विधानसभाओं में युवा और रसूखदार का दबदबा: चार राज्यों के चुनावी नतीजों का नया ट्रेंड

Amresh Kushwaha | May 06, 2026, 12:23 IST
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2026 के विधानसभा चुनावों में असम, बंगाल, केरलम और तमिलनाडु में युवाओं की भागीदारी बढ़ी है। वहीं, विधायकों की औसत संपत्ति में भारी इजाफा देखा गया है।

असम, पश्चिम बंगाल, केरलम और तमिलनाडु की चुनावी जीत के बाद अब सत्ता के गलियारों की नई तस्वीर साफ हो चुकी है। साल 2026 के ये चुनावी नतीजे सिर्फ हार-जीत का फैसला नहीं हैं, बल्कि ये भारतीय राजनीति में आ रहे एक बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रहे हैं। इस बार के सदन में युवाओं का जोश और रसूखदारों की आर्थिक ताकत का एक अनोखा मेल देखने को मिल रहा है। thesootr की इस रिपोर्ट में जानिए कैसे बदली है आपकी विधानसभा की सूरत...



युवाओं के हाथों में विधानसभा की कमान

इन चार राज्यों में युवा प्रतिनिधित्व को लेकर उत्साहजनक आंकड़े सामने आए हैं। पश्चिम बंगाल में जहां 2021 में चुने गए प्रतिनिधियों की औसत उम्र 54.5 वर्ष थी, वह 2026 में घटकर 51.8 वर्ष रह गई है।



इसी तरह तमिलनाडु में बड़ा बदलाव दिखा, जहां विधायकों की औसत उम्र 55.9 वर्ष (2021) से कम होकर अब 52.1 वर्ष (2026) पर आ गई है। केरलम में भी मामूली गिरावट के साथ औसत उम्र 56 से 55 वर्ष हुई है।



हालांकि, असम में यह ट्रेंड थोड़ा अलग रहा, जहां 2021 की औसत उम्र 52.3 वर्ष के मुकाबले 2026 में विधायकों की औसत आयु 52.8 वर्ष दर्ज की गई है।



करोड़पति विधायकों की बढ़ी संख्या

सत्ता की दहलीज लांघने वाले माननीय इस बार पिछले चुनाव के मुकाबले कहीं अधिक धनवान हैं। चुनाव आयोग में दाखिल हलफनामों (Affidavits) के अनुसार, तमिलनाडु में विधायकों की औसत संपत्ति में चौंकाने वाला उछाल आया है।



2021 में यह 12.3 करोड़ रुपए थी, जो 2026 में बढ़कर 48.6 करोड़ रुपए हो गई है। असम में भी रसूख बढ़ा है, जहां औसत संपत्ति 4.7 करोड़ से बढ़कर 8.9 करोड़ रुपए हो गई है। केरलम में यह आंकड़ा 3.1 करोड़ से बढ़कर 7 करोड़ और पश्चिम बंगाल में 2.5 करोड़ से बढ़कर 3.7 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।



महिला प्रतिनिधित्व: कहीं खुशी, कहीं गम

राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को लेकर मिले-जुले रुझान मिले हैं। तमिलनाडु ने यहां बाजी मारी है, जहां महिला विधायकों की संख्या 2021 की 12 के मुकाबले 2026 में लगभग दोगुनी यानी 23 हो गई है।



वहीं पश्चिम बंगाल में एक विरोधाभास दिखा; बीजेपी ने 208 सीटों के साथ बड़ी जीत दर्ज की, लेकिन राज्य में महिला विधायकों की संख्या 40 (2021) से घटकर 37 (2026) रह गई। केरलम (11 महिला विधायक) और असम (6-7 महिला विधायक) में स्थिति लगभग पिछले चुनाव जैसी ही बनी हुई है।



शिक्षा का स्तर और डेटा का आधार

विधायकों की योग्यता की बात करें तो पश्चिम बंगाल में स्नातकों (Graduates) का प्रतिशत 61.6% से बढ़कर 64% हो गया है। केरलम में भी शिक्षा के प्रति रुझान बढ़ा है, जहां 73.7% विधायक स्नातक हैं। हालांकि तमिलनाडु और असम में इस बार स्नातक विधायकों के प्रतिशत में मामूली गिरावट देखी गई है।



यह सारा विश्लेषण चुनाव आयोग और ADR के उन आंकड़ों पर आधारित है जिसमें 2026 के लिए विभिन्न विधानसभाओं के चयनित नमूनों (जैसे तमिलनाडु के 124 और असम के 292 विधायकों का डेटा) को आधार बनाया गया है।



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