कांग्रेस का जन महाभियोग सवालों के घेरे में! लोकतांत्रिक असहमति या जन-अदालत की राजनीति?
कांग्रेस का जन महाभियोग सवालों के घेरे में! लोकतांत्रिक असहमति या जन-अदालत की राजनीति?

02 Nov 2026

By The Sootr

लोकतंत्र में सरकार की आलोचना करना, संवैधानिक संस्थाओं से सवाल पूछना और उनके फैसलों का विरोध करना हर नागरिक और राजनीतिक दल का अधिकार है। लेकिन जब राजनीतिक विरोध इस हद तक पहुंच जाए कि संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर ही सवाल उठने लगें और राजनीतिक मंचों पर उनके खिलाफ फैसले सुनाए जाने लगें, तो इस पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है।

लोकतंत्र में सरकार की आलोचना करना, संवैधानिक संस्थाओं से सवाल पूछना और उनके फैसलों का विरोध करना हर नागरिक और राजनीतिक दल का अधिकार है। लेकिन जब राजनीतिक विरोध इस हद तक पहुंच जाए कि संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर ही सवाल उठने लगें और राजनीतिक मंचों पर उनके खिलाफ फैसले सुनाए जाने लगें, तो इस पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है।

भारत में मार्क्सवादी विचारधारा के 100 साल: मजदूर आंदोलनों से माओवादी हिंसा तक, देश को क्या मिला?
भारत में मार्क्सवादी विचारधारा के 100 साल: मजदूर आंदोलनों से माओवादी हिंसा तक, देश को क्या मिला?

25 Oct 2026

By The Sootr

विचार मंथन: भारत में मार्क्सवादी विचारधारा के लगभग 100 साल पूरे हो चुके हैं। इस दौरान वामपंथी संगठनों ने मजदूरों और किसानों के लिए आंदोलन किए। केरल और पश्चिम बंगाल में लंबे समय तक सरकारें चलाईं। दूसरी ओर माओवादी हिंसा ने हजारों लोगों की जान ली। ऐसे में सवाल है कि मार्क्सवादी संगठनों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक विकास में क्या स्थायी योगदान दिया?

विचार मंथन: भारत में मार्क्सवादी विचारधारा के लगभग 100 साल पूरे हो चुके हैं। इस दौरान वामपंथी संगठनों ने मजदूरों और किसानों के लिए आंदोलन किए। केरल और पश्चिम बंगाल में लंबे समय तक सरकारें चलाईं। दूसरी ओर माओवादी हिंसा ने हजारों लोगों की जान ली। ऐसे में सवाल है कि मार्क्सवादी संगठनों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक विकास में क्या स्थायी योगदान दिया?

संघ के 100 साल: संपर्क से सामाजिक परिवर्तन तक आरएसएस का नया सूत्र
संघ के 100 साल: संपर्क से सामाजिक परिवर्तन तक आरएसएस का नया सूत्र

20 Oct 2026

By The Sootr

संघ शताब्दी वर्ष पर कैलाशचंद्र जी का लेख: विजयादशमी से शुरू गृह संपर्क, हिंदू सम्मेलन, गोष्ठियां, युवा संवाद और शाखा विस्तार के जरिए संघ को समाजव्यापी बनाने का लक्ष्य और आगे की चुनौतियां।

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गुरु ग्रंथ साहिब ने कैसे बदली भारत की आध्यात्मिक सोच
गुरु ग्रंथ साहिब ने कैसे बदली भारत की आध्यात्मिक सोच

11 Sept 2026

By Manya Jain

गुरु अर्जुन देव जी और गुरु नानक देव जी की वाणी से बने श्री गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश उत्सव — सत्य, संतोष और सेवा का संदेश देने वाली परंपरा, जो आज भी मानवता को रास्ता दिखाती है।

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मोदी कैबिनेट विस्तार पर बड़े मंत्री का इशारा- सब बदल सकता है, सिर्फ मोदी-शाह रहेंगे!
मोदी कैबिनेट विस्तार पर बड़े मंत्री का इशारा- सब बदल सकता है, सिर्फ मोदी-शाह रहेंगे!

