जेल में बंद लॉरेंस का देश-विदेश में कैसे फैला नेटवर्क? जानें कहां से आता है पैसा और कौन देता है आदेश

Saurabh Mishra | Oct 20, 2026, 19:07 IST
साबरमती जेल में बंद है लॉरेंस बिश्नोई, फिर भी कैसे चल रहा गैंग का नेटवर्क?
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई अहमदाबाद की हाई सिक्योरिटी साबरमती जेल में बंद है। इसके बावजूद देश-विदेश में उसके गैंग का नाम कई वारदातों से जुड़ रहा है। टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद द सूत्र के प्राइम में जानिए जेल से कैसे चलता है उसका नेटवर्क और गैंग के पास पैसा कहां से आता है।

अहमदाबाद की साबरमती सेंट्रल जेल... यहां बीते 3 साल से कड़ी सुरक्षा के बीच बंद है गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, लेकिन जेल की ऊंची दीवारें और सख्त पहरा भी उसके गैंग की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक नहीं लगा पाए। देश से लेकर विदेश तक कई बड़ी वारदातों में उसके गैंग का नाम सामने आ चुका। ताजा मामला बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग का है। इस हमले के बाद राजस्थान के कोटा से तीन संदिग्ध पकड़े गए हैं।



ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर जेल में बंद लॉरेंस अपने लोगों से कैसे जुड़ा रहता है? उसे बाहर की खबरें कैसे मिलती हैं? गैंग के लिए शूटर कौन जुटाता और इतने बड़े नेटवर्क को चलाने के लिए पैसा कहां से आता? इन सभी सवालों के जवाब जानने से पहले, ये जान लेते हैं कि टाइगर श्रॉफ गोलीकांड में अबतक क्या हुआ है?



टाइगर श्रॉफ गोलीकांड में अबतक क्या हुआ?

18 अक्टूबर की शाम करीब सात बजे मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) की कार पर सात गोलियां चलाई गई थीं। इस हमले में टाइगर को मामूली चोट आई थी, जबकि उनके ड्राइवर और पास मौजूद एक व्यक्ति को भी गोली लगी थी। हमले के बाद सोशल मीडिया पर एक ऑडियो मैसेज सामने आया था। इसमें खुद को अनिल पंडित और हरमन संधू बताने वाले दो लोगों ने बिश्नोई गैंग की ओर से हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था।



इस बीच मुंबई पुलिस को खबर मिली थी कि हमले से जुड़े तीन संदिग्ध ट्रेन से जयपुर की ओर जा रहे। इसके बाद मुंबई के डीसीपी ने कोटा एसपी से संपर्क किया था। सूचना मिलते ही कोटा पुलिस की टीम सादे कपड़ों में रेलवे स्टेशन पहुंची और पुणे-जयपुर ट्रेन के जनरल कोच में बैठे तीनों संदिग्धों को सोमवार सुबह घेरकर पकड़ लिया था। सोमवार शाम तीनों को ट्रांजिट रिमांड के लिए कोटा में जज के सामने पेश किया गया था। इसके बाद मंगलवार, 20 अक्टूबर को मुंबई पुलिस की टीम तीनों को सड़क के रास्ते मुंबई ले गई थी।




सलमान खान से जुड़ाव बताकर टाइगर को दी धमकी

टाइगर श्रॉफ पर हमले की जिम्मेदारी लेने वाले लोगों ने इसकी वजह सलमान खान से उनकी नजदीकी बताई थी। हालांकि, दोनों एक्टर ने अब तक किसी फिल्म में साथ काम नहीं किया है। सलमान खान पहले से ही लॉरेंस बिश्नोई गैंग (Lawrence Bishnoi Gang) के निशाने पर रहे हैं। गैंग साल 2018 से उन्हें धमकियां देता आ रहा है। इसकी वजह 1998 में जोधपुर में काले हिरणों के शिकार का मामला है। बिश्नोई समाज काले हिरण को पूजनीय मानता है। इसी मामले को लेकर गैंग सलमान से माफी मांगने की मांग करता रहा है।




