जयपुर में त्योहारों पर ट्रैफिक संभालने की तैयारी, पुलिस बनाएगी दो महीने का प्लान
त्योहार और पर्यटन सीजन में जयपुर की सड़कों पर यातायात सुचारू रखने के लिए पुलिस ने कमर कस ली है। पुलिस अब अगले दो महीने की खास कार्ययोजना तैयार करेगी। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय में यातायात व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अफसरों को साफ निर्देश दिए कि सुधार सड़कों पर दिखना चाहिए।
दो महीने का जयपुर ट्रैफिक प्लान
डीजीपी (DGP – Director General of Police) राजीव कुमार शर्मा ने अफसरों को अपने इलाकों का मौके पर निरीक्षण करने को कहा। उन्होंने व्यावहारिक समाधान निकालने के निर्देश दिए। अगले दो महीने की कार्ययोजना की नियमित समीक्षा भी होगी। यानी यह जयपुर ट्रैफिक प्लान सिर्फ कागज पर नहीं, सड़क पर परखा जाएगा।
डीजीपी ने कहा कि ट्रैफिक सुधार का असर सड़कों पर दिखना चाहिए। पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने पर जोर दिया गया। डायवर्जन, पार्किंग और प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक प्रबंधन को असरदार बनाने को कहा गया।
फील्ड के नतीजों से आकलन
डीजीपी ने साफ कहा कि अफसरों के काम का आकलन फील्ड के प्रयासों और नतीजों से होगा। आम लोगों को सुधार का सीधा फायदा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों में भी उपलब्ध पुलिस बल, वाहन और उपकरणों का बेहतर इस्तेमाल हो।
डायवर्जन से जाम नहीं
डायवर्जन को लेकर डीजीपी ने अहम बात कही। उन्होंने कहा कि डायवर्जन मौके की स्थिति, ट्रैफिक दबाव और वैकल्पिक रास्तों को देखकर बने। एक रास्ते का ट्रैफिक संभालने में दूसरे रास्ते पर जाम नहीं लगना चाहिए। अक्सर जयपुर में यही शिकायत सबसे ज्यादा रहती है।
चौराहों, बाजारों पर तैनाती
प्रमुख चौराहों, बाजारों और पर्यटन स्थलों पर जरूरत के हिसाब से पुलिसकर्मी तैनात होंगे। व्यस्त रास्तों पर नियमित निरीक्षण भी होगा। त्योहारों में बाजारों और पर्यटन स्थलों पर आवाजाही सुचारू रखने के लिए विशेष इंतजाम करने को कहा गया है।
अगर आप त्योहारों में बाजार या पर्यटन स्थल जाने की योजना बना रहे हैं, तो ट्रैफिक पुलिस के डायवर्जन पर नजर रखें। क्या इस बार त्योहारों में जाम से सच में राहत मिलेगी?
ट्रैफिक नियम उल्लंघन पर कार्रवाई
बैठक में ट्रैफिक नियम उल्लंघन पर कार्रवाई को लेकर भी चर्चा हुई। ओवरस्पीडिंग और रेड लाइट जंप करने वालों पर सख्ती होगी। गलत दिशा में वाहन चलाने वालों पर भी कार्रवाई होगी। बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों पर प्रवर्तन बढ़ाया जाएगा।
रोड मार्किंग और फ्री-लेफ्ट
प्रमुख चौराहों पर रोड मार्किंग और साइन बोर्ड सुधारे जाएंगे। पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित क्रॉसिंग बनाई जाएगी। फ्री-लेफ्ट यानी बाएं मुड़ने वाले वाहनों का रास्ता खुला रखने की व्यवस्था सुधरेगी। ट्रैफिक रोकने वाले अस्थायी अतिक्रमणों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
तकनीक से निगरानी
बैठक में तकनीक के बेहतर इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया। आईटीएमएस (ITMS – Integrated Traffic Management System) का असरदार उपयोग होगा। कैमरा आधारित चालान बढ़ाए जाएंगे। एएनपीआर (ANPR – Automatic Number Plate Recognition) तकनीक से नंबर प्लेट पहचानकर कार्रवाई होगी।
ई-रिक्शा, पार्किंग और बसे
ई-रिक्शा संचालन के नियमन पर खास ध्यान दिया जाएगा। जयपुर पार्किंग व्यवस्था सुधारने के निर्देश भी दिए गए। बसों के संचालन को व्यवस्थित बनाने पर भी जोर रहा। Jaipur traffic की ये तीनों बड़ी परेशानियां अब प्लान के केंद्र में हैं।
बैठक में कौन रहे मौजूद
बैठक में डीजी यातायात मालिनी अग्रवाल, एडीजी यातायात बी.एल. मीणा मौजूद रहे। जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल और डीआईजी (DIG – Deputy Inspector General) विकास शर्मा भी शामिल हुए। डीसीपी (DCP – Deputy Commissioner of Police), अतिरिक्त डीसीपी, एसीपी और ट्रैफिक से जुड़े वरिष्ठ अफसर भी बैठक में रहे।
डीजी यातायात मालिनी अग्रवाल ने प्रमुख रास्तों पर ट्रैफिक दबाव का नियमित आकलन करने पर जोर दिया। उन्होंने दुर्घटना संभावित इलाकों में सुधार की कार्रवाई करने को कहा। Rajasthan Police की यह कवायद अब अगले दो महीने सड़कों पर परखी जाएगी।