अहमदाबाद प्लेन क्रैश : पीड़ित परिवारों ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी, बोले- 'हमें पैसा नहीं इंसाफ चाहिए'
अहमदाबाद में एअर इंडिया प्लेन क्रैश के 10 महीने बाद करीब 30 पीड़ित परिवारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा। परिवारों ने फ्लाइट का ब्लैक बॉक्स और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) डेटा सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा, "हमें पैसे नहीं चाहिए, सिर्फ सच्चाई चाहिए।" वे जानना चाहते हैं कि हादसा क्यों हुआ और क्या इसमें कोई तकनीकी खराबी थी। 12 जून 2025 को बोइंग 787-8 विमान टेकऑफ के बाद मेडिकल कॉलेज हॉस्टल पर गिर गया, जिसमें 260 लोग मारे गए।
पीड़ित परिवारों का आरोप
अब, करीब 10 महीने बाद, इस हादसे में जान गंवाने वाले परिवारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में यह अनुरोध किया है कि एअर इंडिया के प्लेन क्रैश के ब्लैक बॉक्स और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) डेटा को सार्वजनिक किया जाए। परिवारों का कहना है कि "हमें पैसे नहीं चाहिए, हमें सच्चाई जाननी है।"
उनका मानना है कि अगर डेटा सार्वजनिक नहीं किया जा सकता तो कम से कम इसे निजी तौर पर परिवारों के साथ साझा किया जाए।
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एअर इंडिया की मदद पर सवाल
पीड़ित परिवारों ने पत्र में यह भी आरोप लगाया कि एअर इंडिया द्वारा मदद नहीं की जा रही है। किंजल पटेल, जिन्होंने अपनी मां को खोया, ने एअर इंडिया की वेबसाइट का जिक्र किया, जहां मृतकों के सामान की पहचान करने के लिए एक लंबी लिस्ट है। किंजल ने कहा, “वेबसाइट पर 25,000 से ज्यादा सामानों की लिस्ट है, लेकिन तस्वीरें साफ नहीं हैं। इससे सामान की पहचान करना लगभग नामुमकिन हो गया है।"
डिजिटल समस्या और असंवेदनशीलता
रोमिन वोरा, जिन्होंने अपनी मां, भाई और बेटी को खोया, ने डिजिटल साधनों के प्रति अपने परिवारों की अज्ञानता का हवाला दिया। उन्होंने कहा, "सिर्फ एक ईमेल आईडी है और जवाब आने में 15 दिन तक लग जाते हैं। बहुत से लोग ईमेल का इस्तेमाल भी नहीं जानते।" उन्होंने यह भी कहा कि वेबसाइट पर निजी सामानों को सार्वजनिक रूप से दिखाना असंवेदनशील है।
सच्चाई की मांग
निलेश पुरोहित, जिनके 24 साल के बेटे की प्लेन क्रैश में मौत हो गई, ने कहा, “अब मेरा घर बिल्कुल खाली लगने लगा है। कोई भी मुआवजा इस कमी को पूरा नहीं कर सकता। हमें पैसे नहीं, बल्कि सच्चाई जाननी है।"
फाइनल रिपोर्ट की उम्मीद
पीड़ित परिवारों ने यह पत्र एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB), डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA), और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को भी भेजा है। इस मामले की फाइनल रिपोर्ट जून 2026 में आने की संभावना है, जो हादसे की पहली बरसी के आसपास हो सकती है।
एएआईबी की प्रतिक्रिया
एएआईबी ने 12 फरवरी को एक बयान में कहा था कि अहमदाबाद प्लेन क्रैश की जांच अभी भी जारी है। एएआईबी ने इटली के एक अखबार की रिपोर्ट को गलत बताया था, जिसमें पायलट को दोषी ठहराए जाने की बात कही गई थी। एएआईबी ने स्पष्ट किया कि कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है और मीडिया से संयम बरतने की अपील की है।
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