामने नहीं आया है।
बजरंग दल गरबा पंडाल में रहेगा मौजूद
वीएचपी ने बताया कि बजरंग दल और दुर्गा वाहिनी की टीमें कई गरबा पंडालों में रहेंगी। ये टीमें आयोजकों के सहयोग के लिए मौजूद होंगी। संगठन के मुताबिक बजरंग दल युवाओं की टोली है, जो प्रशासन की मदद करेगी।
हालांकि वीएचपी ने खुद साफ किया कि बजरंग दल के पास प्रवेश रोकने का कानूनी अधिकार नहीं है। पापड़ीवाल के अनुसार प्रवेश से जुड़े फैसले आयोजक ही करेंगे। अगर आयोजक कार्यकर्ताओं को पंडाल के बाहर नहीं चाहता, तो संगठन उसकी बात मानेगा।
लिखित निर्देश दिए गए
पापड़ीवाल ने कहा कि बजरंग दल को उग्रता नहीं करनी है। कार्यकर्ताओं को इस बारे में लिखित निर्देश भी दिए गए हैं।
अंतिम नियम आयोजकों और प्रशासन के हाथ
वीएचपी के रुख के बाद गरबा आयोजनों में पहचान जांच और सुरक्षा पर चर्चा तेज हो गई है। अब गरबा में प्रवेश नियम आयोजकों और स्थानीय प्रशासन की व्यवस्था पर निर्भर करेंगे। क्या पहचान जांच से माहौल ज्यादा सुरक्षित होगा, या इससे तनाव बढ़ेगा? इस सवाल का जवाब नवरात्रि के दौरान जमीन पर ही मिलेगा।
दूसरे राज्यों में भी उठी मांग
राजस्थान के अलावा दूसरे राज्यों में भी वीएचपी ने ऐसी मांगें उठाई हैं। वहां भी पहचान जांच और गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर संगठन ने अपनी बात रखी है। VHP Garba से जुड़ा यह मुद्दा हर साल नवरात्रि से पहले सुर्खियों में रहता है।