जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026: विश्वनाथन आनंद ने खोला रहस्य- आज भी रोज मां के साथ खेलता हूं ताश

Purshottam Kumar Joshi | Jan 16, 2026, 15:41 IST
Photograph: (the sootr)
विश्वनाथन आनंद ने राजस्थान के जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में अपने जीवन के अनुभवों को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए है। उन्होने कहा कि शतरंज में भले ही वो जीत जाते है लेकिन आज भी अपनी मां के साथ ताश पत्ती खेलते है और उसमें हार जाते है।

News in Short

  • शतरंज के महान खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद ने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में AI, माइंड, और मानवीय भावनाओं पर चर्चा की।
  • आनंद ने बताया कि वे अपनी मां के साथ ताश खेलते हैं और उन्हें हारना पसंद है।
  • AI और गैजेट्स के बढ़ते प्रभाव पर आनंद ने अपनी राय दी, और कहा कि लिखाई से दिमाग बेहतर काम करता है।
  • आनंद ने 2007 ग्रैड स्लैम के गेम चेंजिंग फैसले को याद किया।
  • उन्होंने कहा कि AI के साथ नई चालें खोजने की जगह अब AI के जवाबों को समझने की चुनौती है।

News in Detail

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026 में शतरंज के जादूगर विश्वनाथन आनंद ने AI और मानवीय भावनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि वे अपनी मां के साथ ताश खेलते हैं और हारने को खुशी का अनुभव मानते हैं। आनंद ने AI और गैजेट्स पर अपनी राय व्यक्त की, और बताया कि लिखाई से दिमाग बेहतर काम करता है। उन्होंने 2007 में गेम चेंजिंग चाल के बारे में भी साझा किया। AI के उपयोग के बारे में आनंद ने चेतावनी दी कि इसका सही प्रयोग न किया जाए तो यह मानसिक विकास को रोक सकता है।



शतरंज के जादूगर के अनुभव

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) के मंच पर पांच बार के विश्व चैंपियन शतरंज खिलाड़ी, विश्वनाथन आनंद ने शतरंज, माइंड, एआई (AI), और मानवीय भावनाओं पर अपनी राय साझा की। उन्होंने जीवन के अनुभवों, AI के प्रभाव और शतरंज में हार-जीत पर अपने विचार रखे। इसके अलावा, आनंद ने अपनी मां के साथ अपने रिश्ते पर भी विचार व्यक्त किए।



मां के साथ हारने का अद्भुत अनुभव

आनंद से जब पूछा गया कि उन्हें सबसे ज्यादा खुशी कब मिली, तो उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतने या नागरिक सम्मान मिलने पर खुशी को प्राथमिकता नहीं दी। उन्होंने कहा कि वह अपनी मां के साथ ताश खेलते हैं और उन्हें अपनी मां से हारने में खुशी मिलती है। यह इस बात का प्रतीक है कि आनंद के लिए जीवन के सबसे बड़े पुरस्कार उसकी मां के साथ बिताए गए समय और भावनाओं से जुड़े हैं।



AI का प्रभाव और अपनी याददाश्त की ताकत

जेएलएफ 2026 मेंआनंद ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि तकनीक और गैजेट्स हमें कभी-कभी बहुत निर्भर बना देते हैं, लेकिन हमारी खुद की याददाश्त और विचारों को कागज पर लिखने की आदत हमें अपनी सोच को बेहतर तरीके से सहेजने में मदद करती है। वह मानते हैं कि यह आदत दिमाग की क्षमता को बढ़ाती है, जो तकनीक से कहीं अधिक प्रभावी है।



शतरंज में प्रयोग और जोखिम का महत्व

आनंद ने शतरंज में प्रयोग करने की अहमियत को समझाया। 2007 में व्लादिमीर क्रैमनिक के खिलाफ उनकी जीत ने उन्हें यह सिखाया कि कभी-कभी अपनी आदतों और सामान्य चालों को बदलने का जोखिम उठाना जरूरी होता है। उन्होंने इस बारे में कहा कि यह एक "साहसी प्रयोग" था, जो उन्हें और उनके प्रतिद्वंदी को चौंका दिया।



आधुनिक शतरंज में AI की भूमिका

आधुनिक शतरंज में AI का असर बढ़ गया है, और आनंद ने इसे चुनौतीपूर्ण माना। अब शतरंज की नई चालों का खोजने की चुनौती नहीं रही, बल्कि AI द्वारा दिए गए सुझावों को समझना और उस पर प्रतिक्रिया देना चुनौती बन गई है। वह मानते हैं कि अगर AI का उपयोग ठीक से न किया गया, तो यह हमारी सोच और दिमागी विकास को सीमित कर सकता है।



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