AI ट्रेनिंग के लिए पहचान बेच रहे हजारों लोग, कमाई के साथ खतरा भी बड़ा, जानें कैसे
NEWS IN SHORT
- दुनियाभर में हजारों लोग AI (Artificial Intelligence) कंपनियों को अपना डेटा बेचकर कुछ डॉलर कमा रहे हैं।
- Kled AI, Silencio और Neon Mobile जैसे ऐप लोगों की आवाज, चेहरा, वीडियो और फोन कॉल खरीद रहे हैं।
- इन प्लेटफॉर्म्स पर साइन करने वाले लोग अपनी पहचान पर हमेशा के लिए, बिना किसी रॉयल्टी के अधिकार छोड़ देते हैं।
- विशेषज्ञों का कहना है कि यह डेटा भविष्य में डीपफेक (Deepfake) और पहचान चोरी के लिए इस्तेमाल हो सकता है।
- जो लोग आज AI को डेटा दे रहे हैं, वही लोग भविष्य में उसी AI की वजह से बेरोजगार हो सकते हैं।
चंद डॉलर में बिक रही है पहचान
दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में रहने वाले 27 साल के Jacobus Louw एक दिन सुबह समुद्र किनारे टहलने निकले। वे चलते हुए अपने कदमों और नजारे का वीडियो बनाते रहे। यह वीडियो उन्होंने Kled AI ऐप पर अपलोड किया और बदले में 14 डॉलर यानी करीब 1,160 रुपए मिले। यह रकम दक्षिण अफ्रीका की न्यूनतम मजदूरी से दस गुना ज्यादा थी।
भारत के झारखंड की राजधानी रांची में 22 साल के छात्र Sahil Tigga Silencio ऐप के जरिए हर महीने 100 डॉलर से ज्यादा कमाते हैं। वे अलग-अलग जगहों पर जाकर आवाजें रिकॉर्ड करते हैं और AI ट्रेनिंग के लिए देते हैं। यह कमाई उनके पूरे महीने के खाने-पीने के खर्च के लिए काफी है।
AI की डेटा भूख और बाजार की मजबूरी
ChatGPT और Gemini AIजैसे AI मॉडल को लगातार सीखने के लिए बड़ी मात्रा में डेटा चाहिए। लेकिन अब इंटरनेट पर उपलब्ध उच्च गुणवत्ता वाला डेटा तेजी से खत्म हो रहा है। C4, RefinedWeb और Dolma जैसे प्रमुख डेटासेट अब AI कंपनियों को अपना डेटा देने से मना कर रहे हैं। शोधकर्ताओं का अनुमान है कि AI कंपनियां 2026 तक ताजा और उच्च गुणवत्ता वाले टेक्स्ट डेटा की कमी से जूझने लगेंगी।
इसीलिए Kled AI, Silencio जैसे ऐप्स का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। ये ऐप्स आम लोगों से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का डेटा खरीदते हैं और AI कंपनियों को बेचते हैं। King's College London के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर Bouke Klein Teeselink के अनुसार AI ट्रेनिंग गिग वर्क एक तेजी से उभरता हुआ रोजगार क्षेत्र है जो आने वाले समय में और बड़ा होगा।
समझौते की महीन लकीरें और बड़े खतरे
यहीं से असली खतरा शुरू होता है। जब कोई व्यक्ति Kled AI या Neon Mobile पर अपना डेटा देता है तो वह एक ऐसे समझौते पर साइन करता है जो दुनियाभर में, हमेशा के लिए और बिना किसी रॉयल्टी के अपनी पहचान का अधिकार उस कंपनी को दे देता है। प्लेटफॉर्म को उस डेटा से "डेरिवेटिव वर्क्स" यानी नए काम बनाने का भी अधिकार मिल जाता है।
City University of London के कानून के प्रोफेसर Enrico Bonadio का कहना है कि इस तरह के समझौते प्लेटफॉर्म और उनके ग्राहकों को इस डेटा के साथ लगभग कुछ भी करने की छूट देते हैं। डेटा देने वाले के पास बाद में अपनी सहमति वापस लेने या नई शर्तें तय करने का कोई व्यावहारिक रास्ता नहीं होता।
Stanford University के डेटा प्राइवेसी शोधकर्ता Jennifer King के अनुसार लोगों को यह भी नहीं पता होता कि उनका डेटा कहां और कैसे इस्तेमाल होगा। उनके शब्दों में लोगों के पास न तो अपने अधिकार समझने का मौका होता है और न ही शर्तें तय करने का।
फोन कॉल बेचे और हो गई बड़ी मुसीबत
शिकागो के 18 साल के Ramelio Hill ने Neon Mobile को अपनी 11 घंटे की निजी फोन कॉल बेचीं। बदले में 200 डॉलर मिले। लेकिन बाद में पता चला कि Neon Mobile लॉन्च होने के कुछ ही हफ्तों बाद उसमें एक बड़ी सुरक्षा खामी सामने आई थी। इस खामी की वजह से कोई भी उपयोगकर्ताओं के फोन नंबर, कॉल रिकॉर्डिंग और बातचीत देख सकता था।
