तमिलनाडु : सीफूड फैक्ट्री में अमोनिया गैस रिसाव, 7 महिलाओं की मौत, 65 से अधिक घायल
समझें क्या है पूरा मामला
- तिरुवल्लूर सीफूड फैक्ट्री में अमोनिया गैस रिसाव हुआ।
- हादसे में 7 महिलाओं की मौत और 65 लोग घायल हुए।
- 9 गंभीर मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं।
- NDRF और प्रशासन ने राहत-बचाव अभियान शुरू किया।
- फैक्ट्री सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं।
सीफूड एक्सपोर्ट फैक्ट्री में बड़ा हादसा
तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में एक सीफूड एक्सपोर्ट फैक्ट्री में बड़ा हादसा हुआ। अमोनिया गैस रिसाव के कारण कई कर्मचारी प्रभावित हुए। इस हादसे में 7 महिलाओं की मौत हो गई। 65 से अधिक लोग घायल हुए हैं। 9 मरीजों की हालत गंभीर है और वे वेंटिलेटर पर हैं। घटना के बाद NDRF टीम को मौके पर भेजा गया है।
अमोनिया गैस रिसाव
तिरुवल्लूर जिले की सीफूड फैक्ट्री में अचानक गैस रिसाव हुआ। यह गैस अमोनिया थी जो बेहद जहरीली मानी जाती है।
घटना सेंट पीटर्स पॉल सीफूड यूनिट में हुई। कर्मचारियों को तुरंत सांस लेने में दिक्कत हुई। फैक्ट्री में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
अमोनिया गैस रिसाव से कई लोग बेहोश हो गए। युवा महिला कर्मचारी सबसे ज्यादा प्रभावित हुईं। फैक्ट्री में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठे हैं। घटना की जांच प्रशासन द्वारा शुरू कर दी गई है। इलाके में आपात स्थिति घोषित की गई है।
राहत और बचाव कार्य
घटना की जानकारी मिलते ही NDRF टीम पहुंची। 30 सदस्यीय टीम को तुरंत तैनात किया गया। टीम ने गैस डिटेक्शन उपकरण का उपयोग किया। CBRN उपकरणों से क्षेत्र को सुरक्षित किया गया। राहत कार्य तेजी से जारी रखा गया।
प्रशासन ने इलाके को खाली कराया है। घायलों को तुरंत अस्पतालों में भेजा गया है। ऑक्सीजन सपोर्ट की व्यवस्था की गई है। स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश जारी है। स्थानीय प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।
अस्पताल में भर्ती मरीज
46 मरीज वेल्स हॉस्पिटल में भर्ती हैं। 21 मरीज वेंकटेश्वरा हॉस्पिटल में इलाजरत हैं। 9 गंभीर मरीज चेन्नई रेफर किए गए हैं। उनका इलाज स्टेनली मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। डॉक्टर लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
कई मरीजों का ब्लड प्रेशर कम पाया गया है। चिकित्सक उनकी उम्र को राहत मान रहे हैं। अधिकांश पीड़ित 24 से 25 वर्ष के हैं। स्थिति गंभीर होने के बावजूद सुधार की उम्मीद है। इलाज के लिए विशेष मेडिकल टीम तैनात है।
फैक्ट्री सुरक्षा पर सवाल
हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। फैक्ट्री में गैस नियंत्रण सिस्टम की जांच होगी। औद्योगिक सुरक्षा नियमों की समीक्षा की जाएगी। सरकार ने विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने पर जोर है।
कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज
तमिलनाडु सरकार ने घटना की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। डीन डॉक्टर शांताराम की अध्यक्षता में जांच समिति बनाई गई है। समिति को विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपनी होगी। पुलिस ने कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
कुछ अन्य अधिकारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। तिरुवल्लूर जिले के प्रभारी मंत्री कुमार अस्पताल पहुंचे और घायलों से मुलाकात कर स्वास्थ्य की जानकारी ली। राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर ने घटना पर गहरा दुख जताया है और इसे बेहद दुखद व चिंताजनक बताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
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