Arvind Kejriwal Bail : अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत, 23 को अगली सुनवाई

Deeksha Nandini Mehra | Aug 14, 2024, 12:28 IST
केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कथित शराब घोटाले में फिलहाल राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को अभी अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया है।

Arvind Kejriwal's Bail Plea : अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal ) की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सीबीआई को नोटिस जारी किया है। केजरीवाल ने कथित आबकारी नीति घोटाले (excise policy scam) से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई द्वारा उनकी गिरफ्तारी को बरकरार रखने के दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) के आदेश को चुनौती देते हुए जमानत मांगी है। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।



तीन बार जमानत के आदेश दिए जा चुके

अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal )के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट से कहा कि उनके पक्ष में 3 बार जमानत के आदेश दिए जा चुके हैं। इसमें सेक्शन 45 का मामला भी शामिल है।



PMLA ने मई में अंतरिम आदेश जारी कर दिया था। इसके बाद पीएमएलए में जून में नियमित जमानत दी गई थी, लेकिन हाई कोर्ट ने उस पर रोक लगा दी। हालांकि, इस दलील के बाद भी कोर्ट ने उन्हें फिलहाल जमानत नहीं दी।



अगली सुनवाई 23 अगस्त को

दरअसल, ऐसी ही दलील सिसोदिया वाले मामले में भी दी गई थी, जिसमें कहा गया था कि मुकदमे में कोई प्रोग्रेस नहीं हुई है और सिसोदिया को जमानत भी नहीं दी जा रही है।



सीबीआई से मांगा जवाब

जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भुयांन की पीठ ने सीबीआई को नोटिस जारी कर उसका जवाब मांगा है। सिंघवी ने अदालत से गुजारिश की कि केजरीवाल स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं, इसलिए मामले पर जल्द सुनवाई की जाए। अगले हफ्ते सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाना चाहिए, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के 23 अगस्त की तारीख तय कर दी।



thesootr links

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें



Tags:
  • Supreme Court
  • सुप्रीम कोर्ट
  • अरविंद केजरीवाल
  • Delhi Excise Policy scam
  • Arvind Kejriwal Bail Hearing
  • अरविंद केजरीवाल जमानत
  • दिल्ली शराब नीति घोटाला