लाड़ली बहना योजना बंद कराने की मांग वाली याचिका हाईकोर्ट से खारिज, खर्च और कर्ज पर उठे थे सवाल
Amresh Kushwaha | Nov 04, 2026, 21:53 IST
लाड़ली बहना योजना को लेकर मध्यप्रदेश सरकार को हाईकोर्ट से राहत मिली है।
मध्यप्रदेश की लाड़ली बहना योजना को लेकर राज्य सरकार को हाईकोर्ट से राहत मिली है। योजना के खर्च और सरकारी खजाने पर पड़ने वाले असर को लेकर दायर जनहित याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। जस्टिस जीएस अहलूवालिया और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की बेंच ने कहा कि इसी तरह के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में पहले से सुनवाई चल रही है।
ऐसे में हाईकोर्ट में उसी मुद्दे पर अलग से सुनवाई करने की जरूरत नहीं है। हालांकि, कोर्ट ने योजना सही है या गलत, इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है।
चंद्रशेखर साहू ने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट में जनहित याचिका यानी PIL दायर की थी। उन्होंने लाड़ली बहना योजना पर खर्च हो रहे सरकारी पैसे और राज्य के बढ़ते कर्ज को लेकर सवाल उठाए थे।
याचिका में कहा गया था कि ऐसी योजनाओं को जारी रखने या उनका दायरा बढ़ाने से पहले सरकार को यह देखना चाहिए कि आने वाले वर्षों में राज्य के बजट पर कितना असर पड़ेगा। इसके लिए मध्यप्रदेश राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम, 2005 का भी हवाला दिया गया था।
याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि सरकार बताए कि अगले पांच साल में लाड़ली बहना योजना पर कितने पैसे खर्च होंगे। इसके अलावा उन्होंने चार प्रमुख मुद्दों पर जानकारी और आकलन की मांग की थी।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के सामने आया कि मुफ्त योजनाओं और चुनाव के समय किए जाने वाले आर्थिक लाभ के वादों से जुड़ा मामला पहले से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। सुप्रीम कोर्ट में अश्विनी कुमार उपाध्याय बनाम भारत संघ सहित अन्य मामलों में इस मुद्दे पर सुनवाई चल रही है।
हाईकोर्ट ने कहा कि जब इसी तरह का बड़ा मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के सामने है, तो उस पर अलग से समानांतर सुनवाई करना उचित नहीं होगा। इसी आधार पर चंद्रशेखर साहू की याचिका खारिज कर दी गई।
लाड़ली बहना योजना को लेकर हाईकोर्ट में पहले से एक और जनहित याचिका दायर की जा चुकी है। यह याचिका सुधा दुबे ने लगाई है। इस मामले में हाईकोर्ट नोटिस जारी कर चुका है। वहीं, चंद्रशेखर साहू की याचिका खारिज कर दी गई है। यानी दोनों मामलों की कानूनी स्थिति अलग है।
हाईकोर्ट के इस फैसले से लाड़ली बहना योजना बंद नहीं हुई है। अदालत ने केवल योजना के वित्तीय प्रबंधन को लेकर दायर चंद्रशेखर साहू की याचिका खारिज की है। कोर्ट ने यह भी तय नहीं किया है कि योजना पर सरकारी खर्च उचित है या नहीं।
इस विषय से जुड़े मामले सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। वहीं, लाड़ली बहना योजना से संबंधित एक अन्य याचिका हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है। फिलहाल इस फैसले से योजना के संचालन में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना मध्यप्रदेश सरकार की एक आर्थिक सहायता योजना है। इसकी शुरुआत जून 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की थी। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। इसके तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने सीधे पैसे भेजे जाते हैं। शुरुआत में महिलाओं को 1000 रुपए प्रतिमाह मिलते थे। अब यह राशि बढ़कर 1500 रुपए हो गई है।
योजना में सामान्य तौर पर 21 से 60 वर्ष से कम उम्र की पात्र विवाहित महिलाएं शामिल हैं। इनमें विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं भी आती हैं। सरकार ने भविष्य में सहायता राशि 3000 रुपए प्रतिमाह करने का वादा किया है। फिलहाल करीब 1.25 करोड़ महिलाएं इस योजना का लाभ ले रही हैं।
मध्य प्रदेश सरकार ने महिलाओं को आर्थिक मदद देने के लिए लाड़ली बहना योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए दिए जाते हैं। यह पैसा सीधे उनके बैंक खाते में आता है। महिलाएं इस राशि का इस्तेमाल घर के खर्च, बच्चों की जरूरतों और दूसरी जरूरी चीजों के लिए कर सकती हैं।
इस योजना का मकसद महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। सरकार चाहती है कि महिलाएं अपनी जरूरतों के लिए दूसरों पर कम निर्भर रहें। साथ ही, परिवार के फैसलों में भी उनकी भागीदारी बढ़े।
लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) का लाभ मध्य प्रदेश की पात्र महिलाओं को ही मिलता है। इसके लिए महिला का मध्य प्रदेश का निवासी होना जरूरी है। विवाहित महिलाओं के साथ विधवा, तलाकशुदा और पति से अलग रह रही पात्र महिलाएं भी इसमें शामिल हैं।
आवेदन वाले साल की 01 जनवरी को महिला की उम्र कम से कम 21 साल और 60 साल से कम होनी चाहिए। इसके अलावा परिवार की आय और दूसरी जरूरी शर्तें भी पूरी करनी होती हैं।
यदि आप लाड़ली बहना योजना की पात्रता, आवेदन या किस्त का स्टेटस जानना चाहते हैं, तो इसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।
वेबसाइट: https://cmladlibahna.mp.gov.in/
यहां योजना से जुड़ी जरूरी जानकारी मिल सकती है।
लाड़ली बहना योजना के खिलाफ क्यों दायर हुई थी याचिका?
