हार्ट अटैक से सड़क पर गिरा व्यक्ति: पत्नी बोली-कहा था आलू मत उठाओ, बहुत जल्दी रहती है; ये शब्द सोशल मीडिया पर वायरल
बता दें कि 18 अक्टूबर की दोपहर अनिल अपनी पत्नी के साथ सब्जी लेकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान महानगर चौराहे के पास उनके सीने में दर्द उठा और वह सड़क पर गिर पड़े। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। तभी सिपाही संदीप यादव वहां पहुंचे और उन्होंने सीपीआर देना शुरू किया। कुछ देर बाद अनिल के शरीर में हलचल दिखाई दी। इसके बाद एंबुलेंस बुलाई गई और उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।
वायरल वीडियो में पत्नी ने क्या कहा
वायरल वीडियो की इस घटना में दो बातें चर्चा में रहीं। पहली, सिपाही का सीपीआर। दूसरी, पत्नी की डांट। बता दें सीपीआर वीडियो में सिपाही के खड़े होते ही शख्स की पत्नी ने कहा, कहा था आलू मत उठाओ, बहुत जल्दी रहती है। उनकी बात सुनकर कुछ लोग हैरान रह गए। कुछ लोग मदद के लिए आगे आए। कुछ ने पत्नी को शांत रहने के लिए कहा।
व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया गया
मौके पर मौजूद लोगों ने व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस बुलाई। उन्हें नजदीकी अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों के मुताबिक, सीपीआर न मिलता, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।
सिपाही की तारीफ क्यों हो रही है
सिपाही ने समय रहते व्यक्ति को सीपीआर फर्स्ट एड देकर शुरुआती मदद की। इसी वजह से स्थानीय लोग उनकी मुस्तैदी की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कांस्टेबल संदीप यादव की मानवीय पहल को लोग खास बता रहे हैं। संदीप रहीमनगर पुलिस चौकी पर तैनात हैं।
सीपीआर क्या है और कब जरूरी है?
सीपीआर यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन एक इमरजेंसी प्रोसेस है। किसी का दिल धड़कना बंद कर दे, तो छाती पर दबाव दिया जाता है। इसका मकसद खून का दौरा बनाए रखने की कोशिश करना होता है। ऐसी हालत में जल्द मदद मिलना बेहद जरूरी होता है।
हार्ट अटैक में पहली मदद के लिए शुरुआती मिनट बेहद अहम हो सकते हैं। कोई अचानक गिर जाए और कोई हलचल उसके शरीर में हो, तो तुरंत इमरजेंसी मदद चाहिए। सांस सामान्य न हो, तो हार्ट अटैक सीपीआर की जरूरत पड़ सकती है। ऐसी स्थिति में सीपीआर जान बचाने में मदद कर सकता है।
FAQs
- सीपीआर क्या है और यह कब जरूरी होता है?
सीपीआर, यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन, एक इमरजेंसी प्रक्रिया है जिसका उपयोग तब किया जाता है जब किसी का दिल धड़कना बंद कर देता है। यह प्रक्रिया शरीर में खून का दौरा बनाए रखने के लिए छाती पर दबाव देने का काम करती है, जिससे व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। - इस घटना में सिपाही संदीप यादव की भूमिका क्या थी?
सिपाही संदीप यादव ने मौके पर पहुंचकर तुरंत सीपीआर देकर व्यक्ति व्यक्ति को प्राथमिक मदद प्रदान की, जिसके कारण उनकी स्थिति में सुधार हुआ और उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। उनकी तत्परता की स्थानीय लोगों ने प्रशंसा की है। - क्या इस घटना में व्यक्ति व्यक्ति की पत्नी की प्रतिक्रिया विशेष थी?
हां, व्यक्ति व्यक्ति की पत्नी ने सिपाही के खड़े होते ही कहा कि 'कहा था आलू मत उठाओ, बहुत जल्दी रहती है', जो उस समय की तनावपूर्ण स्थिति में कुछ लोगों के लिए आश्चर्यचकित करने वाला था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मौजूद लोगों ने मदद के लिए आगे आने की कोशिश की।