अशोक खरात की सफाई- महिलाओं के साथ जो किया, वो धार्मिक विधि थी, जानें पूरी कुंडली
मिरगांव के सन्नाटे में एक गहरा डर छिपा है। वहां लोग कैमरे पर बोलने से भी कांपते हैं। वे उस कैप्टन से डरते हैं जो कभी भगवान बना था। आज वही शख्स सलाखों के पीछे अपने पाप गिन रहा है। आस्था के नाम पर वहां सिर्फ जिस्मानी सौदा होता था।
महिलाएं विधि के नाम पर अपनी इज्जत लुटाती रहीं। यह कहानी किसी फिल्म की नहीं, बल्कि हकीकत है। ढोंगी बाबा अशोक खरात ने भक्ति का नकाब पहन कर उसने धर्म को हवस मिटाने का जरिया बना लिया था।
आठ महिलाओं के 35 वीडियो का सच
विधानसभा में जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सच्चाई बताई, सब सन्न रह गए। पुलिस को 8 महिलाओं के 35 अश्लील वीडियो मिले हैं। इन वीडियो में खरात महिलाओं का यौन शोषण कर रहा है। वह इसे धार्मिक अनुष्ठान बताकर महिलाओं को गुमराह करता था।
वह तंत्र-मंत्र का डर दिखाकर उनका मुंह बंद रखता था। वह कहता था कि बताने पर परिवार तबाह हो जाएगा। अब तक उसके खिलाफ 9 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। एसआईटी को 80 से अधिक नई शिकायतें भी मिली हैं।
कौन है यह ढोंगी अशोक खरात?
अशोक खरात मूल रूप से महाराष्ट्र के कहांडलवाडी का है। उसने खुद को मर्चेंट नेवी का रिटायर्ड कप्तान बताया था। उसने मिरगांव में शिवनिका संस्थान की बड़ी इमारत खड़ी की। वहां ईशान्येश्वर महादेव का एक भव्य मंदिर भी बनाया और धीरे-धीरे उसने लोगों का विश्वास जीत लिया था।
वह अंक-गणना के आधार पर लोगों का भविष्य बताता था। खरात की टीम पहले ही लोगों की जानकारी जुटा लेती थी। इसी हॉट रीडिंग तकनीक से वह चमत्कार का भ्रम रचता था। लोग उसे सच मानकर अपना सबकुछ उसके नाम कर देते थे।
कब हुई अशोक खरात की गिरफ्तारी?
अशोक खरात के पतन की शुरुआत तब हुई जब एक पीड़िता ने हिम्मत दिखाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। महिला का आरोप है कि खरात ने तीन साल तक उसके साथ दुष्कर्म किया, जिसके बाद 18 मार्च को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, इस ढोंगी बाबा की दरिंदगी की नई परतें खुलती गईं।
अब उसके खिलाफ दो और नए मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से एक मामला सात महीने की गर्भवती महिला के यौन शोषण का है। खरात पर आरोप है कि वह पुनर्विवाह कराने के बहाने महिलाओं को जाल में फंसाता था।
खरात कैसे फंसाता था महिलाओं को
FIR के अनुसार, अशोक खरात महिलाओं को उनकी समस्याओं का समाधान करने का झांसा देकर नासिक के कनाडा कॉर्नर स्थित अपने आलीशान ऑफिस में बुलाता था। वहां वह महिलाओं को नशीला पेय (Sedative Drink) पिलाकर उन्हें सम्मोहित (Hypnotize) कर लेता था।(महाराष्ट्र अशोक खरात न्यूज)
आरोपी केवल शारीरिक शोषण तक सीमित नहीं था। वह महिलाओं के मन में डर पैदा करता था। उन्हें उनके पति की मौत की झूठी भविष्यवाणी (False Prediction) सुनाता था। खरात कहता था कि यदि उन्होंने उसकी बात नहीं मानी, तो उनके परिवार पर भारी मुश्किलें आ जाएगी। तंत्र-मंत्र और सिद्ध पुरुष होने के ढोंग के चलते कई महिलाएं उसके जाल में फंसती चली गईं।
58 वीडियो क्लिप और 150 करोड़ का साम्राज्य
