अलवर जिला प्रमुख ने आचार संहिता में दौड़ाई सरकारी गाड़ी, निर्वाचन विभाग ने मांगी रिपोर्ट
समझें क्या है पूरा मामला
- अलवर में आचार संहिता के बीच सरकारी गाड़ी इस्तेमाल का मामला।
- जिला प्रमुख बलबीर छिल्लर पर लगे आरोप।
- 11 दिन तक सरकारी वाहन चलाने की शिकायत।
- निर्वाचन विभाग ने CE0 से मांगी रिपोर्ट।
- जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई।
अलवर में पंचायती राज चुनाव की आचार संहिता के दौरान सरकारी गाड़ी के इस्तेमाल का मामला सामने आया है। जिला प्रमुख बलबीर छिल्लर पर आरोप है कि आचार संहिता लागू होने के बाद भी उन्होंने करीब 11 दिन तक जिला परिषद की सरकारी गाड़ी इस्तेमाल की। निर्वाचन विभाग ने मामले का संज्ञान लेते हुए जिला परिषद के सीईओ से पूरी रिपोर्ट मांगी है।
11 दिन तक चली सरकारी गाड़ी
चुनाव की आचार संहिता 19 अगस्त को लागू हुई थी। आरोप है कि इसके बाद भी जिला प्रमुख को आवंटित सरकारी वाहन उनके उपयोग में रहा।
बताया जा रहा है कि यह सरकारी गाड़ी करीब 11 दिन तक इस्तेमाल की गई। इसके बाद इसे 31 अगस्त को जिला परिषद कार्यालय में जमा कराया गया।
अब निर्वाचन विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि आचार संहिता लागू होने के बाद सरकारी वाहन का इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया गया।
सीईओ से मांगी गई रिपोर्ट
आचार संहिता प्रभारी बीना महावर ने जिला परिषद के सीईओ को पत्र भेजकर मामले से जुड़ी जानकारी और रिपोर्ट मांगी है।
रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सरकारी वाहन के इस्तेमाल को लेकर नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
फिलहाल यह मामला जांच के दायरे में है और अभी तक जिला प्रमुख बलबीर छिल्लर की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सहायक विकास अधिकारी की भी मांगी रिपोर्ट
निर्वाचन विभाग ने जिला परिषद में कार्यरत सहायक विकास अधिकारी ब्रजेश कुमार पटेल को लेकर भी रिपोर्ट मांगी है। राज्य निर्वाचन आयुक्त की ओर से जिला कलेक्टर से मामले की तथ्यात्मक जानकारी मांगी गई थी। इसके बाद विभाग ने जिला परिषद के सीईओ को पत्र भेजकर संबंधित अधिकारी की जानकारी तलब की है। शिकायतकर्ता नरेंद्र कुमार ने आरोप लगाया है कि ब्रजेश कुमार पटेल वर्ष 2016 से लगातार जिला परिषद में पदस्थ हैं। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि उनका मूल निवास मालाखेड़ा क्षेत्र में है। मामले की जांच जारी है।
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