राजस्थान में वफादार सिपहसलारों का टिकट कटने पर भी किस वजह से चुप हैं वसुंधरा, सिर्फ प्रोफाइल पिक्चर बदली, क्या हैं इसके मायने?

Chandresh Sharma | Oct 13, 2023, 24:00 IST
राजस्थान में वफादार सिपहसलारों का टिकट कटने पर भी किस वजह से चुप हैं वसुंधरा, सिर्फ प्रोफाइल पिक्चर बदली, क्या हैं इसके मायने?
बीजेपी अपनी पहली लिस्ट जारी कर चुकी है, खास बात यह है कि पहली फेहरिस्त में जिस प्रकार से वसुंधरा राजे के समर्थकों के टिकट काटे गए हैं। उसके बाद भी महारानी की चुप्पी अप्रत्याशित बताई जा रही है।

JAIPUR. राजस्थान में विधानसभा चुनाव के चलते बीजेपी अपनी पहली लिस्ट जारी कर चुकी है, खास बात यह है कि पहली फेहरिस्त में जिस प्रकार से वसुंधरा राजे के समर्थकों के टिकट काटे गए हैं। उसके बाद भी महारानी की चुप्पी अप्रत्याशित बताई जा रही है। राजस्थान के चुनाव का होलसोल कमांड पीएम मोदी ने अपने हाथों में ले रखा है, पहली वजह तो यही है, इसी बीच अपने सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर बदली हुई तस्वीर के भी मायने निकाले जाने लगे हैं।



क्या है इस नीले रंग का राज?



राजस्थान में बीजेपी की पहली लिस्ट जारी होने के बाद वसुंधरा राजे के एक्स पर अपनी प्रोफाइल पिक्चर बदलने की चर्चा हो रही है। इस तस्वीर में नीले रंग का बैकग्राउंड है जिसमें धवल अक्षरों में राजस्थान लिखा हुआ है। किनारे कमल का चिन्ह हैं और बैकग्राउंड पर कमल के चिन्ह के वाटर मार्क हैं। हालांकि उनके दफ्तर की टीम का कहना है कि प्रोफाइल पिक तो सितंबर महीने में ही बदल दिया गया था। लेकिन पहली लिस्ट आने और वसुंधरा की चुप्पी के चलते लोगों का ध्यान अब इस प्रोफाइल पिक पर गया है।



इन वफादारों के कटे टिकट



बीजेपी की पहली लिस्ट में वसुंधरा राजे के खासमखास माने जाने वाले नरपत सिंह राजवी, राजपाल और अनिता सिंह के टिकट काट दिए गए हैं। तीनों नेताओं ने इस फैसले का जमकर विरोध किया। राजवी ने दीया कुमारी के खिलाफ तीखा बयान दे डाला। अनिता सिंह निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला कर चुकी हैं तो राजपाल भी विरोध जता चुके हैं फिर भी इस बाबत वसुंधरा राजे के मुंह से एक शब्द नहीं फूटा है।



पिछले चुनाव का सबक



दरअसल बीते विधानसभा चुनाव में राजस्थान में यह नारा लगा था कि बीजेपी से बैर नहीं पर वसुंधरा तेरी खैर नहीं। दूसरी ओर प्रदेश के नेताओं से वसुंधरा राजे के प्रति नाराजगी के चलते भी सूबे के चुनावों की बागडोर खुद पीएम मोदी ने अपने हाथ ले रखी है। आमतौर पर अपनी नाराजगी को तेवरों से झलका देने वाली महारानी को आखिर आलाकमान ने क्या कहकर शांत रखा है, यह बहुत बड़ा यक्ष प्रश्न है जो राजस्थान के गलियारों में उठ रहा है। उधर वसुंधरा पर मुनव्वर राणा का वह शेर भी फिट बैठता है कि ‘ अब मैं चुप हूं तो मेरी तकरीरों का न काट, तलवार की धार पे तलवार न दे’।



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