Hill को यह जानकारी कंपनी ने कभी नहीं दी। अब वे चिंतित हैं कि उनकी आवाज का ऑनलाइन कहां और कैसे इस्तेमाल हो रहा है।
एक्टर ने बेचा चेहरा, Instagram पर हो गया इस्तेमाल
न्यूयॉर्क के अभिनेता Adam Coy ने 2024 में Captions नामक AI वीडियो एडिटिंग कंपनी को अपनी शक्ल एक हजार डॉलर में बेची। समझौते में शर्त थी कि इसका इस्तेमाल राजनीतिक विज्ञापन, शराब, तंबाकू या वयस्क सामग्री में नहीं होगा। लाइसेंस एक साल के लिए था।
लेकिन बाद में Coy ने देखा कि Instagram पर उनकी शक्ल का इस्तेमाल संदिग्ध चिकित्सा उत्पादों का प्रचार करने में हो रहा था। पोस्ट पर लोग उनके "लुक" पर टिप्पणियां कर रहे थे। Captions ने इस मामले पर कोई जवाब नहीं दिया।
विकासशील देशों के लिए डेड एंड
Oxford University में इंटरनेट भूगोल के प्रोफेसर Mark Graham की किताब "Feeding the Machine" इसी विषय पर है। वे मानते हैं कि विकासशील देशों के लोगों के लिए यह कमाई अभी तो काम की लग सकती है लेकिन ढांचागत रूप से यह काम अस्थिर है, इसमें आगे बढ़ने का कोई रास्ता नहीं है और यह असल में एक बंद गली है।
Graham आगे कहते हैं कि AI डेटा बाजार मजदूरी में "रेस टु द बॉटम" यानी सबसे कम तनख्वाह पर टिके हैं। जब यह मांग खत्म होगी तो काम करने वाले लोगों के पास न कोई हुनर होगा, न सुरक्षा जाल। इस पूरे खेल के एकमात्र विजेता वे पश्चिमी देशों के प्लेटफॉर्म हैं जो इस डेटा से असली मूल्य कमा रहे हैं।
क्या भारत में भी है ये ट्रेंड
भारत में AI ट्रेनिंग के लिए डेटा बेचने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। लोग अपनी आवाज़, चेहरा और निजी डेटा कंपनियों को देकर अच्छी कमाई कर रहे हैं। यह काम मुख्य रूप से डेटा लेबलिंग और स्पेशल प्लेटफॉर्म्स के जरिए होता है।
बाजार की स्थिति
- ग्लोबल मार्केट: दुनिया भर में लोग अपनी फोटो और वीडियो बेच रहे हैं। Neon Mobile जैसे प्लेटफॉर्म कॉल रिकॉर्डिंग के लिए $0.50 प्रति मिनट तक देते हैं।
- भारतीय परिदृश्य: भारत में डेटा एनोटेशन का बाजार 2030 तक 492 मिलियन डॉलर पहुँचने का अनुमान है। छोटे शहरों में लाखों 'डिजिटल मजदूर' 100-150 रुपए प्रति घंटा पर डेटा लेबलिंग कर रहे हैं।
कमाई के मुख्य तरीके
- वॉइस डेटा: स्क्रिप्ट पढ़कर या बातचीत रिकॉर्ड करके ₹200 प्रति मिनट तक कमाए जा सकते हैं। AiVanta जैसे स्टार्टअप्स वॉइस आर्टिस्ट्स को लाखों की कमाई का मौका दे रहे हैं।
- इमेज और वीडियो: फेस रिकग्निशन और बायोमेट्रिक डेटा को ट्रेन करने के लिए फोटो और वीडियो की भारी मांग है।
- प्रमुख प्लेटफॉर्म्स: भारत में Srishta और Tika Data जैसी कंपनियां इस क्षेत्र में सक्रिय हैं।
जोखिम और सावधानी
इस काम में प्राइवेसी का बड़ा खतरा है। आपकी आवाज़ का इस्तेमाल वॉइस क्लोनिंग स्कैम्स के लिए किया जा सकता है। इसलिए हमेशा कानूनी और भरोसेमंद प्लेटफॉर्म का ही चुनाव करें।
FAQ
- AI ट्रेनिंग के लिए डेटा बेचना क्यों खतरनाक हो सकता है?
डेटा बेचकर आप अपनी आवाज़ और चेहरे का हक हमेशा के लिए खो देते हैं। भविष्य में इसका इस्तेमाल डीपफेक या स्कैम के लिए हो सकता है। - AI कंपनियों को इंसानों के डेटा की इतनी जरूरत क्यों है?
AI मॉडल्स को सीखने के लिए असली इंसानी डेटा चाहिए। इंटरनेट पर अब नया डेटा खत्म हो रहा है, इसलिए कंपनियां सीधे लोगों से इसे खरीद रही हैं। - क्या भारत के लोग भी AI ट्रेनिंग का डेटा बेच रहे हैं?
हां। रांची के 22 साल के छात्र Sahil Tigga Silencio ऐप के जरिए हर महीने 100 डॉलर से ज्यादा कमाते हैं। वे अलग-अलग जगहों पर जाकर आवाजें रिकॉर्ड करते हैं और AI ट्रेनिंग के लिए देते हैं।
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