एअर इंडिया का नया प्लान: खाना छोड़ो और सस्ता टिकट पाओ!
समझें क्या है पूरा मामला
- एयर इंडिया नई टिकट कैटेगरी लाने की तैयारी में है।
- इसे नो मील कैटेगरी कहा जा रहा है।
- यात्री खाना न लेने का विकल्प चुन सकेंगे।
- भोजन छोड़ने पर किराया कम हो सकता है।
- प्रस्ताव विचाराधीन है। घोषणा अभी नहीं हुई।
क्या है नो मील टिकट का प्लान?
एअर इंडिया (AIR INDIA) अपने यात्रियों को एक नया विकल्प देने की सोच रही है। अभी एयरलाइन की सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में खाना दिया जाता है और उसका शुल्क टिकट में शामिल होता है। नई व्यवस्था में यात्री खुद तय कर सकेंगे कि उन्हें उड़ान में खाना चाहिए या नहीं। जो यात्री खाना नहीं लेंगे उन्हें सामान्य टिकट से कम दाम चुकाने होंगे। यह विकल्प सिर्फ घरेलू उड़ानों के लिए होगा। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में यह सुविधा नहीं मिलेगी।
किन यात्रियों को होगा फायदा?
यह विकल्प उन यात्रियों के लिए खासतौर पर फायदेमंद होगा जो छोटे रूटों पर सफर करते हैं। एक घंटे से कम की उड़ान में कई यात्री खाना नहीं लेते। ऐसे में उन्हें उस सेवा का पैसा क्यों देना चाहिए जो वे इस्तेमाल ही नहीं करते।
सूत्रों के अनुसार, एअर इंडिया पहले यात्रियों की प्रतिक्रिया देखेगी। उसके आधार पर लोकल रूट्स पर यह व्यवस्था लागू की जाएगी।
अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई
यह जरूरी बात जान लें। यह प्रस्ताव अभी सिर्फ विचाराधीन है। एअर इंडिया ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। जब तक आधिकारिक घोषणा नहीं होती तब तक यह लागू नहीं माना जाएगा।
भारतीय हवाई यात्रा में पहले से है यह चलन
दुनिया की कई बड़ी एयरलाइंस पहले से अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग शुल्क लेती हैं। इसे अनबंडलिंग कहते हैं यानी हर सेवा का दाम अलग। भारत में इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी लो कॉस्ट (Low Cost) एयरलाइंस पहले से खाने के लिए अलग शुल्क लेती हैं। एअर इंडिया पूर्ण सेवा एयरलाइन है। अगर वह भी यह विकल्प देती है तो यह घरेलू हवाई यात्रा के बाजार में बड़ा बदलाव होगा।
घरेलू उड़ानों पर लागू हो सकता है
सूत्रों के अनुसार, एयर इंडिया नई व्यवस्था घरेलू और छोटी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लागू कर सकती है। दो घंटे तक की उड़ानों वाले यात्री भोजन विकल्प नहीं चुनते तो कम कीमत में टिकट ले सकेंगे। वर्तमान में एयर इंडिया इकोनॉमी क्लास यात्रियों को मुफ्त मील देती है। सामान्य टिकट किराए में भोजन शामिल रहता है। नए बेसिक फेयर मॉडल में भोजन और अन्य सुविधाओं के अलग विकल्प चुनने होंगे।
एविएशन एक्सपर्ट्स के अनुसार यह कदम एयर इंडिया को लो कॉस्ट एयरलाइंस से मुकाबला करने में मदद कर सकता है। इंडिगो, अकासा एयर और स्पाइसजेट बाय ऑन बोर्ड मॉडल पर काम करती हैं। यात्री जरूरत पड़ने पर फ्लाइट में खाना खरीदते हैं। कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस अनबंडल्ड फेयर्स मॉडल अपना रही हैं। इसमें बेस टिकट सस्ती होती है और सुविधाओं के लिए अलग शुल्क लिया जाता है। इससे यात्री अपनी जरूरत के हिसाब से खर्च तय कर सकते हैं।
मध्यप्रदेश के यात्रियों को क्या फायदा?
इंदौर, भोपाल और जबलपुर से कई छोटे घरेलू रूट हैं। मुंबई, दिल्ली या हैदराबाद जैसे शहरों के लिए उड़ान अक्सर एक से दो घंटे की होती है। ऐसे यात्रियों के लिए नो मील टिकट एक सस्ता और व्यावहारिक विकल्प साबित हो सकता है।
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