26 Aug 2026

By Sameer Chougaonkar

मोदी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सरगर्मियां तेज हैं। एक वरिष्ठ मंत्री के संकेत के मुताबिक पीएम मोदी और अमित शाह के अलावा पूरे कैबिनेट में बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है।

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छलावा नहीं, रियल रेवोल्यूशन... हर भारतीय छात्र को मिले अपना एआई ट्यूटर
छलावा नहीं, रियल रेवोल्यूशन... हर भारतीय छात्र को मिले अपना एआई ट्यूटर

24 Aug 2026

By Amresh Kushwaha

आईएएस (IAS) अधिकारी श्रीवत्स कृष्णा ने भारतीय शिक्षा में एआई (Artificial Intelligence) ट्यूटर को असली क्रांति बताया है। उनका मानना है कि सरकार को डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) बनाकर हर बच्चे को मुफ्त एआई (AI) ट्यूटर उपलब्ध कराना चाहिए।

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एआई युग में लोकतंत्र के लिए मानवीय विवेक क्यों जरूरी है..?
एआई युग में लोकतंत्र के लिए मानवीय विवेक क्यों जरूरी है..?

19 Aug 2026

By Pawan Modiya

एआई के बढ़ते दौर में गांधी और चंद्रशेखर की लोकतांत्रिक सोच नई दिशा देती है। तकनीक गति बढ़ा रही है, लेकिन संवेदना और विवेक बनाए रखना जरूरी है। लोकतंत्र की मजबूती संवाद, विविधता और मानवीय जिम्मेदारी से जुड़ी है।

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209 दिन बाद बनी नितिन नवीन की नई टीम, नए चेहरों पर रहा फोकस
209 दिन बाद बनी नितिन नवीन की नई टीम, नए चेहरों पर रहा फोकस

18 Aug 2026

By Sameer Chougaonkar

भाजपा ने नितिन नवीन के अध्यक्ष बनने के 209 दिन बाद 65 सदस्यीय राष्ट्रीय टीम घोषित की। इसमें 51 नए चेहरे और 12 महिलाएं शामिल हैं। मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ को खास तवज्जो दी गई है। कई पुराने नेता टीम से बाहर हुए हैं।

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बुजुर्ग की चिता की आग समाज के लिए छोड़ गई सवाल...
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17 Aug 2026

By Pawan Modiya

सोनीपत के एक बुजुर्ग की मौत के बाद अंतिम संस्कार का वीडियो चर्चा में है। बेटियां अंतिम दर्शन के लिए नहीं पहुंचीं। ऐसी ही कई घटनाओं ने बुजुर्गों, परिवार और बदलते रिश्तों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

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पर्सनैलिटी कल्ट: नेहरू और अंबेडकर की चेतावनी आज भी क्यों जरूरी है
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11 Aug 2026

By Amresh Kushwaha

1937 में नेहरू ने खुद अपनी बढ़ती लोकप्रियता को देश के लिए खतरा बताया था। अम्बेडकर ने भक्ति को राजनीति से बाहर रखने की चेतावनी दी थी। यह लेख बताता है कि पर्सनैलिटी कल्ट कैसे लोकतंत्र और संस्थाओं को धीरे-धीरे कमजोर करते हैं।

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पेंशनर्स के लिए काम की खबर: सिर्फ इतने रुपए में घर बैठे बनेगा डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र, बैंकों में लाइन लगाने से मुक्ति

By Umeshwari Baghel

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धनतेरस पर सोने ने 10 साल में दिया 365% रिटर्न: 2016 में लगाए होते एक लाख रुपए तो आज होते करीब 4.5 लाख, जानिए कितना बढ़ा भाव

By Sandeep Kumar

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अब नक्शे से चलेगा छत्तीसगढ़ का विकास, AI चैटबॉट बताएगा कहां चाहिए बैंक, कहां लगेगा उद्योग और कहां पहुंचेंगी सरकारी योजनाएं

By VINAY VERMA

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बैतूल में ठेकेदार कानून से ऊपर? सरकारी विश्रामगृह में बिना अनुमति लगा दिया मिक्सर प्लांट, सालभर से अफसर खामोश

By The Sootr

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MP में खाद की किल्लत हुई तो नपेंगे कलेक्टर! CM मोहन यादव की दो टूक, अवैध शराब और पटाखों पर भी सख्ती

By Ramanand Tiwari

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एमपी पुलिस हाउसिंग: निर्माण कार्यों में 63.20 करोड़ के कथित नुकसान का मामला, जिम्मेदारों से कब होगी वसूली?

By Ramanand Tiwari

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Live |शरद पवार की तबीयत बिगड़ी, मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती, बेटी सुप्रिया सुले ने दी जानकारी

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