जिम जाते हैं, हेल्दी खाना खाते हैं, फिर भी दिल पर मंडरा रहा खतरा! ऑफिस की ये 6 आदतें बन सकती हैं हार्ट अटैक की वजह
विशेषज्ञों के मुताबिक, केवल दिन में एक घंटे व्यायाम कर लेना पूरे दिन की निष्क्रिय जीवनशैली के नुकसान को पूरी तरह खत्म नहीं करता। इसलिए दिल को स्वस्थ रखने के लिए जिम के साथ-साथ पूरे दिन की दिनचर्या में बदलाव करना भी जरूरी है। ऑफिस की ये 6 आदतें दिल के लिए खतरा बन सकती हैं।
घंटों लगातार कुर्सी पर बैठे रहना
ऑफिस में लगातार कई घंटे बैठे रहने से शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं। नियमित जिम जाने के बावजूद दिनभर बैठे रहने की आदत ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल से जुड़े जोखिमों को बढ़ा सकती है। हर 30-60 मिनट में उठकर कुछ देर चलना बेहतर विकल्प है।
मीटिंग और स्क्रीन के सामने लगातार बैठे रहना
लंबी मीटिंग, लगातार वीडियो कॉल और कंप्यूटर पर काम करने के दौरान लोग उठना-बैठना तक भूल जाते हैं। इससे दिनभर की गतिविधियां सीमित हो जाती हैं। फोन पर बात करते समय टहलना और बीच-बीच में थोड़ी देर टहलने के लिए ब्रेक लेना मददगार हो सकता है।
कंप्यूटर के सामने खाना खाना
काम के दबाव में डेस्क पर ही खाना खाने से व्यक्ति अपने भोजन पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पाता। इससे जरूरत से ज्यादा खाने या अस्वास्थ्यकर स्नैक्स लेने की आदत बढ़ सकती है। बेहतर है कि भोजन के लिए स्क्रीन से दूर समय निकालें और संतुलित आहार लें।
काम का तनाव घर तक ले जाना
लगातार डेडलाइन, काम का दबाव और ऑफिस की परेशानियों के बारे में सोचते रहना मानसिक तनाव बढ़ा सकता है। लंबे समय तक बना तनाव नींद, ब्लड प्रेशर और जीवनशैली को प्रभावित कर सकता है। काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाना जरूरी है।
काम के लिए नींद से समझौता करना
देर रात तक लैपटॉप पर काम करना या सुबह जल्दी उठने के बावजूद देर रात सोना शरीर की प्राकृतिक दिनचर्या को बिगाड़ सकता है। लगातार कम नींद लेना हृदय रोगों से जुड़े जोखिमों के साथ भी जुड़ा है। वयस्कों को आम तौर पर हर रात 7–9 घंटे की नींद लेने का लक्ष्य रखना चाहिए।
फिटनेस के नाम पर जीवन में संतुलन खो देना
सेहत का ध्यान रखना जरूरी है, लेकिन हर समय काम, डाइट और व्यायाम के दबाव में रहना भी तनाव बढ़ा सकता है। दोस्तों और परिवार के लिए समय निकालना, पसंदीदा गतिविधियों में हिस्सा लेना और पर्याप्त आराम करना भी स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा है।
35 साल से कम उम्र के लोगों के लिए भी चिंता
रिपोर्ट में उल्लेख है कि सामान्य बीएमआई वाले 35 वर्ष से कम उम्र के कई कर्मचारियों में भी हृदय संबंधी जोखिम के कम से कम एक अतिरिक्त संकेतक पाए गए। इनमें कोलेस्ट्रॉल से जुड़े संकेतक प्रमुख थे। इससे स्पष्ट होता है कि केवल वजन सामान्य होना या बाहर से फिट दिखना हृदय की अच्छी सेहत की गारंटी नहीं है।
दिल को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?
- हर 30-60 मिनट में कुर्सी से उठकर कुछ देर चलें।
- लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें, जहां संभव हो।
- भोजन के दौरान कंप्यूटर और मोबाइल से दूरी रखें।
- रोजाना व्यायाम के साथ दिनभर शारीरिक गतिविधियां बनाए रखें।
- तनाव कम करने के लिए आराम, मनोरंजन और परिवार के लिए समय निकालें।
- पर्याप्त नींद लें और समय-समय पर ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर तथा कोलेस्ट्रॉल की जांच कराएं।
दिल की सेहत सिर्फ इस बात पर निर्भर नहीं करती कि आप जिम में कितना समय बिताते हैं। आप दिन के बाकी घंटों में कैसे बैठते हैं, खाते हैं, तनाव संभालते हैं और सोते हैं, ये सभी आदतें मायने रखती हैं। लगातार स्वस्थ दिनचर्या अपनाना हृदय संबंधी जोखिम घटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।