मोदी कैबिनेट विस्तार पर बड़े मंत्री का इशारा- सब बदल सकता है, सिर्फ मोदी-शाह रहेंगे!
Sameer Chougaonkar | Aug 25, 2026, 15:49 IST
मोदी कैबिनेट विस्तार
मोदी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सरगर्मियां तेज हैं। एक वरिष्ठ मंत्री के संकेत के मुताबिक पीएम मोदी और अमित शाह के अलावा पूरे कैबिनेट में बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है।
मोदी सरकार के एक बड़े मंत्री और संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाले नेता ने मंत्रिमंडल विस्तार (Cabinet Expansion) को लेकर बेहद चौंकाने वाला इशारा किया है। उन्होंने साफ कहा है कि आने वाले कुछ दिनों में मोदी सरकार में बड़ा बदलाव तय है। जब उनसे पूछा गया कि इस नए रूप में कौन शामिल होगा, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि कोई भी मंत्री बन सकता है।
हालांकि एक बात पूरी तरह साफ है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह अपने पद पर बने रहेंगे, बाकी पूरा ढांचा बदल सकता है। यह फेरबदल भविष्य की पूरी राजनीति को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (Nitin Nabin) की नई टीम में जिस तरह से 64 पदाधिकारियों को जगह मिली है, ठीक उसी तर्ज पर सरकार का भी नया स्वरूप सामने आएगा। संसद की पहली कतार में बैठने वाले वरिष्ठ चेहरों के बजाय इस बार पिछली कतारों और राज्य इकाइयों से आने वाले नेताओं को मौका मिल सकता है।
इस बार मोदी का मंत्रिमंडल गहरी काट-छांट के बाद बनेगा। सारे फेरबदल और गुणा-भाग अगले 2029 के लोकसभा चुनाव और उसके पहले होने वाले तमाम राज्यों के विधानसभा चुनाव को देखकर किए जा सकते हैं।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने साल 2024 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) में 240 सीटें जीती थीं और बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई थी। इसके बाद जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, राष्ट्रीय अध्यक्ष की बांकीपुर और मध्यप्रदेश की दतिया सीट से हार ने बीजेपी को फिर से बैकफुट पर धकेल दिया है।
बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व को लग रहा है कि संघ से संबंधों में उभरी दूरी को दूर करना जरूरी है। साथ ही, वह संघ ही है जो ऐसे माहौल में बीजेपी के लिए जमीनी स्तर पर सकारात्मक माहौल बना सकता है।
इसी बीच 19 से 21 अगस्त तक विशाखापत्तनम (Visakhapatnam) में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS - Rashtriya Swayamsevak Sangh) की अखिल भारतीय समन्वय बैठक में नितिन नवीन को साफ कहा गया कि युवाओं की नाराजगी दूर करने के लिए उन्हें सरकार में अहम पद दिए जाएं।
अभी वर्तमान में मोदी सरकार की बात करें तो मोदी कैबिनेट में इस समय मोदी को मिलाकर कुल 70 मंत्री हैं। 30 कैबिनेट मंत्री, 5 स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री और 36 राज्यमंत्री शामिल हैं। मोदी कैबिनेट में अधिकतम 81 मंत्री बन सकते हैं। ऐसे में सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि क्या मोदी मंत्रिमंडल विस्तार की संवैधानिक सीमा 81 पर पहुंचेंगे या अभी मंत्रिमंडल का जितना आकार है, उसके आसपास ही रहने वाला है? प्रदेशों का प्रतिनिधित्व कैसा होगा? आठ महीने बाद पांच राज्यों में चुनाव हैं, तो क्या चुनाव वाले राज्यों को प्राथमिकता दी जाएगी?
