AI की मायावी दुल्हन: चेहरे पर फिदा हुए कुंवारे, बैंक अकाउंट हुआ साफ

Amresh Kushwaha | Jun 18, 2026, 10:42 IST
AI की मायावी दुल्हन
फर्जी मैट्रिमोनियल वेबसाइट चलाने वाले गैंग का खुलासा हुआ है। यह गैंग AI और एडिटिंग टूल्स से नकली दुल्हन की तस्वीरें बनाकर कुंवारों से लाखों रुपए ठग रहा था। पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ा है, तीन फरार हैं।

समझें क्या है पूरा मामला...

  1. पुलिस ने फर्जी मैट्रिमोनियल गिरोह का खुलासा किया है।
  2. गैंग AI से नकली दुल्हन की तस्वीरें बनाकर ठगी करता था।
  3. एक युवक ने शिकायत की कि उससे चार लाख रुपए ठगे गए हैं।
  4. पुलिस ने तीन जगह छापेमारी कर एक आरोपी को पकड़ा है।
  5. तीन आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।

फोन पर मीठी आवाज, फिर शुरू हुआ खेल

फोन पर कॉल आता था। दूसरी तरफ से एक मीठी आवाज सुनाई देती थी। कहा जाता था कि प्रोफाइल के लिए परफेक्ट रिश्ता मिल गया है। इसके बाद तस्वीरें भेजी जाती थीं, बातचीत शुरू होती थी और धीरे-धीरे भरोसा बनता था। भरोसा बनते ही खाते से पैसे निकलने लगते थे।



वहीं, जिस दुल्हन का सपना दिखाया जा रहा था, वह असल में कहीं थी ही नहीं। उत्तर प्रदेश के कानपुर पुलिस ने ऐसे ही एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह एआई (AI: Artificial Intelligence) और एडिटिंग टूल्स की मदद से नकली तस्वीरें बनाकर कुंवारों से लाखों रुपए की ठगी कर रहा था।



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परफेक्ट रिश्ता के नाम पर चल रहा था फर्जीवाड़ा

कानपुर पुलिस के मुताबिक, यह गैंग फर्जी मैट्रिमोनियल वेबसाइट और कॉल सेंटर के सहारे शादी के नाम पर लोगों को ठग रहा था। यह परफेक्ट रिश्ता, शादी मैच और शादी मैच इंडिया जैसे नामों से अपना नेटवर्क चला रहा था। ऊपर से देखने पर ये साइट्स पूरी तरह असली मैट्रिमोनियल वेबसाइट जैसी ही लगती थीं।



युवक की शिकायत से खुला राज

यह मामला तब सामने आया जब एक युवक ने पुलिस से शिकायत दर्ज कराई। उसने एक मैट्रिमोनियल साइट पर शादी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। इसके बाद अलग-अलग फीस और चार्ज के नाम पर उससे करीब चार लाख रुपए ले लिए गए। शादी तो दूर, उसे कोई असली रिश्ता भी नहीं मिल सका। शिकायत मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के निर्देश पर तुरंत हरकत में आ गई।



आईपीएस अंजलि विश्वकर्मा के नेतृत्व में एक खास टीम बनाई गई। कई दिनों तक जांच और निगरानी के बाद पुलिस ने एक साथ तीन ठिकानों पर छापेमारी की।



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ऐसे तैयार होती थी नकली दुल्हन

जांच में सामने आया कि गिरोह फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से युवकों का डाटा जुटाता था। इसके बाद कॉल सेंटर में बैठी टेलीकॉलर खुद को मैरिज काउंसलर बताकर संपर्क करती थीं।



सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि आरोपी इंटरनेट से महिलाओं की तस्वीरें डाउनलोड करते थे। फिर एआई और एडिटिंग टूल्स की मदद से उन्हें आकर्षक प्रोफाइल में बदल दिया जाता था। इन्हीं नकली प्रोफाइल के सहारे लोगों को भरोसे में लेकर शादी का झांसा दिया जाता था।



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चार तरह की फीस से होती थी वसूली

ठगी का तरीका भी बेहद सुनियोजित था। पहले रजिस्ट्रेशन फीस ली जाती थी। फिर प्रोफाइल एक्टिवेशन फीस वसूली जाती थी। इसके बाद रिश्ता फाइनल कराने की फीस मांगी जाती थी। आखिर में बातचीत या मुलाकात कराने के नाम पर भी अलग रकम ली जाती थी। पुलिस का कहना है कि इस तरीके से हजारों लोगों को निशाना बनाया गया, लेकिन किसी की भी असल में शादी नहीं कराई गई।



पुलिस कमिश्नर ने बताया पूरा तरीका

इस मामले को लेकर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि आरोपी पूरा गैंग बनाकर अविवाहित लोगों को निशाना बनाते थे। उन्हें फर्जी मैट्रिमोनियल साइट पर रजिस्टर कराया जाता था। गैंग ने इसके लिए लड़कियों को नौकरी पर रखा था, जो कुंवारे लड़कों से बात करती थीं और कहती थीं कि उनका रिश्ता पक्का हो गया है। इसके बाद धीरे-धीरे अलग-अलग फीस के नाम पर लाखों रुपए वसूले जाते थे। कमिश्नर ने बताया कि साल भर में गिरोह ने हजारों लोगों को शिकार बनाया, लेकिन किसी की शादी नहीं कराई गई।



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एक गिरफ्तार, तीन अब भी फरार

पुलिस ने इस मामले में रंजीत नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा अमित कुमार, जागृति और एक अन्य युवक अभी भी फरार हैं। पुलिस के मुताबिक, अमित कुमार गिरोह को लीगल सलाह देने का काम करता था। जब कुछ पीड़ितों ने ठगी का शिकार होने पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया, तो कोर्ट में केस लड़ने में मदद भी अमित ही करता था।



पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह ने छत्तीसगढ़ की एक शादी संबंधी संस्था परफेक्ट की फ्रेंचाइजी ले रखी थी। इसी फ्रेंचाइजी की आड़ में यह अपनी कई फर्जी साइट्स चला रहा था।



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जांच में मिले अहम सबूत

छापेमारी के दौरान पुलिस को दर्जनों मोबाइल फोन, रजिस्टर, बैंक दस्तावेज, एटीएम कार्ड, क्यूआर कोड, कंप्यूटर सिस्टम और डिजिटल रिकॉर्ड बरामद हुए हैं। ये सभी सबूत आगे की जांच में अहम भूमिका निभाएंगे। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।



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