अशोक खरात कांड: ‘शुद्धिकरण’ के नाम पर धोखा, झूमर की लाइट से चलता था गुप्त संकेत
Pawan Modiya | Mar 27, 2026, 20:32 IST
Photograph: (the sootr)
महाराष्ट्र के नासिक में खुद को ज्योतिषी और बाबा बताने वाले अशोक खरात के मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। उसके ऑफिस में एक अजीब “कोड सिस्टम” चलता था, जिसमें झूमर (लाइट) जलने या बुझने से संकेत दिया जाता था।
महाराष्ट्र के नासिक बाबा अशोक खरात कांड (Nashik Baba Ashok Kharat Case) ने पूरे देश में सनसनी मचा दी है। खुद को ज्योतिषी और आध्यात्मिक गुरु बताने वाले अशोक खरात पर आरोप है कि वह ‘शुद्धिकरण’ और तंत्र-मंत्र (Tantra Rituals) के नाम पर लोगों, खासकर महिलाओं को अपने जाल में फंसाता था।
पुलिस जांच में अब कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बताया जा रहा है कि बाबा के कार्यालय में एक गुप्त संकेत प्रणाली (Secret Code System) लागू थी। इस प्रणाली के तहत झूमर की लाइट (Chandelier Light Signal) का उपयोग करके बाहर बैठे लोगों को संकेत दिया जाता था कि अंदर क्या स्थिति है।
जांच एजेंसियों के अनुसार इस कोड सिस्टम का इस्तेमाल कथित तौर पर गुप्त गतिविधियों को छिपाने के लिए किया जाता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब पुलिस ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT Investigation) गठित कर जांच तेज कर दी है।
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पुलिस जांच में सामने आया है कि बाबा के केबिन के बाहर एक बड़ा झूमर लगा हुआ था। यही झूमर एक तरह से गुप्त संकेत (Secret Signal) का काम करता था।
जांच में यह भी सामने आया है कि बाबा अशोक खरात लोगों की कमजोरियों और डर का फायदा उठाता था।
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इस पूरे नासिक बाबा अशोक खरात केस का खुलासा तब हुआ जब एक महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। महिला का आरोप था कि बाबा ने धार्मिक अनुष्ठान के नाम पर उसे कमरे में बुलाया। उसके पति को बाहर बैठने के लिए कहा। फिर कमरे में अंधेरा कर दिया। महिला ने जब इसका विरोध किया, तो वह किसी तरह वहां से बाहर निकल आई और बाद में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। यही शिकायत इस पूरे मामले की जांच का कारण बनी।
पुलिस की जांच में कई ऐसे सबूत मिले हैं, जिन्होंने इस केस को और गंभीर बना दिया है।
जैसे-जैसे मामला मीडिया में सामने आया, वैसे-वैसे कई अन्य लोग भी आगे आने लगे। पुलिस के अनुसार 100 से ज्यादा लोगों ने फोन करके शिकायत या जानकारी दी है। इससे जांच टीम को लगता है कि पीड़ितों की संख्या और भी अधिक हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में कई पीड़ित सामाजिक दबाव या डर की वजह से सामने नहीं आ पाते।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने SIT Investigation (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) गठित की है।
इस मामले से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे थे। पुलिस ने ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की है।
पुलिस जांच में अब कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बताया जा रहा है कि बाबा के कार्यालय में एक गुप्त संकेत प्रणाली (Secret Code System) लागू थी। इस प्रणाली के तहत झूमर की लाइट (Chandelier Light Signal) का उपयोग करके बाहर बैठे लोगों को संकेत दिया जाता था कि अंदर क्या स्थिति है।
जांच एजेंसियों के अनुसार इस कोड सिस्टम का इस्तेमाल कथित तौर पर गुप्त गतिविधियों को छिपाने के लिए किया जाता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब पुलिस ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT Investigation) गठित कर जांच तेज कर दी है।
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झूमर की लाइट से चलता था ‘सीक्रेट कोड सिस्टम’
- जब झूमर की लाइट बंद रहती थी, तो इसका मतलब होता था कि अंदर कोई “शुद्धिकरण प्रक्रिया” चल रही है और किसी को अंदर नहीं जाना है।
- जब लाइट चालू होती थी, तब यह संकेत होता था कि अंदर जाने की अनुमति है।
‘शुद्धिकरण’ के नाम पर लोगों को फंसाने का आरोप
लोगों को इस तरह डराता था
- ग्रह दोष या कुंडली में समस्या बताना
- परिवार पर संकट आने की चेतावनी देना
- जीवन में नकारात्मक ऊर्जा होने का दावा करना
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एक महिला की शिकायत से खुला पूरा मामला
जांच में मिले चौंकाने वाले सबूत
जांच में सामने आई प्रमुख बातें
- 50 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो मिलने की बात
- कई महिलाओं द्वारा शोषण के आरोप
- करोड़ों रुपए की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज
कई पीड़ित सामने आने लगे
SIT कर रही मामले की गहन जांच
SIT की जांच में शामिल प्रमुख बिंदु
- सभी शिकायतों की जांच
- आरोपी की संपत्ति और नेटवर्क की पड़ताल
- डिजिटल और वीडियो सबूतों की जांच
- संभावित सहयोगियों की पहचान
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने वालों पर कार्रवाई
- ऐसे वीडियो शेयर करना कानूनन अपराध है
- इससे पीड़ितों की पहचान उजागर हो सकती है
- दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी
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