राजस्थान की पंचायतों में पंच-सरपंचों की वोटिंग कल , कल बैलेट पेपर से होगी वोटिंग
पहले चरण में 3,314 सरपंच पदों और 28,682 वार्ड पंच पदों के लिए चुनाव हो रहे हैं। इस बार सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव में EVM की जगह बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जाएगा। मतदाताओं को दो अलग-अलग मतपत्रों के जरिए वोट डालना होगा। एक मतपत्र सरपंच पद के उम्मीदवार के लिए और दूसरा वार्ड पंच के प्रत्याशी के लिए होगा।
बैलेट पेपर से वोटिंग, रात तक आएंगे नतीजे
राजस्थान में इस बार पंच और सरपंच के चुनाव बैलेट पेपर से कराए जा रहे हैं। मतदान के बाद मतपत्रों की गिनती संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालय पर होगी। पहले वार्ड पंच और फिर सरपंच पद के वोटों की गिनती की जाएगी। जहां जीत-हार का अंतर बहुत कम होगा, वहां दोबारा गिनती देर रात तक हो सकती है।
मतदान के लिए चुनाव आयोग ने चरणवार व्यवस्था की है। पहले चरण में 3,314 ग्राम पंचायतों के चुनाव होंगे। इसके बाद दूसरे, तीसरे और चौथे चरण में अलग-अलग पंचायतों में मतदान कराया जाएगा।
पार्टी के सिंबल पर नहीं लड़ते चुनाव
पंच और सरपंच के चुनाव राजनीतिक दलों के आधिकारिक चुनाव चिह्न पर नहीं लड़े जाते। यानी भाजपा, कांग्रेस या किसी अन्य दल की ओर से इन पदों के लिए औपचारिक पार्टी सिंबल जारी नहीं किया जाता। उम्मीदवार स्थानीय स्तर पर अपने समर्थन और जनसंपर्क के आधार पर चुनाव लड़ते हैं।
हालांकि, गांवों की राजनीति में राजनीतिक दलों और स्थानीय नेताओं की भूमिका बनी रहती है। कई जगह उम्मीदवारों को अलग-अलग दलों से जुड़े नेताओं का समर्थन मिलता है। गांव में सड़क, पानी, सफाई, नाली, बिजली और दूसरी बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दे चुनाव को प्रभावित करते हैं।
बाड़मेर में सबसे ज्यादा 419 सरपंच पद
पहले चरण में बाड़मेर जिले में सबसे ज्यादा 419 सरपंच पदों के लिए चुनाव हो रहे हैं। जिले की कई पंचायतों में स्थानीय मुकाबले पर लोगों की नजर है। प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने नामांकन के बाद प्रचार तेज कर दिया है। अब मतदान से एक दिन पहले गांवों में मतदाताओं से संपर्क करने और समर्थन जुटाने की कोशिशें चल रही हैं।
चुनाव में इस बार बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतें शामिल हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने मतदान शांतिपूर्ण ढंग से कराने और मतपत्रों की गिनती समय पर पूरी कराने की चुनौती होगी।
25 अक्टूबर को चुने जाएंगे उपसरपंच
सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव के अगले दिन, रविवार 25 अक्टूबर को उपसरपंच का चुनाव होगा। इस चुनाव में आम मतदाता सीधे वोट नहीं डालते। ग्राम पंचायत के निर्वाचित वार्ड पंच अपने बीच से उपसरपंच चुनते हैं। इसलिए 24 अक्टूबर को चुने जाने वाले वार्ड पंचों की भूमिका अगले दिन भी अहम रहेगी।
इस तरह पहले चरण में चुनावी प्रक्रिया दो दिनों तक चलेगी। शनिवार को सरपंच और वार्ड पंच के लिए मतदान और मतगणना होगी, जबकि रविवार को उपसरपंच का चुनाव कराया जाएगा।
बीकानेर में 28 चुनावकर्मियों को नोटिस
इधर, बीकानेर में चुनाव ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले 28 कर्मचारियों को जिला निर्वाचन अधिकारी निशान्त जैन ने नोटिस जारी किए हैं। ये कर्मचारी 21 अक्टूबर को मतदान दलों की रवानगी और प्रशिक्षण के लिए निर्धारित स्थल पर नहीं पहुंचे थे। प्रशासन ने इसे चुनावी (election) जिम्मेदारी में लापरवाही माना है।
जारी नोटिस के अनुसार, संबंधित कर्मचारियों को तीन दिन के भीतर अपने कार्यालयाध्यक्ष के माध्यम से जिला निर्वाचन कार्यालय में जवाब देना होगा। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार एकतरफा कार्रवाई और निलंबन की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
अब पहले चरण की परीक्षा मतदान और मतगणना की है। प्रशासन की कोशिश रहेगी कि सभी मतदान केंद्रों पर प्रक्रिया समय पर पूरी हो और किसी तरह की अव्यवस्था न हो। गांवों की सरकार चुनने के लिए मतदाताओं को शनिवार सुबह से मतदान केंद्रों पर पहुंचना होगा।
FAQs
- राजस्थान में सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव कब होंगे?
राजस्थान में सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव पहले चरण में 22 अक्टूबर को होंगे। - सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव में किस प्रकार का मतपत्र इस्तेमाल होगा?
इस बार सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव में EVM की जगह बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जाएगा। मतदाता दो अलग-अलग मतपत्रों के जरिए वोट डालेंगे। - राजस्थान में उपसरंच का चुनाव कब होगा और इसमें किसका वोट होता है?
उपसरंच का चुनाव 25 अक्टूबर को होगा, जिसमें सीधे आम मतदाता वोट नहीं डालते। ग्राम पंचायत के निर्वाचित वार्ड पंच अपने बीच से उपसरंच चुनते हैं।