याचिका में कहा गया था कि ऐसी योजनाओं को जारी रखने या उनका दायरा बढ़ाने से पहले सरकार को यह देखना चाहिए कि आने वाले वर्षों में राज्य के बजट पर कितना असर पड़ेगा। इसके लिए मध्यप्रदेश राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम, 2005 का भी हवाला दिया गया था।
सरकार से 5 साल के खर्च का हिसाब मांगा था
- योजना से सरकार के राजस्व और बजट घाटे पर कितना असर पड़ेगा।
- राज्य पर कर्ज का बोझ कितना बढ़ सकता है।
- सड़क, भवन और दूसरे विकास कार्यों के लिए मिलने वाले पैसे पर क्या असर होगा।
- आने वाले वर्षों में योजना चलाने के लिए सरकार किस तरह पैसों का इंतजाम करेगी।
हाईकोर्ट ने क्यों खारिज की याचिका?
हाईकोर्ट ने कहा कि जब इसी तरह का बड़ा मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के सामने है, तो उस पर अलग से समानांतर सुनवाई करना उचित नहीं होगा। इसी आधार पर चंद्रशेखर साहू की याचिका खारिज कर दी गई।
लाड़ली बहना योजना पर एक और याचिका लंबित
क्या अब लाड़ली बहना योजना बंद होगी?
इस विषय से जुड़े मामले सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। वहीं, लाड़ली बहना योजना से संबंधित एक अन्य याचिका हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है। फिलहाल इस फैसले से योजना के संचालन में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
क्या है लाड़ली बहना योजना ?
योजना में सामान्य तौर पर 21 से 60 वर्ष से कम उम्र की पात्र विवाहित महिलाएं शामिल हैं। इनमें विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं भी आती हैं। सरकार ने भविष्य में सहायता राशि 3000 रुपए प्रतिमाह करने का वादा किया है। फिलहाल करीब 1.25 करोड़ महिलाएं इस योजना का लाभ ले रही हैं।
लाड़ली बहना योजना का मकसद?
इस योजना का मकसद महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। सरकार चाहती है कि महिलाएं अपनी जरूरतों के लिए दूसरों पर कम निर्भर रहें। साथ ही, परिवार के फैसलों में भी उनकी भागीदारी बढ़े।
किन महिलाओं को मिलता है योजना का लाभ?
आवेदन वाले साल की 01 जनवरी को महिला की उम्र कम से कम 21 साल और 60 साल से कम होनी चाहिए। इसके अलावा परिवार की आय और दूसरी जरूरी शर्तें भी पूरी करनी होती हैं।
योजना की जानकारी कहां मिलेगी?
वेबसाइट: https://cmladlibahna.mp.gov.in/
यहां योजना से जुड़ी जरूरी जानकारी मिल सकती है।
अब नक्शे से चलेगा छत्तीसगढ़ का विकास, AI चैटबॉट बताएगा कहां चाहिए बैंक, कहां लगेगा उद्योग और कहां पहुंचेंगी सरकारी योजनाएं।
By VINAY VERMA

CG Top News : सौरभ के बाद रवि उप्पल गिरफ्तार, अमित जोगी की पुलिस को तलाश; युवती की मौत से मचा बवाल, चुनावी खर्च के आंकड़े चौंकाएंगे
By Umeshwari Baghel
कलेक्ट्रेट पर ताला लगने का डर, फिर भी 15 कार्य दिवस की होशियारी! एक अपर कलेक्टर, दो SDM मनुहार में जुटे, ऐसे सुलझा मामला
By Neel Tiwari
किसानों की खाद फैक्ट्रियों में पहुंची तो अधिकारियों पर भी कार्रवाई, राजस्थान में यूरिया-DAP की कालाबाजारी रोकने के सख्त निर्देश
By Raghvendra Singh Rathore
जयपुर से अमेरिका पहुंचे परिवार की बेटी पिया डांडिया ने जीता US कांग्रेस चुनाव, फ्लोरिडा से बनीं सांसद
By Ashish Bhardwaj
दिवाली से पहले जयपुर नगर निगम में 11 हजार शिकायतें लंबित, 1087 स्ट्रीट लाइट खराब, सफाई के दावों पर सवाल
By Raghvendra Singh Rathore
सौरभ के बाद अब रवि उप्पल दुबई में गिरफ्तार, महादेव सट्टा ऐप के दूसरे मास्टरमाइंड पर शिकंजा
By Arun Tiwari