बोल हरि बोल: जब कुर्सी बोलती है, कान खोलती है और बड़े साहब का अगस्त वाला सस्पेंस
महाराज के दरबार में ठंडी जंग
भाई साहब, मंत्रमंडल विस्तार की बस एक सुगबुगाहट निकली नहीं कि महराज गुट के दो मंत्री आपस में ही तलवारें निकाल बैठे। बिना आवाज के! कोल्ड वॉर का ऐसा मौसम है कि AC बंद हो तो भी ठंड लगे। एक की कुर्सी जाने की अफवाह है, दसरे को मौका मिलने की। अब महाराज समझा-समझाकर थक गए हैं।
अरे महाराज जी, इन्हें बताइए। जिस एकता से कांग्रेस की सरकार गिरी, वही एकता टूटी तो अपनी कुर्सी भी डगमगाएगी। जोड़-तोड़ की राजनीति में खुद ना टूट जाना। यही असली गणित है!
हनी के डंक से बाल-बाल बचे मंत्री जी
अब ये वाली कहानी सुनिए ध्यान से। रेशू मंत्री जी से मिलने आईं। मॉर्डन ड्रेसिंग, मादक अंदाज और बस पहली ही मुलाकात में गहरी दोस्ती हो गई। फार्महाउस पर प्राइवेट पार्टी का न्यौता मिला। संडे आता, उसके पहले मंत्री जी किसी निजी काम में व्यस्त हो गए। भगवान ने काम में उलझाया! और उसके अगले संडे से पहले ही एमपी हनी ट्रैप पार्ट 2 का धमाका हो गया। अब मंत्री जी मंदिर-मंदिर जय-जयकार कर रहे हैं। भगवान ने बचा लिया! और उस बीजेपी नेता को ढूंढ रहे हैं जिसने रेशू को भेजा था। भाई, ढूंढो जरूर, पर उसे मिलने पर धन्यवाद दोगे या…
खुफिया तंत्र का खेल, खुद ही फंस गए!
हनी ट्रैप में एक विवादित मंत्री और इंदौर के एक पैसे वाले विधायक का नाम मार्केट में घुम रहा है। और ये नाम कौन उछाल रहा है? अरे वही लोग जो मामले को हैंडल कर रहे हैं। यानि खुफिया तंत्र वाले खुद! डॉ. साहब को अब अपने ही घर में सेंध ढूंढनी होगी। जनाब, जो जासूस दूसरों के राज उगलवाते हैं, वो खुद राज रख नहीं पा रहे। मतलब जासूसी का जासूस चाहिए!
मामा-डॉ साहब का अपनापन- दिल्ली चला!
मामा ने मोदी जी पर किताब लिखी- अपनापन। 26 को दिल्ली में मोदी जी के हाथों विमोचन होना है। डॉ साहब को भी बुलाया है। डॉ साहब भी जाएंगे, आखिर मामा का आग्रह जो है। अब डॉ साहब ने भोपाल का गंगा दशहरा कार्यक्रम एक दिन खिसकाकर 25 को कर दिया है।
इसे कहते हैं। राजनीति में अपनापन दिखाना पड़ता है, चाहे दिल से हो या दिल्ली से! आप समझदार हैं… बाकी आप जानें!
बड़े साहब का अगस्त वाला सस्पेंस
बड़े साहब का कार्यकाल अगस्त में खत्म हो रहा है। लेकिन रिटायर? नहीं साहब, ये नाम और रिटायरमेंट एक वक्य में नहीं आते! प्रशासनिक गलियारे में दो थ्योरी चल रही हैं। दिल्ली में बड़ा पोस्ट, या 6 महने का एक्सटेंशन। सब अपना-अपना गणित लगा रहे हैं। और मजेदार बात ये है कि खुद बड़े साहब को भी नहीं पता कि अगस्त के बाद क्या होगा! वे तो बस बैठक पर बैठक करने में व्यस्त हैं।
वैसे डॉ साहब ने RERA और विद्युत नियामक आयोग की पोस्ट होल्ड करके रखी है। शायद बड़े साहब के लिए! मतलब लैंडिंग का पूरा का इंतजाम है, बस रनवे तय होना बाकी है।
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