पुलिस की छापेमारी के दौरान जो सबूत हाथ लगे हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। खरात ने अपने ऑफिस में हिडन सीसीटीवी (Hidden CCTV) कैमरे लगा रखे थे।
- डिजिटल सबूत: पुलिस को एक पेन ड्राइव मिली है जिसमें 58 अलग-अलग महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो होने की बात सामने आई है।
- ब्लैकमेलिंग का खेल: आशंका जताई जा रही है कि इन वीडियो का इस्तेमाल हाई-प्रोफाइल महिलाओं और सेलिब्रिटीज को ब्लैकमेल करने के लिए किया जाता था।
- अथाह संपत्ति: जांच में सामने आया है कि पिछले 15 सालों में खरात ने ज्योतिष और प्रॉपर्टी डीलिंग के जरिए 150 से 200 करोड़ रु. की संपत्ति बनाई है।
करोड़ों का साम्राज्य और रसूख
खरात के पास करोड़ों की संपत्ति मिली है। उसने 10 हजार रुपए की वस्तुएं लाखों में बेचीं। भक्तों से मिलने की फीस भी 10 हजार रुपए थी। उसके पास आने वालों में बड़े अधिकारी और राजनेता थे। इसी राजनीतिक संरक्षण ने उसे और भी निडर बना दिया।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष के साथ उसके फोटो मिले। विवाद बढ़ा तो रूपाली चाकणकर को इस्तीफा देना पड़ा। उन पर मामले को दबाने के लिए करोड़ों की सेटिंग के आरोप हैं। सरकार ने अब संस्थान की जल आपूर्ति काट दी है।
रूपाली चाकणकर ने क्यों दिया इस्तीफा
अशोक खरात की सत्ता के गलियारों में गहरी पैठ थी। नासिक के सिन्नर में एक मंदिर ट्रस्ट का प्रमुख होने के नाते बड़े-बड़े नेता उसके चरणों में सिर झुकाते थे। इसी रसूख का एक बड़ा शिकार महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रूपाली चाकणकर बनीं।
रूपाली एक पढ़ी-लिखी महिला हैं और उन्होंने MBA किया है। बताया जाता है कि सरकारी नौकरी की तलाश के दौरान वह खरात के संपर्क में आई और उसकी शिष्या बन गई। बाबा की कृपा से वह राजनीति में ऊपर चढ़ती गईं और महिला आयोग की अध्यक्ष बनी, लेकिन खरात का कांड उजागर होते ही उन्हें नैतिकता के नाते अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। दूसरी ओर रूपाली चाकणकर पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप हैं कि वह खुद महिलाओं को अशोक खरात के पास भेजती थी।
नकली सांप, बाघ और लकवे का राज
मंदिर में खरात ने नकली सांप और बाघ रखे थे। वह इनका इस्तेमाल लोगों को डराने के लिए करता था। जांच में पता चला कि वह सेक्स पॉवर बढ़ाने वाली दवाओं का शौकीन था। बताया जा रहा है कि इन्हीं दवाओं के ओवरडोज से उसे लकवे का झटका लगा है।
पुलिस ने उसकी एचआईवी जांच करवाई जो निगेटिव आई। वह पूछताछ के दौरान मंत्र पढ़कर बचने की कोशिश करता है।
दूसरी ओर अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। जादू-टोना कानून के प्रभावी पालन की मांग तेज हो गई है। पूरा महाराष्ट्र अब इस ढोंगी को कड़ी सजा चाहता है।
खरात कह रहा मेरे साथ साजिश रची गई
उसने दावा किया कि किसी से जबरदस्ती नहीं की। किसी महिला ने कभी विरोध नहीं किया। खरात ने कहा कि कुछ विरोधियों ने उसके खिलाफ साजिश रची है, वरना किसी को कोई आपत्ति नहीं थी। पूछताछ के दौरान कई बार वह मंत्र पढ़ने लगता। कभी दाएं हाथ की तीन उंगलियों को घुमाते हुए कुछ क्रियाएं करने लगता।
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