बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी: SIT की बड़ी कार्रवाई, मंदिर के पूर्व अधिकारी गिरफ्तार
समझें क्या है पूरा मामला...
- रिटायरमेंट के 17 दिन बाद ही पहुंच गई गिरफ्तारी की बारी।
- बद्रीनाथ में दान चोरी, अब पूर्व अधिकारी सलाखों के पीछे।
- बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी में SIT का बड़ा एक्शन, अफसर गिरफ्तार।
- मंदिर के भीतर से ही हो रही थी गड़बड़ी, जांच में खुलासा।
- रिटायर होते ही फंस गए, अब पूछताछ का सामना।
बद्रीनाथ मंदिर में दान और चढ़ावे में गड़बड़ी का मामला सामने आया था। इसकी जांच के लिए SIT बनाई गई। SIT ने बदरी-केदार मंदिर समिति के पूर्व अधिकारी राजेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार किया। चौहान 30 जून को ही रिटायर हुए थे। अब उनसे पूछताछ चल रही है।
उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित बद्रीनाथ धाम इन दिनों एक बड़े विवाद के केंद्र में है। यहां चढ़ावे और दान से जुड़ी कथित गड़बड़ी की जांच कर रही विशेष जांच दल यानी एसआईटी (SIT – Special Investigation Team) ने एक बड़ी कार्रवाई की है।
30 जून को ही रिटायर हुए थे राजेंद्र सिंह
एसआईटी ने बदरी-केदार मंदिर समिति यानी बीकेटीसी (BKTC – Badri-Kedar Temple Committee) के पूर्व टेंपल अधिकारी राजेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी 17 जुलाई को हुई।
खास बात यह है कि राजेंद्र सिंह चौहान 30 जून को ही अपने पद से रिटायर हुए थे। रिटायरमेंट के महज 17 दिन बाद ही उन्हें एसआईटी ने गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी चढ़ावे और दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं और चोरी की जांच के सिलसिले में हुई है।
एसआईटी लंबे समय से इस मामले की जांच कर रही थी। जांच में मिले तथ्यों के आधार पर ही यह कार्रवाई की गई। फिलहाल राजेंद्र सिंह चौहान से पूछताछ जारी है। अधिकारियों का मानना है कि आगे की जांच में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद
यह पूरा मामला तब चर्चा में आया जब सोशल मीडिया पर बद्रीनाथ मंदिर में दान की गिनती के दौरान अनियमितताओं के आरोप सामने आए। इसके बाद भैरव सेना नाम के एक संगठन ने भी इस मामले में शिकायत दर्ज कराई। संगठन ने गहन जांच और एफआईआर (FIR – First Information Report) दर्ज करने की मांग उठाई थी।
बढ़ते विवाद के बाद उत्तराखंड सरकार हरकत में आई। पिछले हफ्ते सरकार ने तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया। गढ़वाल मंडल के कमिश्नर इस समिति के अध्यक्ष बनाए गए। समिति को अपनी पूरी रिपोर्ट और सिफारिशें राज्य सरकार को सौंपनी हैं।
पुलिस के मुताबिक मंदिर समिति के अधिकारी युधवीर फरस्वान की शिकायत पर 8 जुलाई को बद्रीनाथ थाने में मामला दर्ज किया गया था। इसकी पुष्टि एसएसपी (SSP – Senior Superintendent of Police) सुरजीत सिंह पंवार ने समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI – Press Trust of India) से बातचीत में की।
जांच समिति ने क्या सिफारिशें दीं
जांच के लिए बनी समिति ने अपनी 18 पन्नों की रिपोर्ट सरकार को सौंपी। इस रिपोर्ट में कई अहम सुझाव दिए गए हैं। समिति ने चढ़ावे की गिनती के दौरान ड्रेस कोड लागू करने की सिफारिश की है।
गिनती केंद्र और अन्य संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी बात कही गई है। इसके अलावा निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने और श्रद्धालुओं की भागीदारी सुनिश्चित करने जैसे सुझाव भी शामिल हैं।
पहले भी हो चुकी है एक गिरफ्तारी
यह पहली गिरफ्तारी नहीं है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर बीकेटीसी अध्यक्ष कार्यालय में तैनात निजी सहायक प्रमोद नौटियाल को पहले ही निलंबित किया जा चुका था। बाद में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर 13 जुलाई को गिरफ्तार भी कर लिया गया।
इतना ही नहीं, मंदिर के कोषाध्यक्ष का भी तबादला किया गया। इसकी वजह चढ़ावे के रजिस्टर में मिली ओवरराइटिंग की गड़बड़ियां बताई गई हैं।
आगे क्या हो रही है जांच
एसआईटी अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस कथित गड़बड़ी में प्रमोद नौटियाल के अलावा और भी लोग शामिल थे। जांच के तहत पुराने सीसीटीवी फुटेज की भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
खास बात यह है कि कथित तौर पर डिलीट किए गए फुटेज को भी रिकवर करने की कोशिश की जा रही है। यह फुटेज मामले की तह तक पहुंचने में अहम कड़ी साबित हो सकता है। पूरे मामले पर अगली अपडेट का इंतजार बना हुआ है।
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