अभी मोदी सरकार में राज्यों का प्रतिनिधित्व देखें तो इस समय उत्तरप्रदेश से 10 (मोदी को मिलाकर 11), बिहार से 8, गुजरात से 5, महाराष्ट्र से 6, मध्यप्रदेश से 6, कर्नाटक से 5, राजस्थान से 4, हरियाणा से 3, आंध्रप्रदेश से 3, ओडिशा से 3, असम से 2, झारखंड से 2, पश्चिम बंगाल से 2, तेलंगाना से 2, गोवा से 1, केरल से 1, हिमाचल प्रदेश से 1, उत्तराखंड से 1, अरुणाचल प्रदेश से 1, पंजाब से 1, दिल्ली से 1 और छत्तीसगढ़ से 1 मंत्री हैं।
मोदी मंत्रिमंडल विस्तार में राज्यों के प्रतिनिधित्व में बदलाव होना तय है। सबसे बड़ा बदलाव उत्तरप्रदेश से दिखेगा क्योंकि आठ महीने बाद उत्तरप्रदेश में विधानसभा चुनाव हैं और अभी सबसे ज्यादा मंत्री 11 उत्तरप्रदेश से हैं। उत्तरप्रदेश से कई नए चेहरों को मौका देते समय जातिगत और सामाजिक समीकरण ध्यान में रखा जाएगा। नितिन नवीन की टीम में भी उत्तरप्रदेश का दबदबा दिख है।
आठ पदाधिकारी उत्तरप्रदेश से लिए गए हैं। उसी तरह मोदी मंत्रिमंडल में भी उत्तरप्रदेश का दबदबा दिखेगा। अभी मोदी सरकार में मोदी को मिलाकर 11 मंत्री हैं। 3 कैबिनेट, 1 राज्यमंत्री और 7 राज्यमंत्री शामिल हैं। ऐसे में बड़ा बदलाव यूपी के मंत्रियों में दिख सकता है।
मध्यप्रदेश की बात करें तो मध्यप्रदेश से शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया और वीरेंद्र खटीक कैबिनेट मंत्री हैं। शिवराज और ज्योतिरादित्य बने रहेंगे। ज्योतिरादित्य के विभाग में बदलाव हो सकता है। वीरेंद्र खटीक के बाहर होने के आसार हैं। सावित्री ठाकुर और दुर्गादास उईके की जगह किसी अन्य को जगह मिल सकती है।
नितिन नवीन की टीम में भी मध्यप्रदेश का प्रभाव दिख है। राज्यसभा सांसद माया नारोलिया मंत्री बन सकती हैं। भिंड से लोकसभा सांसद संध्या राय, सागर से सांसद लता वानखेड़े, शहडोल की सांसद हिमाद्री सिंह भी मंत्री बन सकती हैं।
राजस्थान से फिलहाल 2 कैबिनेट, 1 स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री और 1 राज्यमंत्री हैं। राजस्थान से भूपेंद्र यादव और गजेंद्र सिंह शेखावत मंत्री बने रहेंगे। अर्जुन राम मेघवाल कैबिनेट मंत्री बन सकते हैं। राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी का बाहर होना तय है। भूपेंद्र यादव का विभाग बदला जा सकता है। राजस्थान से राज्यसभा भेजी गई अलका गुर्जर मंत्री बन सकती हैं। राजस्थान से राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया भी मंत्री बन सकते हैं। वे आदिवासी हैं, लेकिन उनकी उम्र 72 वर्ष है, जो राह में रोड़ा बन सकती है।
छत्तीसगढ़ से मोदी सरकार में फिलहाल बिलासपुर से सांसद तोखन साहू शामिल हैं। छत्तीसगढ़ को पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में खास तवज्जो दी गई है। सोशल मीडिया प्रमुख दीपक म्हस्के के साथ महिला मोर्चा की अध्यक्ष का पद महासमुंद से सांसद रूप कुमारी चौधरी को दिया गया है। ऐसे में मोदी सरकार में छत्तीसगढ़ से कोई बड़ा फेरबदल होगा, इसकी संभावना कम है। हालांकि रायपुर से सांसद बृजमोहन अग्रवाल मंत्री बनने की उम्मीद कर रहे हैं।
मोदी सरकार में बड़ा फेरबदल होगा, ठीक वैसे ही जैसे राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में हुआ है। संगठन में बदलाव के साथ टीम घोषित हो गई है। सरकार में बदलाव अगले कुछ दिनों में होने की प्रबल संभावना दिख रही है।
नोट- प्रिंट मीडिया में दो दशक से सक्रियसमीर चौगांवकर राजनीतिक पत्रकारिता के एक विश्वसनीय और स्थापित नाम हैं। इंडिया टुडे, दैनिक भास्कर, राजस्थान पत्रिका और एशिया टाइम्स सहित देश-विदेश के प्रतिष्ठित मंचों पर उनके लेख प्रकाशित होते हैं। भाजपा, पीएमओ, संसद और आरएसएस की गहरी कवरेज तथा प्रमुख न्यूज चैनलों पर तथ्यपरक राजनीतिक विश्लेषण उनकी पहचान है। इस लेख में व्यक्त विचार लेखक के निजी हैं।
