सस्ते में खरीद सकेंगे ब्रिटिश कार से लेकर स्कॉच-व्हिस्की तक, दिवाली से पहले भारत-यूके एफटीए को मिलेगी मंजूरी

Pratibha Rana | Oct 17, 2023, 24:00 IST
सस्ते में खरीद सकेंगे ब्रिटिश कार से लेकर स्कॉच-व्हिस्की तक, दिवाली से पहले भारत-यूके एफटीए को मिलेगी मंजूरी
दिवाली से पहले भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) होने की पूरी संभावना बन रही है।

New Delhi. दिवाली से पहले भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) होने की पूरी संभावना बन रही है। इस समझौते से भारतीय गारमेंट से लेकर कई लेदर उत्पाद, कार्पेट, कार, समुद्री उत्पाद, आम, अंगूर और कई अन्य कृषि उत्पादों की बिक्री ब्रिटेन में बढ़ेगी यानी अब आप ब्रिटिश कार से लेकर वाइन तक सस्ते में खरीद सकेंगे।



ब्रिटेन राजी, कैसे होगा भारत को फायदा



एफटीए के तहत दोनों देश एक-दूसरे के यहां से आने वाले सामान पर लगने वाले शुल्क को कम करेंगे या उसे पूरी तरह से समाप्त कर देंगे। वित्त वर्ष 2022-23 में भारत और ब्रिटेन के बीच 20 अरब डॉलर से ज्यादा का व्यापार किया गया। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, समझौते के तहत भारत ब्रिटेन से आने वाले ऑटोमोबाइल्स और स्कॉच व्हिस्की पर शुल्क कम करने के लिए राजी हो गया है। अभी ब्रिटेन से आने वाली 1500 सीसी की कारों पर बेसिक सीमा शुल्क 100 प्रतिशत है और अन्य प्रकार के सेस और शुल्क को मिलाकर कुल शुल्क 240 प्रतिशत का होता है।



बेसिक सीमा शुल्क को 50% करने पर बनी सहमति



बेसिक सीमा शुल्क को 50 प्रतिशत करने पर कमोबेश सहमति बन गई है। वहीं 1500 सीसी से कम क्षमता वाली कार को ब्रिटेन से मंगाने पर अभी 60 प्रतिशत सीमा शुल्क लगता है जिसे 30 प्रतिशत किया जा रहा है। ऐसा होने पर ब्रिटेन की जगुआर लैंड रोवर, रोल्स रॉयस, बेंटले और ऑस्टन मार्टिन जैसी कारें कम कीमत पर भारत में उपलब्ध होंगी।



ब्रिटिश स्कॉच व्हिस्की पर सीमा शुल्क 50% करने की तैयारी



ब्रिटिश स्कॉच व्हिस्की पर अभी 150 प्रतिशत सीमा शुल्क लगता है जिसे एफटीए के तहत 50 प्रतिशत तक किया जा सकता है। कनफेडरेशन ऑफ इंडियन अल्कोहलिक बेविरेज कंपनीज के महानिदेशक विनोद गिरी ने बताया कि हमें ब्रिटिश स्कॉच के लिए भारतीय दरवाजें खोलने पर कोई एतराज नहीं है, लेकिन ब्रिटेन को भी भारतीय व्हिस्की के लिए अपने दरवाजे खोलने चाहिए।



ब्रिटेन के बाजार में ये चीजें सस्ती हो जाएंगी



ब्रिटेन कहता है कि तीन साल में परिपक्व होने वाली व्हिस्की को ही हम ब्रिटेन में बेच सकते हैं, जबकि परिपक्व होने के लिए तीन साल तक व्हिस्की को छोड़ने पर 10 प्रतिशत से अधिक व्हिस्की वाष्प बन कर उड़ जाती है। एफटीए होने से भारतीय गारमेंट, फुटवियर, कार्पेट, कार व कृषि उत्पादों को ब्रिटेन भेजने पर कम या शून्य शुल्क लगेगा जिससे ब्रिटेन के बाजार में ये चीजें सस्ती हो जाएंगी और उनकी बिक्री बढ़ेगी। इससे इन वस्तुओं का निर्यात बढ़ेगा।



अक्टूबर के अंत में भारत आएंगे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक



भारत और ब्रिटेन अपने द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। दोनों देशों के बीच पहली टू प्लस टू वार्ता संपन्न इस महीने के अंत में पीएम सुनक भारत आएंगे।एक तरफ दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते को लेकर सहमति तकरीबन बन चुकी है। दूसरी तरफ सोमवार को भारत और ब्रिटेन के बीच रणनीतिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए स्थापित टू प्लस टू वार्ता संपन्न हुई।



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