खाद पर्याप्त होने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को जरूरत के अनुसार खाद मिलने में कोई परेशानी नहीं हो। उन्होंने कलेक्टरों सहित कृषि और विपणन विभाग के अमले को Alert Mode में रहने को कहा। अधिकारियों को निर्देश मिला कि किसानों की जरूरत देखकर समय पर खाद और उर्वरक उपलब्ध कराएं। समत्व भवन से हुई बैठक में खाद वितरण और किसानों की जरूरतों पर विशेष जोर रहा। अब सवाल यही है कि पर्याप्त खाद हर जरूरतमंद किसान तक समय पर कैसे पहुंचेगी? किल्लत होने पर कलेक्टर की जवाबदेही तय करके मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया।
सामान्य वर्षा वाले 12 जिलों में सर्वे
मुख्यमंत्री ने सामान्य वर्षा वाले प्रदेश के 12 जिलों में जल्द सर्वे कराने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि आनावारी के आंकड़े आने के बाद इन इलाकों में सर्वे शुरू हो। पात्र किसानों को सरकारी योजनाओं के अनुसार राहत राशि मिले, इसके लिए समय पर कार्रवाई हो।
दीपावली पर प्रतिबंधित पटाखों पर रोक
दीपावली पर प्रतिबंधित पटाखों का इस्तेमाल रोकने के लिए प्रशासन को सतर्क रहने को कहा। मुख्यमंत्री ने सेहत के लिए हानिकारक कार्बाइड गन और कार्बाइड लैंप पर अंकुश लगाने को कहा। बाजारों में फल, फूल, दीये और झालर बेचने वाले दुकानदारों को तहबाजारी से छूट दी जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि त्योहार पर ऐसे दुकानदारों को बेवजह परेशान नहीं किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को गरीब बस्तियों, अनाथालयों और वृद्धाश्रमों में पहुंचकर दीपावली मनाने का संदेश दिया। उन्होंने छोटे बच्चों के साथ त्योहार की खुशियां साझा करने का भी अधिकारियों से आग्रह किया।
अवैध शराब के ठिकानों पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने अवैध शराब के निर्माण, इस्तेमाल और परिवहन के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। जहरीली और नकली शराब के ठिकाने चिह्नित कर संबंधित लोगों पर कानूनी कार्रवाई के निर्देश मिले। शराब की अवैध बिक्री वाली एजेंटी, पैकारी और डायरी व्यवस्था पर रोक लगाने के निर्देश मिले। शराब ढोने वाले वाहनों का Physical Verification कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश भी दिए गए। लाइसेंस वाली दुकानों पर शराब निर्धारित मूल्य से अधिक नहीं बिके, इसके भी निर्देश दिए गए।
शराब के नमूनों की जांच, कलेक्टर और एसपी की संयुक्त जिम्मेदारी
पुलिस और आबकारी विभाग को समय-समय पर शराब के नमूने लेकर जांच कराने को कहा गया। जांच में मानव उपयोग के लिए हानिकारक तत्व मिलने पर संबंधित लाइसेंसधारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और आबकारी अधिकारियों को मिलकर अपने जिलों में जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। किसानों की खाद, त्योहारी बाजार और शराब नियंत्रण पर अब जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली परखनी होगी। खाद वितरण की Field Monitoring और अवैध शराब पर कार्रवाई ही इन निर्देशों की कसौटी होंगी।
नशे के बड़े कारोबारियों पर कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने गांजा और अफीम जैसे नशीले पदार्थों की अवैध खेती रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे का कारोबार चलाने वाले बड़े आरोपियों और उनके पूरे नेटवर्क की पहचान कर कार्रवाई की जाए। नशीले पदार्थ बनाने वाली अवैध लैब भी बंद कराई जाएं। इसके लिए विशेष Combat Team बनाकर सक्रिय करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अपराधियों के खिलाफ PIT-NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए। पुलिस और नारकोटिक्स की टीमें मिलकर जांच अभियान चलाएं।
स्कूल-कॉलेज और रेलवे स्टेशनों पर विशेष निगरानी
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के कारोबार को रोकने के लिए स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर खास नजर रखी जाए। नशामुक्ति के लिए बनी जिला स्तरीय समितियों की नियमित बैठकें भी की जाएं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे जनजातीय और अन्य वर्गों के विद्यार्थियों के छात्रावासों को गोद लें। वहां रहने वाले बच्चों को गुटखा, तंबाकू और खैनी जैसे नशीले पदार्थों से दूर रहने के लिए समझाएं। जिन जिलों में सामाजिक संस्थाएं नशामुक्ति केंद्र चला रही हैं, उन्हें केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय से अनुदान दिलाने के प्रयास किए जाएं। जहां नशामुक्ति केंद्र नहीं हैं, वहां नए केंद्र खोलने के लिए प्रस्ताव भेजे जाएं।
बैठक में ये वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
मुख्यमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, संजय कुमार शुक्ल, शिव शेखर शुक्ला, कृषि उत्पादन आयुक्त केसी गुप्ता, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह, प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय सोनाली वायंगणकर और एडीजी इंटेलिजेंस अंशुमन यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।