अमेरिका की जांच में भी जेल से गैंग चलाने का दावा

लॉरेंस अगस्त 2023 से साबरमती सेंट्रल जेल (Sabarmati Central Jail) में बंद है। इसके बावजूद उसका नाम देश-विदेश की वारदातों से जुड़ता रहा है। जुलाई 2026 में अमेरिका के लॉस एंजिलिस में लॉरेंस और उसके साथियों के खिलाफ नौ आरोपों वाली चार्जशीट सार्वजनिक हुई थी। तब अमेरिकी जांच एजेंसियों ने दावा किया था कि लॉरेंस जेल में चोरी-छिपे मोबाइल और दूसरे उपकरणों का इस्तेमाल करता था। आरोप था कि इन्हीं के जरिए वह अपने साथियों को हत्या, रंगदारी, अपहरण और ड्रग्स तस्करी जैसे अपराधों के निर्देश देता था। अमेरिकी जांच एजेंसियों ने लॉरेंस और गोल्डी बराड़ पर जून 2023 में कनाडा में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आदेश देने का आरोप भी लगाया था।



अमेरिकी सरकारी वकील बिल एसायली ने कहा था कि केवल जेल में बंद कर देने से ऐसे अपराधियों की गतिविधियां नहीं रुक रही हैं।




जेल से दिए इंटरव्यू ने सुरक्षा पर उठाए थे सवाल

लॉरेंस के बाहरी दुनिया से संपर्क का बड़ा मामला मार्च 2023 में सामने आया था। उस समय उसके दो टीवी इंटरव्यू प्रसारित हुए थे। बाद में SIT की जांच में पता चला था कि पहला इंटरव्यू सितंबर 2022 में पंजाब पुलिस की हिरासत के दौरान रिकॉर्ड हुआ था। लॉरेंस उस समय खरड़ के CIA ऑफिस में था। जांच के मुताबिक, उसने सैमसंग फोन और पुलिस ऑफिस के वाईफाई का इस्तेमाल किया था। इंटरव्यू 90 मिनट से ज्यादा चला था। दूसरा इंटरव्यू जयपुर सेंट्रल जेल से जुड़ा मिला था। मामले में पंजाब पुलिस के कई कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया था। इंटरव्यू में मदद करने के आरोपी DSP गुरशेर सिंह संधू को बाद में नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था।



इससे पहले फरवरी 2020 में भी लॉरेंस पर जेल से साजिश रचने का आरोप लगा था। जांचकर्ताओं के मुताबिक,उसने दूसरी जेलों में बंद दो बदमाशों के साथ मिलकर फरीदाबाद में पुलिस की गाड़ी पर हमला करवाया था। इस दौरान एक कैदी को छुड़ा लिया गया था। आरोप था कि पूरी योजना कॉन्फ्रेंस कॉल पर बनी थी।




मुंबई पुलिस लॉरेंस को बाहर लाकर पूछताछ क्यों नहीं कर पा रही?

मुंबई पुलिस सलमान खान के घर पर फायरिंग, बाबा सिद्दीकी की हत्या और दूसरे मामलों में लॉरेंस से पूछताछ करना चाहती रही है, लेकिन उसे जेल से बाहर लाने पर केंद्र सरकार के आदेश के कारण रोक है।



अगस्त 2023 में लॉरेंस को पंजाब की बठिंडा जेल से ड्रग्स तस्करी के मामले में गुजरात लाया गया था। उस समय गृह मंत्रालय ने CrPC की धारा 268 के तहत उसे जेल से बाहर ले जाने पर रोक लगाई थी। बाद में आदेश बढ़ाया गया। नए कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 303 के तहत भी यह रोक जारी रखी गई।



सरकार का कहना है कि जेल से बाहर ले जाने पर कैदी के भागने या उसकी जान को खतरा हो सकता है। लॉरेंस का भाई अनमोल भी दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। नवंबर 2025 में अमेरिका से भारत भेजे जाने के बाद उस पर भी इसी तरह की रोक लगाई गई थी। ऐसे में जांच एजेंसियों को कोर्ट की अनुमति लेकर जेल में ही पूछताछ करनी पड़ती है। अधिकारियों के मुताबिक, इसके लिए समय सीमित मिलता है। दूसरे आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करना भी मुश्किल होता है।



