13 Sept 2026
By Kaushiki
सबरीमाला मंदिर भगवान अयप्पा को समर्पित है। यहां 10-50 वर्ष की महिलाओं का प्रवेश वर्जित है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट में बहस जारी है। जानें मंदिर का इतिहास और कठिन पूजा नियम।
सबरीमाला मंदिर भगवान अयप्पा को समर्पित है। यहां 10-50 वर्ष की महिलाओं का प्रवेश वर्जित है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट में बहस जारी है। जानें मंदिर का इतिहास और कठिन पूजा नियम।
12 Sept 2026
By Aman Vaishnav
बॉक्सिंग दुनिया की चैंपियन मैरी कॉम जिसने छोटे से किसान परिवार से और सबके विरोध से ऊपर उठकर दुनिया भर में अपना नाम बनाया। गरीबी के बावजूद उन्होंने छिपकर बॉक्सिंग शुरू की आइए जानते हैं मां बनने के बाद भी मैरी कॉम ने अपनी बॉक्सिंग की जर्नी कैसे जारी रखी।
बॉक्सिंग दुनिया की चैंपियन मैरी कॉम जिसने छोटे से किसान परिवार से और सबके विरोध से ऊपर उठकर दुनिया भर में अपना नाम बनाया। गरीबी के बावजूद उन्होंने छिपकर बॉक्सिंग शुरू की आइए जानते हैं मां बनने के बाद भी मैरी कॉम ने अपनी बॉक्सिंग की जर्नी कैसे जारी रखी।
19 Aug 2026
By Kaushiki
साल 1757 में ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपना पहला एक रुपए का सिक्का बनाया था। यह ऐतिहासिक सिक्का कलकत्ता की टकसाल में ढाला गया था। प्लासी के युद्ध के बाद अंग्रेजों की आर्थिक ताकत की शुरुआत यहीं से हुई थी।
साल 1757 में ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपना पहला एक रुपए का सिक्का बनाया था। यह ऐतिहासिक सिक्का कलकत्ता की टकसाल में ढाला गया था। प्लासी के युद्ध के बाद अंग्रेजों की आर्थिक ताकत की शुरुआत यहीं से हुई थी।
15 Aug 2026
By Kaushiki
15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ था। अंग्रेजों ने लगभग 200 सालों तक राज किया। मंगल पांडे, भगत सिंह और महात्मा गांधी जैसे नायकों ने लड़ाई लड़ी। भारी संघर्ष और कुर्बानियों के बाद आखिरकार भारत को अपनी खोई हुई आजादी वापस मिली।
15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ था। अंग्रेजों ने लगभग 200 सालों तक राज किया। मंगल पांडे, भगत सिंह और महात्मा गांधी जैसे नायकों ने लड़ाई लड़ी। भारी संघर्ष और कुर्बानियों के बाद आखिरकार भारत को अपनी खोई हुई आजादी वापस मिली।
14 Aug 2026
By Kaushiki
14 अगस्त 1947 को ब्रिटिश भारत का बंटवारा हुआ था। इस दिन को भारत में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में याद किया जाता है। इसी रात दिल्ली के संविधान हॉल में जवाहरलाल नेहरू ने अपना प्रसिद्ध भाषण ट्रिस्ट विद डेस्टिनी दिया था।
14 अगस्त 1947 को ब्रिटिश भारत का बंटवारा हुआ था। इस दिन को भारत में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में याद किया जाता है। इसी रात दिल्ली के संविधान हॉल में जवाहरलाल नेहरू ने अपना प्रसिद्ध भाषण ट्रिस्ट विद डेस्टिनी दिया था।
13 Aug 2026
By Kaushiki
महारानी अहिल्याबाई होलकर भारत की महान और न्यायप्रिय शासक थीं। 13 अगस्त 1795 को उनका निधन हुआ था। उन्होंने मालवा की कमान संभालकर इंदौर और महेश्वर का विकास किया। देश भर के प्रमुख मंदिरों का पुनरुद्धार कराकर उन्होंने इतिहास रच दिया।
महारानी अहिल्याबाई होलकर भारत की महान और न्यायप्रिय शासक थीं। 13 अगस्त 1795 को उनका निधन हुआ था। उन्होंने मालवा की कमान संभालकर इंदौर और महेश्वर का विकास किया। देश भर के प्रमुख मंदिरों का पुनरुद्धार कराकर उन्होंने इतिहास रच दिया।
11 Aug 2026
By Kaushiki
11 अगस्त 1908 को भारत के सबसे युवा क्रांतिकारी खुदीराम बोस को फांसी दी गई थी। महज 18 साल की उम्र में उन्होंने देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते अपने प्राण न्योछावर कर दिए। मुजफ्फरपुर बम कांड में उनकी बहादुरी को आज भी याद किया जाता है।
11 अगस्त 1908 को भारत के सबसे युवा क्रांतिकारी खुदीराम बोस को फांसी दी गई थी। महज 18 साल की उम्र में उन्होंने देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते अपने प्राण न्योछावर कर दिए। मुजफ्फरपुर बम कांड में उनकी बहादुरी को आज भी याद किया जाता है।
10 Aug 2026
By Kaushiki
10 अगस्त 1963 को जन्मीं फूलन देवी की कहानी चंबल के बीहड़ से शुरू होकर भारत की संसद तक पहुंचती है। बाल विवाह, भयंकर शोषण और अन्याय के खिलाफ उन्होंने बंदूक उठाई। बाद में उन्होंने आत्मसमर्पण किया और सांसद बनीं। जानिए उनकी जीवन गाथा।
10 अगस्त 1963 को जन्मीं फूलन देवी की कहानी चंबल के बीहड़ से शुरू होकर भारत की संसद तक पहुंचती है। बाल विवाह, भयंकर शोषण और अन्याय के खिलाफ उन्होंने बंदूक उठाई। बाद में उन्होंने आत्मसमर्पण किया और सांसद बनीं। जानिए उनकी जीवन गाथा।
08 Aug 2026
By Kaushiki
08 अगस्त 1942 को बॉम्बे में महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत की थी। गांधी जी ने देशवासियों को करो या मरो का नारा दिया। यह आंदोलन भारतीय आजादी की लड़ाई में एक बड़ा मोड़ साबित हुआ, जिसने अंग्रेजों की नींव हिला दी।
08 अगस्त 1942 को बॉम्बे में महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत की थी। गांधी जी ने देशवासियों को करो या मरो का नारा दिया। यह आंदोलन भारतीय आजादी की लड़ाई में एक बड़ा मोड़ साबित हुआ, जिसने अंग्रेजों की नींव हिला दी।
07 Aug 2026
By Kaushiki
साल 1905 में कोलकाता के टाउन हॉल से स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत हुई। लॉर्ड कर्जन के बंगाल विभाजन के विरोध में भारतीय नेताओं ने विदेशी सामान के बहिष्कार का फैसला किया। इस आंदोलन ने भारत की आजादी और आत्मनिर्भरता की नींव रखी।
साल 1905 में कोलकाता के टाउन हॉल से स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत हुई। लॉर्ड कर्जन के बंगाल विभाजन के विरोध में भारतीय नेताओं ने विदेशी सामान के बहिष्कार का फैसला किया। इस आंदोलन ने भारत की आजादी और आत्मनिर्भरता की नींव रखी।
By Arohi Raj
By Aman Vaishnav, CHAKRESH
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By Jitendra Shrivastava
By Sumit Kumar
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