गुब्बारों से सजी नावों से निकली बारात, दूल्हे के साथ ढोल-नगाड़ों की धुन पर तालाब तक पहुंचे बाराती
Bhilwara. शादियों का सीजन हमेशा अपने साथ अनगिनत उत्सवों और खास लम्हों को लेकर आता है। हर दूल्हा और दुल्हन अपनी शादी को खास और यादगार बनाने के लिए कुछ न कुछ नया करने की कोशिश करते हैं। कुछ लोग हेलीकॉप्टर से बारात लेकर जाते हैं, तो कुछ बैलगाड़ियों का सहारा लेते हैं।
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के गंगापुर में एक परिवार ने अपनी शादी को यादगार बनाने के लिए कुछ और ही किया। यहां दूल्हे की नावों में सवार बारात होकर बघेरा गांव तक पहुंची। इस अनोखी बारात ने पूरे क्षेत्र में खूब सुर्खियां बटोरीं।
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नावों में सवार बाराती
इस अनूठी शादी का आयोजन गंगापुर कस्बे से 5 किमी दूर लाखोला गांव में हुआ। दूल्हे के पिता मांगीलाल ने बताया कि बारात लाखोला गांव से बघेरा गांव के लिए निकली थी, जो तीन किमी दूर स्थित था। लाखोला और बघेरा के बीच कई रास्ते थे, लेकिन दूल्हे के परिवार ने इस यात्रा को खास और यादगार बनाने के लिए नावों का चयन किया।
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तालाब में सजाई गई नाव
लाखोला गांव के तालाब में आधा दर्जन से अधिक नावों को गुब्बारों से सजाया गया। ढोल-नगाड़ों की धुन पर बाराती दूल्हे के साथ तालाब तक पहुंचे। सभी बाराती नावों में बैठकर तालाब में तैरते हुए बघेरा गांव के लिए रवाना हुए। इस दौरान बारातियों ने खूबसूरत फोटो सेशन भी कराया, जो इस आयोजन को और भी खास बना गया।
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आयोजन से जुड़ी खास बातें
सजावट : नावों को रंगीन गुब्बारों से सजाया गया था, जिससे यह आयोजन और भी आकर्षक बन गया।
संगीत और नृत्य : बाराती ढोल-नगाड़ों के साथ तालाब के किनारे नाचते-गाते पहुंचे।
फोटो सेशन : सभी ने नावों में बैठकर खूबसूरत फोटो खिंचवाई, जो शादी के इस खास दिन को और भी यादगार बना गईं।
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मुख्य बिंदु
- दूल्हे के परिवार ने अपनी शादी को खास और यादगार बनाने के लिए नावों का इस्तेमाल किया, जिससे यह आयोजन क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया।
- लाखोला गांव के तालाब में आधा दर्जन से अधिक नावों को सजाया गया था, जिनमें बाराती और दूल्हा सवार होकर बघेरा गांव पहुंचे।
- इस अनूठे आयोजन को दूल्हे के परिवार ने खुद पहल करते हुए तय किया था, ताकि उनकी शादी एक यादगार और विशेष बन सके।