छात्र राजनीति से जेल पहुंचा, फिर बढ़ता गया नेटवर्क

लॉरेंस का नाम पहली बार 2010-11 के आसपास चंडीगढ़ की छात्र राजनीति के दौरान आपराधिक मामलों में सामने आया था। उस समय छात्र नेताओं के बीच झगड़े, गाड़ियों में आग लगाने और मारपीट जैसे आरोप लगे थे। इसके बाद वह जग्गू भगवानपुरिया और रॉकी फाजिल्का जैसे गैंगस्टरों के संपर्क में आया। जनवरी 2015 में वह पुलिस की पकड़ से भाग निकला था। मार्च में दोबारा गिरफ्तार हुआ। तब से जेल में है।



जांच अधिकारियों के मुताबिक,जेल में रहते हुए उसने दूसरे गैंगस्टरों से रिश्ते गांठे। इनमें हरियाणा का काला जठेड़ी और दिल्ली का जितेंद्र गोगी भी शामिल थे। उसका साथी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा पंजाब की नाभा जेल से भागकर पाकिस्तान पहुंच गया था। उसके पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े होने के दावे भी सामने आए हैं।



छोटे शूटरों के सहारे कैसे काम करता है लॉरेंस गैंग?

पुलिस के मुताबिक, लॉरेंस का गैंग एक ही जगह मौजूद बदमाशों के सहारे नहीं चलता। जरूरत पड़ने पर अलग-अलग राज्यों से नए लड़कों को वारदात के लिए तैयार किया जाता है। कई बार इन लड़कों को पता भी नहीं होता कि हमला करवाने वाला असली व्यक्ति कौन है। उन्हें केवल निशाने पर मौजूद व्यक्ति की जानकारी दी जाती है।



साल 2024 में दिल्ली के जिम मालिक नादिर शाह की हत्या के मामले में शूटर उत्तर प्रदेश और हरियाणा से आए थे। उसी साल बाबा सिद्दीकी की हत्या के आरोपियों का संबंध उत्तर प्रदेश के बहराइच और हरियाणा के कैथल से सामने आया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, गैंग के लोग मोबाइल, एन्क्रिप्टेड ऐप और VPN से संपर्क रखते हैं। विदेश में बैठे साथी भी नेटवर्क से जुड़े हैं। अमेरिकी आरोपपत्र में गोल्डी बराड़ को उत्तरी अमेरिका और रोहित गोदारा को यूरोप में गैंग का प्रमुख सहयोगी बताया गया है।



लॉरेंस गैंग के पास पैसा कहां से आता है?

जांच एजेंसियों के मुताबिक, लॉरेंस गैंग की कमाई का बड़ा जरिया कारोबारियों और बिल्डरों से रंगदारी वसूलना है। कलाकारों पर भी पैसे के लिए दबाव बनाने के आरोप हैं। कुछ गायकों से उनके नए गाने गैंग से जुड़े यूट्यूब चैनलों को देने के लिए कहा जाता है। इससे चैनलों को कमाई होने का दावा है। अवैध खनन, शराब के ठेकों और जमीनों पर कब्जे से भी पैसा आने की बात सामने आई है। जांचकर्ताओं के मुताबिक, इस रकम से शूटरों को भुगतान किया जाता है और हथियार खरीदे जाते हैं।



सोशल मीडिया से नए लड़कों को जोड़ने की कोशिश

पुलिस के मुताबिक, गैंग सोशल मीडिया पर अपनी ताकत दिखाने की कोशिश करता है। कई वारदातों के बाद गैंग के नाम से जिम्मेदारी लेने वाले पोस्ट सामने आते हैं। इससे कुछ युवाओं को लगता है कि गैंग से जुड़कर उन्हें पहचान मिलेगी। लॉरेंस खुद को अपने समाज का रक्षक बताने की कोशिश भी करता रहा है।



जांच अधिकारियों के मुताबिक, जेल में बंद या मारे गए सदस्यों के परिवारों को आर्थिक मदद देने का भरोसा दिया जाता है। इससे गैंग अपने लोगों को साथ जोड़े रखने की कोशिश करता है। यही नेटवर्क पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में तीन संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद भी सवाल बाकी है कि हमले का आदेश किसने दिया था। पुलिस के सामने अब सिर्फ गोली चलाने वालों को पकड़ने की नहीं, बल्कि उनके पीछे मौजूद पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की चुनौती है।

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