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हालांकि एक बात पूरी तरह साफ है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह अपने पद पर बने रहेंगे, बाकी पूरा ढांचा बदल सकता है। यह फेरबदल भविष्य की पूरी राजनीति को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
मोदी के नए मंत्रिमंडल का नितिन फॉर्मूला
इस बार मोदी का मंत्रिमंडल गहरी काट-छांट के बाद बनेगा। सारे फेरबदल और गुणा-भाग अगले 2029 के लोकसभा चुनाव और उसके पहले होने वाले तमाम राज्यों के विधानसभा चुनाव को देखकर किए जा सकते हैं।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने साल 2024 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) में 240 सीटें जीती थीं और बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई थी। इसके बाद जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, राष्ट्रीय अध्यक्ष की बांकीपुर और मध्यप्रदेश की दतिया सीट से हार ने बीजेपी को फिर से बैकफुट पर धकेल दिया है।
युवाओं को सरकार में दिए जाएं अहम पद- RSS
इसी बीच 19 से 21 अगस्त तक विशाखापत्तनम (Visakhapatnam) में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS - Rashtriya Swayamsevak Sangh) की अखिल भारतीय समन्वय बैठक में नितिन नवीन को साफ कहा गया कि युवाओं की नाराजगी दूर करने के लिए उन्हें सरकार में अहम पद दिए जाएं।
वर्तमान मोदी कैबिनेट में राज्यों का गणित
अभी मोदी सरकार में राज्यों का प्रतिनिधित्व देखें तो इस समय उत्तरप्रदेश से 10 (मोदी को मिलाकर 11), बिहार से 8, गुजरात से 5, महाराष्ट्र से 6, मध्यप्रदेश से 6, कर्नाटक से 5, राजस्थान से 4, हरियाणा से 3, आंध्रप्रदेश से 3, ओडिशा से 3, असम से 2, झारखंड से 2, पश्चिम बंगाल से 2, तेलंगाना से 2, गोवा से 1, केरल से 1, हिमाचल प्रदेश से 1, उत्तराखंड से 1, अरुणाचल प्रदेश से 1, पंजाब से 1, दिल्ली से 1 और छत्तीसगढ़ से 1 मंत्री हैं।
राज्यवार बदलाव का समझें गणित
आठ पदाधिकारी उत्तरप्रदेश से लिए गए हैं। उसी तरह मोदी मंत्रिमंडल में भी उत्तरप्रदेश का दबदबा दिखेगा। अभी मोदी सरकार में मोदी को मिलाकर 11 मंत्री हैं। 3 कैबिनेट, 1 राज्यमंत्री और 7 राज्यमंत्री शामिल हैं। ऐसे में बड़ा बदलाव यूपी के मंत्रियों में दिख सकता है।
मोदी कैबिनेट से किसका पत्ता होगा साफ
मध्य प्रदेश से किसका पत्ता कटेगा, किसको मिलेगा मौका?
नितिन नवीन की टीम में भी मध्यप्रदेश का प्रभाव दिख है। राज्यसभा सांसद माया नारोलिया मंत्री बन सकती हैं। भिंड से लोकसभा सांसद संध्या राय, सागर से सांसद लता वानखेड़े, शहडोल की सांसद हिमाद्री सिंह भी मंत्री बन सकती हैं।
राजस्थान से किसका पत्ता कटेगा, किसको मिलेगा मौका?
छत्तीसगढ़ से किसका पत्ता कटेगा, किसको मिलेगा मौका?
मोदी सरकार में बड़ा फेरबदल होगा, ठीक वैसे ही जैसे राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में हुआ है। संगठन में बदलाव के साथ टीम घोषित हो गई है। सरकार में बदलाव अगले कुछ दिनों में होने की प्रबल संभावना दिख रही है।
नोट- प्रिंट मीडिया में दो दशक से सक्रिय
FAQ
- मोदी कैबिनेट में अधिकतम कितने मंत्री हो सकते हैं?
भारतीय संविधान के 91वें संशोधन के अनुसार, मंत्रिपरिषद की कुल संख्या लोकसभा के कुल सदस्यों की संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। इस नियम के तहत मोदी सरकार में प्रधानमंत्री को मिलाकर अधिकतम 81 मंत्री शामिल हो सकते हैं।
अभ्यन्तरम्: CJI की एक टिप्पणी और गिर गई मंत्री की कुर्सी...
209 दिन बाद बनी नितिन नवीन की नई टीम, नए चेहरों पर रहा फोकस
संसद के मानसून सत्र में मोदी सरकार का सरप्राइज बिल कौन सा? अकेली पड़ी कांग्रेस
मोदी कैबिनेट विस्तार से लेकर नवीन की टीम तक... जल्द मचेगी सियासी हलचल!
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